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बूंद-बूंद पानी के लिए तरस रहा है शिमला, जानें क्यों हुई पानी की कमी?

By ऐश्वर्य अवस्थी | Updated: May 30, 2018 15:19 IST

शिमला शहर में पानी की समस्या को आठ दिन से ज्यादा हो गए हैं। शहर में जगह-जगह पानी के लिए लोगों को लंबी कतारों में लगना पड़ रहा है।

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शिमला, 30 मई: गर्मियां शुरू होते ही पानी की परेशानी भी प्रारम्भ हो जाती है। खबर के अनुसार हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में पेयजल संकट इन दिनों देखने को मिल रहा है। यहां पानी की समस्या को आठ दिन से ज्यादा हो गए हैं। शहर में जगह-जगह पानी के लिए लोगों को लंबी कतारों में लगना पड़ रहा है।

शहर में पेयजल संबंधी समस्या गर्मियों में तब आफत बनकर आई है, जब सबसे अधिक पर्यटक आते हैं। पानी की जबरदस्त किल्लत के कारण ज्यादा पैसों में पानी बिक रहा है। इतना ही नहीं पानी की समस्या के कारण होटलों की बुकिंग तक कैसिंग कर दी गई है। लोग इस समस्या से इतना परेशान हो गए हैं कि सड़कों तक पर उतर आए। कहा जा रहा है कि 1 जून से यहां की पानी की समस्या खत्म हो जाएगी।

 

पानी की समस्या पर एक्शन 

पानी की समस्या के बीच  जयराम सरकार के आईपीएच मंत्री महेंद्र ठाकुर एक्शन एम.सी. अधिकारियों से शिमला में पानी की कमी की वजह पूछी तो पता चला है कि यहां  कुछ बड़े नेताओं, रसूखदारों और होटल मालिकों को मेन लाइन से कनेक्शन दिए गए हैं। इस वजह से प्रभावशाली लोगों के घरों में 24 घंटे पानी चल रहा है। जहां पानी को निजी कामों के जरिए बहाया जा रहा है। दूसरी तरफ आम जनता पानी को तरस रही है। इतना ही नहीं उन्होंने इस तरह के कनेक्शन को लेकर जांच के भी आदेश दिए हैं।

इतना ही नहीं उन्होंने समस्या को देखते हुए कनेक्शन काटने को कहा है। उन्होंने बताया कि शिमला में रसूखदारों और होटलियर से की-मैन की सैटिंग भी पानी की कमी का अहम कारण है। इस वजह से आम जनता को पानी नहीं मिल पा रहा है। उन्होंने बताया कि शिमला में वाटर डिस्ट्रिब्यूशन में खामियों की बदौलत जनता पानी को तरस रही है। इन दिनों भी शिमला को 18 से 19 एम.एल.डी. पानी मिल रहा।

शिमला में लगेंगे 11  हैंडपंप

शिमला शहर में पानी की कमी को देखते हुए विभाग ने 11 नई साइट हैंडपंप लगाने की बात कही गई है। इसके लिए अर्की से मशीन मंगवा दी गई है। 20 दिन के अंदर हैंडपंप के लिए शिमला में 4 और साइट चिन्हित की जाएंगी और 15 हैंडपंप स्थापित किए जाएंगे।

कितना गिरा पानी का स्तर

शिमला के पेयजल भंडारण टैंकों में पहुंचने वाले पानी की मात्रा 20 एमएलडी से भी कम हो गई है। यहां करीब 70 फीसदी तक पानी का स्तर गिर गया है। शहरी विकास मंत्रालय के मापदंडों के अनुसार 135 लीटर प्रति व्यक्ति पानी के हिसाब से शहर में हर रोज आपूर्ति के लिए केवल 36.45 एमएलडी पानी की जरूरत है। शिमला में आम दिनों में रोजाना 42 मिलियन लीटर पानी की सप्लाई होती है, जो इस बार गर्मी में केवल 22 मिलियन लीटर रह गई है।

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