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चीन पर एक और 'डिजिटल स्ट्राइक'! 54 चीनी ऐप पर भारत सरकार सुरक्षा कारणों से लगाएगी बैन: सूत्र

By विनीत कुमार | Updated: February 14, 2022 11:05 IST

भारत ने चीन को जवाब देने के लिए एक और बड़ा कदम उठाते हुए 54 चीनी ऐप पर प्रतिबंध लगाने का फैसला किया है। सूत्रों के हवाले से ये जानकारी सामने आई है। भारत पिछले करीब दो साल में 300 के आसपास चीनी ऐप पर बैन लगा चुका है।

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ठळक मुद्देचीन की 54 और मोबाइल ऐप पर जल्द बैन लगा सकती है, सूत्रों के हवाले से खबर।गलवान घाटी में चीनी सैनिकों के साथ हिंसक झड़प के बाद अब तक करीब 300 चीनी ऐप पर हो चुकी है कार्रवाई। चीनी ऐप पर भारतीयों के संवेदनशील डेटा चुराने जैसे आरोप, सरकार ने इन्हें निजता और सुरक्षा के लिए खतरा माना है।

नई दिल्ली: भारत सरकार सुरक्षा का हवाला देते हुए चीन की 54 ऐप पर जल्द बैन लगा सकती है। न्यूज एजेंसी एएनआई ने सूत्रों के हवाले से ये जानकारी दी है। सूत्रों के अनुसार स्वीट सेल्फी एचडी, ब्यूटी कैमरा- सेल्फी कैमरा, इक्वलाइजर एंड बास बूस्टर, कैमकार्ड फॉर सेल्सफोर्स एंट (amCard for SalesForce Ent), आईसोलैंड 2: ऐसेज ऑफ टाइम लाइट (Isoland 2: Ashes of Time Lite), वीवा वीडियो एडिटर, टेंसेंट ज्रिवर, ओनम्योजी चेस (Onmyoji Chess), ओलंपिक एरिना, ऐपलॉक, डुअल स्पेस लाइट आदि शामिल हैं।

साल 2020 में गलवान घाटी में चीनी सैनिकों के साथ हिंसक झड़प के बाद अब तक भारत सरकार करीब 300 चीनी ऐप पर प्रतिबंध लगा चुकी है। लद्दाख की गलवान घाटी में 15 जून को चीन और भारत के सैनिकों के बीच खूनी झड़प हुई थी। इसमें भारत के 20 जवान शहीह हो गए थे। 

गलवान घाटी की झड़प के बाद भारत सरकार ने उसी साल सबसे पहले 59 चीनी ऐप कार्रवाई करते हुए उन्हें प्रतिबंधित कर दिया था। इसमें वीचैट, बीगो लाइव, हैलो, लाइकी, कैम स्कैनर, वीगो वीडियो जैसे ऐप शामिल थे। इसके कुछ दिनों बाद भरत सरकार ने 47 और ऐप बैन किए थे।

टिकटॉक और पबजी जैसे कुछ चीनी मोबाइल ऐप पर सरकार प्रतिबंध लगा चुकी है। पिछले साल दिसंबर में इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने लोकसभा में कहा था पूर्व में चीनी ऐप पर लगे प्रतिबंध को हटाने का कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है। रिपोर्ट के अनुसार ताजा बैन किए जा रहे कई ऐप 2020 में बैन किए गए ऐप्स का ही 'रीब्रांडेड या रीक्रिएटेड' अवतार हैं। खासकर Tencent और अलीबाबा से ताल्लुक रखने वाले कई ऐप ने ऑनरशिप छिपाने के लिए अपना रूप बदल लिया था। 

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