श्रीगनर, 27 अगस्तः कश्मीर में एक युवक के आर्मी जीप की बोनट पर बांधकर घुमाने जाने वाली तस्वीरें तो याद होगी? इस तस्वीर के सामने आने के बाद काफी विवाद शुरू हुआ और कई मानवाधिकार संगठनों ने इसकी निंदा की थी। कश्मीरी युवक फारुक अहमद डार को मानव ढाल बनाने वाले मेजर गोगोई भी काफी सुर्खियों में रहे। उनके खिलाफ कोर्ट ऑफ इंक्वायरी का आदेश दिया गया। इस घटना के बाद सेना प्रमुख ने काउंटर इनसरजेंसी ऑपरेशन में उनके निरंतर प्रयासों के लिए 'कमेंडेशन कार्ड' से भी सम्मानित किया। इस घटना पर सरकार ने भी मेजर गोगोई का बचाव किया था। मामला कुछ दिनों में शांत हो गया। लेकिन मेजर गोगोई फिलहाल होटल कांड में फंस गए हैं। उन पर कोर्ट मार्शल की तलवार लटक रही है।
श्रीनगर होटल कांड में भारतीय सेना के मेजर लीतुल गोगोई के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। मेजर गोगोई को कोर्ट ऑफ इन्क्वायरी में एक स्थानीय निवासी से दोस्ती करने और एक अभियान वाले क्षेत्र में अपने कार्य स्थल से दूर रहने का दोषी पाया गया है। जांच में मेजर गोगोई को ड्यूटी के दौरान कहीं और होने का जिम्मेदार ठहराया गया। इसके अलावा निर्देशों के खिलाफ जाकर स्थानीय लोगों से मेल-जोल बढ़ाने के लिए भी जिम्मेदार माना गया है।
क्या है पूरा मामला
पुलिस ने 23 मई को एक विवाद के बाद गोगोई को हिरासत में लिया था। जिसमें 18 वर्षीय महिला के साथ श्रीनगर के एक होटल में कथित तौर पर घुसने की कोशिश कर रहे थे। कुछ ही दिन बाद सेना ने उक्त घटना के संबंध में कोर्ट आफ इंक्वायरी का आदेश दे दिया था।सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत ने पहलगाम में कहा था कि अगर गोगोई को 'किसी भी अपराध' में दोषी पाया जाता है तो कठोर सजा दी जाएगी।