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Vivek Sahay New DGP: राजीव कुमार हटे, पश्चिम बंगाल के नए डीजीपी विवेक सहाय

By सतीश कुमार सिंह | Updated: March 18, 2024 17:40 IST

Vivek Sahay New DGP: चुनाव आयोग द्वारा आज मौजूदा डीजीपी को हटाने के बाद आईपीएस अधिकारी विवेक सहाय को पश्चिम बंगाल का अगला पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) नियुक्त किया है।

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ठळक मुद्देविवेक सहाय को पश्चिम बंगाल का अगला डीजीपी नियुक्त किया गया है।1988 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं।हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के गृह सचिवों को हटाने का आदेश दिया।

Vivek Sahay New DGP: लोकसभा चुनाव से पहले पश्चिम बंगाल में हलचल तेज हो गई है। निर्वाचन आयोग ने सबसे पहले पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) राजीव कुमार को हटाने का आदेश दिया। इसके बाद नया डीजीपी नियुक्त किया गया। समान अवसर सुनिश्चित करने के मद्देनजर निर्वाचन आयोग ने बड़ा फैसला किया है। आयोग द्वारा आज पश्चिम बंगाल के डीजीपी राजीव कुमार को हटाने के बाद आईपीएस अधिकारी विवेक सहाय को पश्चिम बंगाल का अगला डीजीपी नियुक्त किया गया है। 1988 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं। यह निर्णय आगामी लोकसभा चुनावों से पहले, स्वतंत्र, निष्पक्ष और पारदर्शी चुनाव सुनिश्चित करने के भारतीय चुनाव आयोग (ईसीआई) के प्रयासों के हिस्से के रूप में लिया गया है। पश्चिम बंगाल की 42 लोकसभा सीट के लिए चुनाव सात चरणों में होंगे, जिसकी शुरुआत 19 अप्रैल से होगी।

यह नियुक्ति आयोग द्वारा राजीव कुमार को डीजीपी पद से हटाने के कुछ घंटों के भीतर की गई। वर्ष 1988 बैच के आईपीएस अधिकारी सहाय महानिदेशक एवं कमांडेंट जनरल (होमगार्ड) के पद पर तैनात थे। कुमार को पिछले साल दिसंबर में राज्य का पुलिस महानिदेशक नियुक्त किया गया था।

सूत्रों ने कहा कि कुमार को अंतरिम व्यवस्था के रूप में सूचना एवं प्रौद्योगिकी विभाग में स्थानांतरित कर दिया गया है। सूत्रों ने बताया कि पश्चिम बंगाल के डीजीपी को स्थानांतरित करने का निर्णय इसलिए लिया गया, क्योंकि अधिकारी को पहले भी राज्य में 2016 के विधानसभा चुनाव और 2019 के लोकसभा चुनावों के दौरान चुनाव प्रबंधन संबंधी ड्यूटी से हटा दिया गया था।

संदेशखाली घटना पर फोकसः संदेशखली को लेकर विपक्ष ने ममता सरकार पर हमला बोला था। बंगाल पुलिस की कथित निष्क्रियता की आलोचना के बाद पश्चिम बंगाल के डीजीपी जांच के दायरे में आए थे। इलाके में अशांति देखी गई थी। पीएम नरेंद्र मोदी ने भी हमला बोला था। महिला प्रदर्शनकारी तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) नेता शेख शाहजहां को लेकर प्रदर्शन कर रही थीं।

प.बंगाल के डीजीपी को हटाने पर टीएमसी ने कहा- निर्वाचन आयोग पर भाजपा के नियंत्रण का उदाहरण

पश्चिम बंगाल के पुलिस महानिदेशक राजीव कुमार को हटाए जाने की आलोचना करते हुए, तृणमूल कांग्रेस ने सोमवार को दावा किया कि यह निर्वाचन आयोग (ईसी) पर भाजपा के "नियंत्रण" का एक ज्वलंत उदाहरण है। टीएमसी महासचिव कुणाल घोष ने एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए दावा किया कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को राज्य में लोकसभा सीट खोने का डर सता रहा है।

लोकसभा चुनाव में समान अवसर सुनिश्चित करने के प्रयास के तहत निर्वाचन आयोग ने छह राज्यों के गृह सचिव और पश्चिम बंगाल के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) के अलावा मिजोरम और हिमाचल प्रदेश के सामान्य प्रशासनिक विभागों के सचिव को भी हटाने का आदेश दिया। घोष ने कहा, "भाजपा निर्वाचन आयोग सहित सभी संस्थानों का दुरुपयोग करने की कोशिश कर रही है।

पश्चिम बंगाल की जनता ममता बनर्जी के साथ

वे नियुक्ति समिति को बदलकर निर्वाचन आयुक्तों की नियुक्ति में भी हस्तक्षेप कर रहे हैं। आज उठाया गया कदम निर्वाचन आयोग पर भाजपा के नियंत्रण का एक ज्वलंत उदाहरण है।’’ उन्होंने कहा, "यदि भाजपा ऐसे 100 अधिकारियों को भी बदल दे तो कोई फर्क नहीं पड़ता क्योंकि पश्चिम बंगाल की जनता ममता बनर्जी के साथ है।’’

आयोग ने सोमवार को गुजरात, उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के गृह सचिवों को हटाने का आदेश दिया। सूत्रों ने यह जानकारी दी। आयोग ने पश्चिम बंगाल के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) को हटाने का भी आदेश दिया। साथ ही मिजोरम और हिमाचल प्रदेश के सामान्य प्रशासनिक विभागों के सचिवों को हटा दिया गया है।

बीएमसी के आयुक्त और अतिरिक्त आयुक्तों एवं उपायुक्तों का स्थानांतरण करने का आदेश दिया

लोकसभा चुनाव के कार्यक्रम की घोषणा के कुछ दिनों बाद आयोग ने बृह्नमुंबई महानगर पालिका के आयुक्त इकबाल सिंह चहल, अतिरिक्त आयुक्तों और उपायुक्तों को हटाने का भी आदेश दिया। आयोग ने सभी राज्य सरकारों को निर्देश दिया था कि वे चुनाव संबंधी कार्यों से जुड़े उन अधिकारियों का तबादला करें, जिन्होंने (पद पर) तीन साल पूरा कर लिया है या अपने गृह जिलों में तैनात हैं।

महाराष्ट्र ने कुछ नगर निगम आयुक्तों, अतिरिक्त आयुक्तों और उपायुक्तों के संबंध में निर्देशों का पालन नहीं किया था। आयोग ने नाखुशी जताते हुए महाराष्ट्र के मुख्य सचिव को सोमवार शाम छह बजे तक रिपोर्ट देने के निर्देश के साथ ही बीएमसी के आयुक्त और अतिरिक्त आयुक्तों एवं उपायुक्तों का स्थानांतरण करने का आदेश दिया।

मुख्य सचिव को महाराष्ट्र में समान रूप से पदस्थापित सभी नगर निगम आयुक्तों और अन्य निगमों के अतिरिक्त आयुक्तों या उपायुक्तों को स्थानांतरित करने का भी निर्देश दिया गया है। यह आदेश मुख्य निर्वाचन आयुक्त (सीईसी) राजीव कुमार और निर्वाचन आयुक्तों - ज्ञानेश कुमार और सुखबीर सिंह संधू के बीच सोमवार को यहां हुई बैठक के बाद आया है।

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