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प्रचंड हेलीकॉप्टर, विमानवाहक पोत और तेजस विमान से जुड़ी परियोजनाएं शुरू करने जा रहा है भारत, 1 लाख 40 हजार करोड़ की होगी लागत

By शिवेन्द्र कुमार राय | Updated: November 25, 2023 16:12 IST

लगभग 55,000 करोड़ रुपये की लागत से 97 तेजस मार्क-1ए लड़ाकू विमान खरीदे जाएंगे। सियाचिन ग्लेशियर और पूर्वी लद्दाख जैसे ऊंचाई वाले क्षेत्रों में आक्रामक अभियानों में सक्षम 156 प्रचंड हेलीकॉप्टर (सेना के लिए 90, IAF के लिए 66) की लागत लगभग 45,000 करोड़ रुपये होगी।

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ठळक मुद्दे1 लाख 40 हजार करोड़ की रक्षा परियोजनाएं शुरू करने जा रहा है भारतपरियोजनाओं की कुल लागत लगभग 1.4 लाख करोड़ रुपये होगी तीन बड़ी रक्षा परियोजनाओं को शुरू करने की घोषणा हो सकती है

नई दिल्ली: भारत सरकार बहुत जल्दी तीन बड़ी रक्षा परियोजनाओं को शुरू करने की घोषणा कर सकती है। इसमें एक और विमानवाहक पोत, 97 और तेजस लड़ाकू विमान और 156 प्रचंड हल्के लड़ाकू हेलीकॉप्टर बनाने की स्वदेशी परियोजनाओं को प्रारंभिक मंजूरी मिल सकती है। इन  तीन बड़ी स्वदेशी परियोजनाओं की  कुल लागत लगभग 1.4 लाख करोड़ रुपये होगी।

टीओआई की खबर के मुताबिक रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अगुवाई वाली रक्षा अधिग्रहण परिषद 30 नवंबर को होने वाली बैठक में तीन महत्वपूर्ण परियोजनाओं के लिए खरीद प्रक्रिया में पहला कदम उठा सकती है। एक बार शुरुआती स्वीकृति मिल जाने के बाद तीन सौदों को अंतिम मंजूरी के लिए सुरक्षा पर कैबिनेट समिति को सौंपे जाने से पहले निविदा और वाणिज्यिक बातचीत होगी। इन सभी परियोजनाओं को चीन से मिलती चुनौती और उसकी हर क्षेत्र में तेजी से बढ़ती क्षमताओं को देखते हुए शुरू किया जा रहा है। हालांकि इनके पूरे होने में कई साल का समय लग सकता है। 

टीओआई की खबर के मुताबिक लगभग 55,000 करोड़ रुपये की लागत से 97 तेजस मार्क-1ए लड़ाकू विमान खरीदे जाएंगे। फरवरी 2021 में हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स (एचएएल) के साथ  46,898 करोड़ रुपये के अनुबंध के तहत पहले ही  83 ऐसे जेट विमानों का सौदा हो चुका है। 97 तेजस मार्क-1ए लड़ाकू विमान शामिल होने के बाद इनकी संख्या 180 हो जाएगी। ये 180 तेजस जेट भारतीय वायुसेना के लिए अपने लड़ाकू स्क्वाड्रनों की संख्या को बढ़ाने के लिए महत्वपूर्ण हैं, जो घटकर केवल 31 रह गए हैं। विशेषज्ञों के अनुसार चीन और पाकिस्तान से निपटने के लिए कम से कम 42 की आवश्यकता है। 

इसके अलावा दूसरे स्वदेशी विमानवाहक पोत (IAC-2) को कोचीन शिपयार्ड में 44,000 टन के INS विक्रांत या IAC के "रिपीट ऑर्डर" के रूप में लगभग 40,000 करोड़ रुपये में बनाने में 8-10 साल लगेंगे। आईएनएस विक्रांत 2024 के मध्य तक ही पूरी तरह से युद्ध के लिए तैयार होगा। सियाचिन ग्लेशियर और पूर्वी लद्दाख जैसे ऊंचाई वाले क्षेत्रों में आक्रामक अभियानों में सक्षम 156 प्रचंड हेलीकॉप्टर (सेना के लिए 90, IAF के लिए 66) की लागत लगभग 45,000 करोड़ रुपये होगी।

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