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हिंदू महासभा ने मथुरा कोर्ट में पिटीशन दायर करके ईदगाह मस्जिद की 'शुद्धीकरण' के लिए मांगी परमिशन

By आशीष कुमार पाण्डेय | Updated: May 23, 2022 21:55 IST

मथुरा के सिविल कोर्ट में ईदगाह मस्जिद के मामले को ले जाने के बाद हिंदू महासभा के कोषाध्यक्ष दिनेश शर्मा ने कहा कि ईदगाह मस्जिद श्री कृष्ण जन्मभूमि के गर्भगृह पर बनी हुई है।

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ठळक मुद्देहिंदू महासभा ने मथुरा की कोर्ट में कहा कि कृष्ण के प्राचीन मंदिर की जगह ईदगाह मस्जिद बनी हुई हैलिहाजा कोर्ट विवादित मस्जिद में नंदलाल के 'अभिषेक' और पूजा के लिए अनुमति दे वहीं मस्जिद कमेटी ने कहा कि हम अपना पक्ष सीधे कोर्ट के सामने रखेंगे, जब मामले की सुनवाई होगी

मथुरा: हिंदू महासभा ने मथुरा की सिविल कोर्ट में पिटीशन दायर करके ईदगाह मस्जिद की शुद्धीकरण के लिए परमिशन मांगी है। ये वही ईदगाह मस्जिद है, जिसे विवादित बताते हुए एक अन्य वादी महेंद्र प्रताप सिंह ने भी मथुरा की कोर्ट में अलग से याचिका दायर करके इसे सील किये जाने की मांग की है।

सिविल कोर्ट में ईदगाह मस्जिद के मामले को ले जाने के बाद हिंदू महासभा के कोषाध्यक्ष दिनेश शर्मा ने कहा कि ईदगाह मस्जिद श्री कृष्ण जन्मभूमि के गर्भगृह पर बनी हुई है। इसलिए हिंदू महासभा ने श्री कृष्ण के प्राचीन मंदिर की जगह बनी हुई विवादित मस्जिद में नंदलाल के 'अभिषेक' और पूजा के लिए अनुमति मांगी है। महासभा की पिटीशन पर एक जुलाई को सुनवाई होगी।

इसके साथ ही दिनेश शर्मा ने मुगल शासकों पर मंदिर तोड़े जाने का आरोप लगाते हुए कहा, "उन्होंने पहले हमारे मंदिरों पर तलवारों से हमला किया है और अब हम अपनी प्राचीन विरासत को लेकर रहेंगेष हिंदू महासाभा की स्पष्ट मांग है कि वहां से मस्जिद हटाकर मंदिर स्थापित हो। जिससे हिंदुओं का स्वाभिमान फिर से बहाल हो।"

इससे पहले कोर्ट ने मथुरा में कृष्ण जन्मस्थली की याचिका को स्वीकार कर लिया था। मथुरा की लोअर कोर्ट इस मामले की सुनवाई 26 मई को करेगी। याचिका उसी 2.37 एकड़ जमीन पर की घी है, जिसपर शाही ईदगाह मस्जिद बनी हुई है।

वैसे यह विवाद तो कुल 13.37 एकड़ भूमि के स्वामित्व से जुड़ा हुआ है, जिसे याचिकाकर्ता श्री कृष्ण जन्मभूमि बता रहे हैं। वहीं शाही ईदगाह मस्जिद इस कुल 13.37 एकड़ जमीन में से 2.37 एकड़ में जमीन पर बनी हुई है।

हिंदू महासभा द्वारा शाही ईदगाह पर किये गये दावे के बारे में मस्जिद कमेटी के सचिव तनवीर अहमद ने कहा, "जब मामला सुनवाई के लिए आएगा, तब हम अपना पक्ष रखेंगे। सिविल कोर्ट 'प्लेस ऑफ वर्शिप एक्ट 1991' का आकलन नहीं कर रही है और न ही वो इसके लिए सक्षम प्राधिकार रखती है। हमारा मानना है कि इस देश में कानून सभी के लिए समान है।"

इसके साथ ही उन्होंने कहा, "मथुरा तो पूरे देश के लिए धार्मिक सौहार्द की मिसाल है। यहां एक तरफ तो ईदगाह है वहीं दूसरी ओर श्री कृष्ण का मंदिर है। हमारे हिंदू भाई मंदिर में पूजा करते हैं और उनके साथ मुसलमान भी ईदगाह मस्जिद में अपनी नमाज अदा करते हैं। ये तो सदियों से चला आ रहा है और इसमें किसी को कोई समस्या नहीं हुई।"

टॅग्स :मथुराकोर्टTemple
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