लाइव न्यूज़ :

बिहार में जातीय सियासत के आगे सभी दल रहे हैं नतमस्तक, चुनावी लाभ के लिए भड़काते रहे हैं भावना

By एस पी सिन्हा | Updated: May 6, 2023 16:49 IST

जाति न केवल राजनीतिक बल्कि अन्य क्षेत्रों में भी अहम भूमिका निभाती है। राज्य में चुनावों में अभी भी जाति ही मुख्य मुद्दा बन जाता है। विभिन्न पार्टियां टिकट भी इसी आधार पर बांटती हैं। 

Open in App
ठळक मुद्देप्राय: सभी राजनीतिक दल राज्य में जातीय समीकरण को साधने में जुटे रहते हैंजाति न केवल राजनीतिक बल्कि अन्य क्षेत्रों में भी अहम भूमिका निभाती हैराज्य में चुनावों में अभी भी जाति ही मुख्य मुद्दा बन जाता है

पटना:बिहार में सामंती पहचानों से ग्रसित जातिगत आधार की जड़ें पुरानी है। प्राय: सभी राजनीतिक दल राज्य में जातीय समीकरण को साधने में जुटे रहते हैं। जाति न केवल राजनीतिक बल्कि अन्य क्षेत्रों में भी अहम भूमिका निभाती है। राज्य में चुनावों में अभी भी जाति ही मुख्य मुद्दा बन जाता है। विभिन्न पार्टियां टिकट भी इसी आधार पर बांटती हैं। 

क्षेत्रीय दलों का तो आधार ही  कुछ खास जाति है। हालांकि हरेक पार्टी सार्वजनिक तौर पर तो यही कहती है कि “हम जातिवाद से परे हैं”, लेकिन बिहार की राजनीति को देखते हुए लगता है कि यहां बिना जाति के राजनीति हो ही नहीं सकती। लालू जहां यादवों के हितों को महत्व देते हैं तो नीतीश कुर्मी-कोयरी को प्राथमिकता देते आए हैं। 

लोजपा के दोनों गुट पूर्व केन्द्रीय मंत्री रामविलास पासवान के नाम पर पासवान वोटों पर अपना दावा जताता रहा है। राज्य की तथाकथित ऊंची जातियां (ब्राह्मण, राजपूत, भूमिहार, कायस्थ)  और वैश्य समाज अभी भाजपा की ‘प्रायोरिटी लिस्ट’ में है। इस तरह बिहार में जातिगत राजनीति हावी है और वोट व जीत का असली आधार भी यही है। 

यही कारण है कि जातीय जनगणना को लेकर भी सियासत खूब हो रही है। हालांकि जातीय गणना को पटना हाई कोर्ट ने अंतरिम आदेश देते हुए इस पर रोक लगा दी है। इसके बावजूद सभी दल जातियों के शुभचिंतक बनने को साबित करने में एक-दूसरे पर आरोप प्रत्यारोप लगा रहे हैं। ऐसे में जातीय जनगणना के राजनीतिक दलों के लाभ और हानि को तौलकर इसके मायने निकाले जा रहे हैं और उसी के अनुसार बयान भी दिए जा रहे हैं। 

हालांकि, जाति तोड़ने और अंतर्जातीय विवाह से सामाजिक विभेद खत्म करने के लिए कई स्तर पर मजबूत कोशिशें हुईं। बावजूद इसके राजनीतिक दल जातीय दल-दल को और गहरा करने के प्रयास में लगे रहे।

टॅग्स :बिहारआरजेडीजेडीयूलोक जनशक्ति पार्टी
Open in App

संबंधित खबरें

भारत'चंद दिनों के बलात्कार और दुष्कर्म के चंद आंकड़े दे रहा हूँ': नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने आंकड़े जारी कर सम्राट सरकार पर बोला तीखा हमला

क्राइम अलर्टडंडा और रॉड से हमला कर पत्नी फूल कुमारी दास, 3 बच्चे ह्रदय दास, संध्या दास और सोन दास को मार डाला, चंदनपट्टी गांव से दिल दहला देने वाली घटना

भारतशिविर में कुल 67 शिकायत, 30 दिन में करें समाधान नहीं तो 31वें दिन निलंबित?, रेफर नीति अपनाई तो सिविल सर्जन और डॉक्टरों के खिलाफ कार्रवाई?, सम्राट चौधरी ने दी चेतावनी

भारतबाप नीतीश कुमार-बेटे निशांत को डॉक्टर की जरूरत, स्वास्थ्य मंत्रालय दिया गया?, पूर्व सांसद और बाहुबली नेता आनंद मोहन का फूटा गुस्सा, वीडियो

भारततख्त श्री पटना साहिब गुरुद्वारे में माथा टेकने पटना पहुंचे पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने केन्द्र सरकार और भाजपा पर बोला तीखा हमला

भारत अधिक खबरें

भारतडिप्लोमेसी, डिनर और कोलोसियम की सैर; पीएम मोदी और जॉर्जिया मेलोनी की यादगार मुलाकात, देखें इटली दौरे की खास झलकियाँ

भारतPharmacy Strike Today: आज बंद रहेंगी दवा दुकानें! आज देशव्यापी हड़ताल पर रहेंगे दवा विक्रेता, मरीजों की बढ़ सकती है परेशानी

भारतWeather Today: आज बाहर निकलने से पहले देख लें वेदर अपडेट! दिल्ली में हीटवेव तो बेंगलुरु में बारिश की संभावना

भारतईमानदारी के अभाव में शातिर बन जाती है समझदारी

भारत"सरकार हर आयोजन को सड़क पर करा रही है": सड़कों पर नमाज को लेकर सीएम योगी पर अखिलेश का पलटवार