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भारतीय भाषाओं में इंजीनियरिंग की पढ़ाई, हिंदी, तेलुगु, मराठी, गुजराती सहित 11 भाषा में पढ़ेंगे छात्र, जानें वेंकैया नायडू पर क्या लिखा...

By भाषा | Updated: July 21, 2021 19:26 IST

केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (एआईसीटीई) ने 11 क्षेत्रीय भाषाओं में बी.टेक पाठ्यक्रम को मंजूरी दी है।

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ठळक मुद्देहिंदी, मराठी, तमिल, तेलुगू, कन्नड़, गुजराती, मलयालम, बंगाली, असमी, पंजाबी और उड़िया शामिल हैं।नरेंद्र मोदी मुख्यधारा की शिक्षा में क्षेत्रीय भाषाओं को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।एआईसीटीई ने 11 क्षेत्रीय भाषाओं में बी.टेक पाठ्यक्रम को मंजूरी दी है।

नई दिल्लीः उपराष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू ने अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (एआईसीटीई) की सराहना की।

अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (एआईसीटीई) द्वारा नई शिक्षा नीति के अनुरूप 11 स्थानीय मातृ भाषाओं में बी. टेक. पाठ्यक्रमों को मान्यता दिए जाने की सराहना करते हुए बुधवार को कहा कि तकनीकी और व्यावसायिक शिक्षा प्रदान करने वाले अन्य शिक्षा संस्थान भी स्थानीय भाषाओं में पाठ्यक्रम उपलब्ध कराने के लिये आगे आएं।

उपराष्ट्रपति नायडू ने फेसबुक पोस्ट ‘मातृ भाषा में इंजीनियरिंग पाठ्यक्रम: सही दिशा में सही कदम’ में यह बात लिखी। उन्होंने कहा, ‘‘हम सभी जानते हैं कि भाषाएं हमारे जीवन का अभिन्न अंग होती हैं। हमारी मातृ भाषा, हमारी स्थानीय भाषाएं, हमारे लिए विशेष स्थान रखती हैं, उनसे हमारा जन्म से ही जीवनपर्यंत का संबंध होता है।’’

नायडू ने कहा कि भारत अपनी समृद्ध भाषाई और सांस्कृतिक विरासत के लिए विश्व भर में विख्यात है तथा यह सैकड़ों भाषाओं और हजारों बोलियों की भूमि है। उन्होंने कहा, ‘‘ हमारी भाषाई विविधता हमारी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत की नींव है। मुझे खुशी है कि अपनी भाषाओं के संरक्षण और संवर्धन के लिए हमने कई कारगर कदम उठाए हैं।’’

उपराष्ट्रपति ने कहा कि नई शिक्षा नीति के अनुसार, जहां तक संभव हो, कम से कम कक्षा 5 तक और बेहतर हो कि कक्षा 8 तक और उसके आगे भी..... मातृ भाषा/ स्थानीय भाषा/ क्षेत्रीय भाषा/ घरेलू भाषा में ही शिक्षा प्रदान करने के लिए प्रोत्साहित किया जाना चाहिए।

उन्होंने कहा ‘‘मैं देश के 8 राज्यों में स्थित उन 14 इंजीनियरिंग कॉलेजों का अभिनंदन करता हूं जिन्होंने नए शिक्षा सत्र से कुछ चुने हुए पाठ्यक्रमों को क्षेत्रीय भाषाओं में भी उपलब्ध कराने का निर्णय लिया है।’ उन्होंने कहा, ‘‘मुझे यह भी संतोष है कि नई शिक्षा नीति के अनुसार ही अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (एआईसीटीई) ने हिंदी, तेलुगु, मराठी, गुजराती, उड़िया, बांग्ला, असमिया, तमिल, कन्नड़, मलयालम, पंजाबी जैसी 11 स्थानीय मातृ भाषाओं में बीटेक पाठ्यक्रमों को मान्यता दे दी है।

यह सही दिशा में लिया गया सही कदम है।’ वेंकैया नायडू ने कहा कि तकनीकी और व्यवसायिक शिक्षा प्रदान करने वाले अन्य शिक्षा संस्थान भी आगे आएं और स्थानीय भाषाओं में पाठ्यक्रम उपलब्ध कराएं। ऐसी पहल विद्यार्थियों के लिए वरदान साबित होगी।

उपराष्ट्रपति एम. वेंकैया नायडू ने आठ राज्यों के 14 इंजीनियरिंग कॉलेजों के नए शैक्षणिक वर्ष से चुनिंदा शाखाओं में क्षेत्रीय भाषाओं में पाठ्यक्रम उपलबध कराने के निर्णय का स्वागत किया। प्रधान ने कहा, ‘‘इंजीनियरिंग कॉलेजों में क्षेत्रीय भाषाओं में पाठ्यक्रम उपलब्ध कराने के निर्णय का स्वागत करने के लिए माननीय उपराष्ट्रपति का आभार।’’ 

टॅग्स :एम. वेकैंया नायडूनरेंद्र मोदीशिक्षा मंत्रालयधर्मेंद्र प्रधानदिल्ली
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