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‘क्षेत्रीय मसौदा योजना’ में एनसीआर क्षेत्र को राजघाट से 100 किमी. के दायरे तक सीमित रखने का प्रस्ताव

By भाषा | Updated: December 17, 2021 17:26 IST

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नयी दिल्ली, 17 दिसंबर राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र योजना बोर्ड (एनसीआरपीबी) ने अपने ‘क्षेत्रीय योजना 2041 के मसौदे’ में एनसीआर क्षेत्र को दिल्ली में राजघाट से 100 किलोमीटर के दायरे तक सीमित रखने का प्रस्ताव दिया है ताकि क्षेत्र का अधिक ‘‘केंद्रित’’ और ‘‘सतत’’ विकास हो सके।

‘क्षेत्रीय योजना 2041 मसौदे’ में यह भी कहा गया है कि 100 किलोमीटर के दायरे के बाहर और एनसीआर की मौजूदा सीमा तक रेखीय गलियारे बनाए जाएंगे जिसमें एक्सप्रेसवे, राष्ट्रीय राजमार्ग, राज्य राजमार्ग और क्षेत्रीय रैपिड ट्रांजिट सिस्टम से एक किलोमीटर के भीतर आने वाले इलाके आएंगे।

उसने कहा कि इससे इन गलियारों पर आने वाले इलाकों के विकास पर ध्यान केंद्रित करने का मार्ग प्रशस्त होगा। इस योजना के मसौदे को बृहस्पतिवार को सार्वजनिक किया गया और इस पर सात जनवरी तक सुझाव या आपत्तियां मांगी गयी है, जिसके बाद बोर्ड इसे अधिसूचित कर देगा।

एनसीआरपीबी ने इस साल 12 अक्टूबर को हुई अपनी बैठक में इस मसौदे को सैद्धांतिक मंजूरी दे दी।

अभी एनसीआर करीब 150-175 किलोमीटर के क्षेत्र तक फैला है, जिसके तहत सभी जिले, तहसील और उनके ग्रामीण इलाके आते हैं। लेकिन इस क्षेत्रीय योजना 2041 को मंजूरी देने के साथ 100 किलोमीटर के दायरे से बाहर के इलाके एनसीआर का मुख्य हिस्सा नहीं रहेंगे।

क्षेत्रीय योजना 2041 के मसौदे में कहा गया है, ‘‘राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र राजघाट (दिल्ली) से 100 किलोमीटर के दायरे का मुख्यत: एक गोलाकार क्षेत्र होना चाहिए। अगर कोई भी तहसील 100 किमी. के दायरे के किसी भी तरह आती है तो उसे शामिल करने या न करने का फैसला संबंधित राज्य सरकारों पर छोड़ा जाएगा।’’

इसमें कहा गया है, ‘‘100 किलोमीटर के दायरे से बाहर और मौजूदा एनसीआर सीमा तक एक्सप्रेसवे/राष्ट्रीय राजमार्ग/राज्य राजमार्ग/क्षेत्रीय रैपिड ट्रांजिट सिस्टम को जोड़ने वाले मार्ग पर किसी भी तरह एक किलोमीटर के गलियारे पर सभी अधिसूचित शहरों को एनसीआर में शामिल किया जाएगा।’’

क्षेत्रीय मसौदा योजना 2014 के अनुसार, उत्तर प्रदेश और राजस्थान ने कहा है कि अगर कोई भी तहसील राजघाट (दिल्ली) से 100 किमी. के दायरे के भीतर आंशिक रूप से आती है तो ऐसी पूरी तहसील को एनसीआर क्षेत्र में शामिल किया जाना चाहिए।

हालांकि, हरियाणा ने केवल उन्हीं तहसील को एनसीआर के भीतर रखने का फैसला किया है जो पूरी तरह राजघाट से 100 किलोमीटर के दायरे के भीतर आती हैं।

बोर्ड के अधिकारियों ने यह स्पष्ट किया है कि गुरुग्राम, फरीदाबाद, नोएडा, ग्रेटर नोएडा, सोनीपत जैसे शहरों, मेरठ के कुछ इलाके तथा अन्य इलाके एनसीआर का हिस्सा रहेंगे क्योंकि वे 100 किमी. के दायरे के तहत आते हैं।

Disclaimer: लोकमत हिन्दी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।

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