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खुफिया सैटेलाइट्स से की जाएगी भारतीय सीमाओं की निगरानी, इसरो अगले 5 साल में 50 उपग्रह लॉन्च करने की योजना बना रहा है

By शिवेन्द्र कुमार राय | Updated: December 29, 2023 11:13 IST

इसरो प्रमुख ने कहा कि किसी भी राष्ट्र के लिए ये जानना जरूरी है कि उसकी सीमाओं के आसपास क्या हो रहा है। आज के समय में यह सब उपग्रहों से देखा जा सकता है। यह क्षमता हमें भारी बढ़त प्रदान करती है।

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ठळक मुद्देइसरो अगले 5 साल में 50 उपग्रह लॉन्च करने की योजना बना रहा हैखुफिया जानकारियां जुटाने के लिए फिलहाल जरूरत से कम सैटेलाइट- इसरो प्रमुखये जानना जरूरी है कि उसकी सीमाओं के आसपास क्या हो रहा है - इसरो प्रमुख

नई दिल्ली: भारत की सीमाओं की निगरानी और दुश्मन की किसी भी चाल पर 24 घंटे नजर रखने के लिए भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) एक बड़ा कदम उठाने जा रहा है। इसरो के प्रमुख एस सोमनाथ ने कहा है कि  भारत भू-खुफिया जानकारी जुटाने के लिए अगले पांच वर्षों में 50 उपग्रह लॉन्च करने की योजना बना रहा है। इस पहल में विभिन्न कक्षाओं में उपग्रहों की एक पूरी सीरीज स्थापित की जाएगी जो सैनिकों की आवाजाही पर नज़र रखने और हजारों किलोमीटर क्षेत्र की छवि लेने की क्षमता रखती है।

भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान बॉम्बे (आईआईटी-बी) द्वारा आयोजित एक वार्षिक विज्ञान और प्रौद्योगिकी कार्यक्रम 'टेकफेस्ट' में बोलते हुए उन्होंने कहा कि भारत के उपग्रह बेड़े का वर्तमान आकार एक मजबूत राष्ट्र बनने की भारत की महत्वाकांक्षा को साकार करने के लिए पर्याप्त नहीं है। इसरो प्रमुख ने कहा कि फिलहाल खुफिया जानकारियां जुटाने के लिए जितने सैटेलाइट हमारे पास हैं उसके 10 गुना कम से कम हमारे पास होने चाहिए।

इसरो के प्रमुख एस सोमनाथ ने कहा कि परिवर्तनों का पता लगाने के लिए उपग्रहों की क्षमता में सुधार करना, डेटा का विश्लेषण करने के लिए एआई-संबंधित और डेटा-संचालित दृष्टिकोण लाना, डेटा डाउनलोड कम करना और केवल आवश्यक जानकारी प्राप्त करना महत्वपूर्ण है।

इसरो प्रमुख ने कहा कि किसी भी राष्ट्र के लिए ये जानना जरूरी है कि उसकी सीमाओं के आसपास क्या हो रहा है। आज के समय में यह सब उपग्रहों से देखा जा सकता है। यह क्षमता हमें भारी बढ़त प्रदान करती है। 

बता दें कि भारत की सीमाएं पाकिस्तान, चीन, नेपाल, भूटान, बांग्लादेश और म्यांमार जैसे देशों से मिलती हैं। इनमें से पाकिस्तान और चीन से लगी सीमा बेहद संवेदनशील है और यह एक दुर्गम इलाका भी है जहां खुली आंखों या कैमरे से पूरी निगरानी कर पाना असंभव है। चीन और पाक सीमा पर हमारे सैनिक बड़े पैमाने पर तैनात हैं। पाकिस्तान की तरफ से जहां लगातार आतंकी हमले के खतरे का सामना करना पड़ता है वहीं चीन से लगी सीमा पर भी अब हालात बेहद नाजुक हैं। यही कारण है कि भारत को शक्तिशाली उपग्रहों की जरूरत है जो किसी छोटी हलचल को भी पकड़ सकें। पड़ोसी चीन के पास ऐसी क्षमता पहले से ही है और वह पाकिस्तान को भी जानकारी देता रहता है। ऐसे में भारत के पास अपने शक्तिशाली खुफिया उपग्रह हों जो निगरानी कर सकें यह बेहद जरूरी है।

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