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'ओमीक्रोन सबको होगा, भारतीयों में टीके का पहला डोज ही था बूस्टर', ICMR विशेषज्ञ का चौंकाने वाला दावा

By हरीश गुप्ता | Updated: January 12, 2022 09:05 IST

आईसीएमआर से जुड़े विशेषज्ञ डॉ. जयप्रकाश मुलीयिल के अनुसार कोरोना वायरस का ओमीक्रोन वेरिएंट डेल्टा की तुलना में बहुत हल्का है पर इसे रोक पाना बेहद मुश्किल है।

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ठळक मुद्देओमीक्रोन संस्करण डेल्टा की तुलना में बहुत हल्का है पर इसे रोकना मुश्किल: आईसीएमआर एक्सपर्टविशेषज्ञ ने कहा- ओमीक्रोन से बहुत कम मरीज अस्पताल में भर्ती हो रहे हैं और इससे निपटा जा सकता है।विशेषज्ञ के मुताबिक टीके लगाए जाने से पहले ही 85 प्रतिशत भारतीय कोविड से संक्रमित हो चुके थे।

नई दिल्ली: कोविड 19 का ओमीक्रोन संस्करण डेल्टा की तुलना में बहुत हल्का है पर इसे रोका नहीं जा सकता है और आखिरकार हर कोई इससे संक्रमित हो सकता है। देश के शीर्ष महामारी विज्ञानी और सरकारी विशेषज्ञ ने कहा कि इससे संक्रमित होने की सबसे अधिक आशंका है।

मीडिया के साथ बातचीत की श्रृंखला में आईसीएमआर से जुड़े शीर्ष विशेषज्ञ डॉ. जयप्रकाश मुलीयिल ने कहा कि कोविड अब भयावह बीमारी नहीं है क्योंकि नया वेरिएंट घातक नहीं, बल्कि हल्का है। उन्होंने जोर देकर कहा कि ओमीक्रोन से बहुत कम रोगी अस्पताल में भर्ती हो रहे हैं और देश इससे निपट सकता है।

'उम्मीद से पहले खत्म हो जाएगी कोरोना लहर'

आईसीएमआर के राष्ट्रीय महामारी विज्ञान संस्थान की वैज्ञानिक सलाहकार समिति के अध्यक्ष महामारी विशेषज्ञ डॉ. जयप्रकाश मुलीयिल के हवाले से कहा गया है कि हममें से अधिकांश को पता नहीं चलेगा कि हम संक्रमित हो गए हैं। शायद 80 प्रतिशत से अधिक को यह भी नहीं पता चलेगा कि वे इससे संक्रमित हुए थे।

इससे पहले पिछले दो दिनों क दौरान अलग-अलग साक्षात्कारों में दो आईआईटी प्रोफेसरों ने भी इसी तरह की भावना व्यक्त करते हुए कहा था कि देश में एक तरह की हर्ड इम्युनिटी बन गई है और वर्तमान लहर उम्मीद से जल्द खत्म हो जाएगी। मुंबई और कुछ अन्य शहरों में लहर कम हो रही है।

आईसीएमआर की जांच नीति में संशोधन का बचाव करते हुए उन्होंने कहा कि वायरस केवल दो दिनों में संक्रमण को दोगुना कर देता है, इससे जांच का नतीजा आने से पहले ही संक्रमित व्यक्ति इसे बड़ी संख्या में लोगों को फैला चुका होता है। आप जब जांच करते हैं तब भी आप बहुत पीछे चल रहे होते हैं।

टीके का पहला डोज ही था बूस्टर

एक चौंकाने वाले खुलासे में अध्ययन के आधार पर डॉ. मुलीयिल ने यह भी कहा कि भारत में टीके लगाए जाने से पहले ही 85 प्रतिशत भारतीय कोविड से संक्रमित हो चुके थे। लिहाजा टीके का पहला डोज व्यवहारिक रूप से पहली बूस्टर डोज था। उन्होंने ये भी कहा कि डेल्टा संस्करण की तुलना में ओमीक्रोन बहुत हल्का है।

टॅग्स :कोरोना वायरसओमीक्रोन (B.1.1.529)कोविड-19 इंडियाकोरोना वायरस इंडिया
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