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CAA-NRC के खिलाफ हो रहे प्रदर्शन के बीच RTI भेज PM मोदी से मांगा नागरिकता प्रमाणपत्र, जानें क्या जवाब मिला

By अनुराग आनंद | Updated: March 1, 2020 20:07 IST

पीएमओ ने आरटीआई के जवाब में कहा कि नागरिकता कानून 1955 की धारा 3 के तहत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जन्म से ही भारतीय हैं और यही उनके भारतीय होने का मूल आधार है।

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ठळक मुद्देएक व्यक्ति ने आरटीआई के माध्यम से पीएमओ से पूछा था कि पीएम मोदी राजनीति में आने से पहले क्या रामलीला में काम करते थे?पीएमओ ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जन्म से ही भारतीय हैं।

CAA व NRC  पर दिल्ली समेत देश भर में हो रहे हंगामा के बीच एक व्यक्ति ने प्रधानमंत्री कार्यालय को आरटीआई भेजकर देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का नागरिकता प्रमाण पत्र मांगा, तो प्रधानमंत्री कार्यालय ने इसके जवाब में कहा कि प्रधानमंत्री को इसकी जरूरत नहीं है।

क्विंट की रिपोर्ट के मुताबिक, पीएमओ ने कहा कि नागरिकता कानून 1955 की धारा 3 के तहत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जन्म से ही भारतीय हैं और यही उनके भारतीय होने का मूल आधार है।  पीएमओ ने कहा कि यही वजह है कि नागरिकता प्रमाणपत्र होने का सवाल ही उठता है। 

If PM ⁦@narendramodi⁩ does not require to register his citizenship, as per Section 3 of the Citizenship Act 1955, then why should others?Here is the PMO’s response to an RTI filed by Subhankar Sarkar (632/2020-PME) #CAA_NRC_NPR#DelhiRiot2020#DoubleStandardspic.twitter.com/WydrnFMZt8— seemi pasha (@seemi_pasha) February 29, 2020

जानें क्या है नागरिकता कानून, 1955 का सेक्शन 3-

नागरिकता कानून, 1955 के सेक्शन 3 में जन्म से नागरिकता की बात है। इसमें कहा गया है कि-

 सब-सेक्शन (2) को छोड़कर हर वो शख्स भारत का नागरिक है जो-

(a) 26 जनवरी, 1950 से 1 जुलाई, 1987 के बीच भारत में पैदा हुआ हो।

(b) 1 जुलाई, 1987 से लेकर नागरिकता संशोधन कानून, 2003 लागू होने तक भारत में पैदा हुआ हो और माता-पिता में कोई भी भारत के नागरिक हों।

(c) नागरिकता संशोधन कानून, 2003 लागू होने के बाद, जिसमें-

(i) माता-पिता दोनों भारत के नागरिक हों।(ii) माता-पिता में कोई एक भारत का नागरिक हो और दूसरा अवैध प्रवासी ना हो।

इससे पहले भी नरेंद्र मोदी के बारे में पूछे गए हैं सवाल-

आरटीआई में पहली बार देश के पीएम नरेंद्र मोदी से जुड़े सवाल नहीं पूछए गए हैं बल्कि पहले भी प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) को पीएम से जुड़े बेहद अजीब सवालों से गुजरना पड़ा है। पहले भी आरटीआई के जरिए लोगों ने पीएमओ से कई अजीबोगरीब सवाल पूछे हैं जो कुछ सवाल इस तरह के थे-

पिछले दिनों एक व्यक्ति ने आरटीआई के माध्यम से पीएमओ से पूछा था कि पीएम मोदी राजनीति में आने से पहले क्या रामलीला में काम करते थे? अगर हां, तो कौन सा किरदार निभाते थे? 

इसके अलावा, द क्विंट की रिपोर्ट की मानें तो आरटीआई के माध्यम से किसी ने पीएम मोदी का मोबाइल नंबर मांगा, तो किसी ने पूछी सिलेंडरों की संख्‍या के बारे में पूछा है। किसी ने पीएम मोदी का मोबाइल नंबर मांगा, तो किसी ने पूछा कि उनकी रसोई में कितने गैस सिलेंडर इस्तेमाल हुए।

इतना ही नहीं, सिलेंडरों की गिनती के साथ-साथ उनके बिल भी मांगे। यहां तक की एक व्यक्ति ने तो उनके प्रिंसिपल सेक्रेटरी को भी नहीं छोड़ा। प्रिंसिपल सेक्रेटरी नृपेंद्र मिश्र के पिकनिक के बारे में भी सवाल किए थे। पीएमओ ने ऐसे-ऐसे तमाम सवालों के जवाब दिए हैं।

टॅग्स :नरेंद्र मोदीआरटीआईइंडियाकैब प्रोटेस्टएनआरसी (राष्ट्रीय नागरिक पंजिका)दिल्ली
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