मुंबई: शिवसेना सांसद और प्रवक्ता संजय राउत को प्रवर्तन निदेशालय की टीम ने हिरासत में ले लिया है। संजय राउत को घर से ले जाते समय समर्थकों की भारी भीड़ शिवसेना नेता के घर पर जुट गई। जाते समय संजय राउत अपने समर्थकों की तरफ भगवा गमछा लहराते हुए नजर आए। प्रवर्तन निदेशालय की टीम 1000 करोड़ से ज्यादा के पात्रा चॉल जमीन घोटाला मामले में उनसे पिछले आठ घंटे से पूछताछ कर रही थी।
बता दें कि ईडी के अधिकारी केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल के कर्मियों के साथ रविवार सुबह सात बजे संजय राउत के भांडुप उपनगर स्थित आवास 'मैत्री' पहुंचे और छापेमारी शुरू की थी।
इस मामले पर अब सियासी पारा भी गरम हो गया है। राजनीतिक बयानबाजी का दौर शुरू हो गया है। एक तरफ जहां ठाकरे गुट इसे बदले और डराने की कार्रवाई बता रहा है वहीं मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने कहा कि जांच एजेंसी सिर्फ अपना काम कर रही है। शिंदे ने कहा कि अगर राउत ने कुछ गलत किया ही नहीं है तो डर किस बात का है। कुछ देर पहले ही शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने ये आशंका जताई थी कि ईडी संजय राउत को गिरफ्तार कर सकती है। भाजपा पर बरसते हुए उद्धव ने यह भी कहा था कि संजय राउत पर ईडी का कार्रवाई बेशर्म साजिश है। उद्धव ने इसे राजनीतिक बदले की कार्रवाई कहा था।
बता दें कि 1000 करोड़ से ज्यादा के पात्रा चॉल जमीन घोटाला मामले में ईडी ने संजय राउत को 27 जुलाई को तलब किया था। लेकिन राउत अधिकारियों के सामने पेश नहीं हुए थे। इस पूरी कार्रवाई के बीच संजय राउत ने अपने ट्विटर हैंडल पर लिखा है, "मेरा किसी घोटाले से कोई लेना-देना नहीं है। यह मैं शिवसेना प्रमुख बालासाहेब ठाकरे की शपथ लेकर कह रहा हूं। बालासाहेब ने हमें लड़ना सिखाया है। मैं शिवसेना के लिए लड़ना जारी रखूंगा।" ईडी की कार्रवाई को डराने की कोशिश बताते हुए राउत ने कहा, मैं मर भी जाऊं तो समर्पण नहीं करूंगा।