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चीनी मोबाइल के इस्तेमाल से भारतीय सैनिक और उनके परिवार बनाएं दूरी, एडवाइजरी जारी कर खुफिया एजेंसियों ने किया अलर्ट- रिपोर्ट

By आजाद खान | Updated: March 9, 2023 09:23 IST

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, देश में कुल ऐसे 11 चीनी ब्रांड है जो अलग-अलग कीमत पर अपनी फोन की बिक्री करते है। ऐसे में इन ब्रांड के फोन को लेकर सतर्क रहने और किसी अन्य गैर चीनी ब्रांड के फोन को इस्तेमाल करने की बात कही गई है।

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ठळक मुद्देमीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, देशी खुफिया एजेंसियों ने एक एडवाइजरी जारी की है। यह एडवाइजरी भारतीय सैनिक और उनके परिवारों के चीनी मोबाइलों के इस्तेमाल को लेकर की गई है। रिपोर्ट की अगर माने तो खुफिया एजेंसियों को ऐसा लगता है कि इन मोबाइलों के इस्तेमाल से देश को खतरा हो सकता है।

नई दिल्ली: मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, सैन्य खुफिया एजेंसियों ने भारतीय सैनिकों को एडवाइजरी जारी कर चीनी मोबाइल के इस्तेमाल से परहेज करने की सलाह दी है। यही नहीं सैन्य खुफिया एजेंसियों भारतीय सैनिकों के परिवार को भी इससे दूर रहने को कहा गया है। रिपोर्ट के अनुसार, ऐसी एडवाइजरी इसलिए जारी की गई है ताकि इससे देश को किसी किस्म का खतरा न हो। 

हालांकि यह पहली बार नहीं है कि भारतीय सेना के जवानों को चीनी मोबाइलों से दूर रहने को कहा गया है। इससे पहले भी कई बार इन जवानों को चीनी मोबाइलों को इस्तेमाल नहीं करने की सलाह दी गई है। आपको बता दें कि जिन चीनी फोन को इस्तेमाल नहीं करने की सलाह दी गई है उनमें से अधिकतर कंपनियां चीन के बड़े ब्रांड है। 

एडवाइजरी में क्या कहा गया है 

CNN News 18 की एक रिपोर्ट के अनुसार, घटनाक्रम से जुड़े सूत्रों की माने तो सेना के जवानों द्वारा ऐसे फोन से बचने और किसी अन्य फोन खासकर किसी भारतीय ब्रांड के मोबाइल को इस्तेमाल करने की बात कही गई है। जारी एडवाइजरी में सैनिकों के परिवार को भी इन चीनी ब्रांड वाले फोन को यूज करने से परहेज करने को कहा गया है। 

रिपोर्ट के अनुसार, जिन फोन को इस्तेमाल नहीं करने की सलाह दी गई है उनकी लिस्ट भी बताई गई है और देश में बिक्री होने वाले ऐसे 11 चीनी ब्रांड है जैसे वनप्लस, ओप्पो और रियलमी जिनके फोन के खरीद, बिक्री और इस्तेमाल से दूरी बनाने को कहा गया है। 

इससे पहले भी कई बार ऐसे ही किया गया है अलर्ट

रिपोर्ट की माने तो ऐसे एडवाइजरी इसलिए जारी किए है कि क्योंकि ऐसे मामले सामने आए है जिनमें चीनी मोबाइलों में मैलवेयर और स्पाइवेयर पाए गए है। इस पर बोलते एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया है कि "यह पहली बार नहीं है जब इस तरह की सलाह जवानों को दी गई है, लेकिन इसे अभी तक प्रसारित नहीं किया गया है। अधिकारी ने कहा कि हर कोई चीन की मंशा और उस मूल के मोबाइल फोन का उपयोग करने में शामिल जोखिम को जानता है।'' 

आपको बता दें कि इससे पहले खुफिया एजेंसियां ने चीनी ऐप के भी इस्तेमाल पर अलर्ट किया था। यही नहीं इसी कड़ी में बहुत पहले भारत सरकार द्वारा वीडियो शेयरिंग ऐप टिक-टॉक को भी बैन कर दिया गया है। ऐसे में केवल टिक-टॉक ही नहीं बल्कि कई और चीनी ऐप पर सरकार ने भारत में इस्तेमाल पर रोक लगा दी है।   

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