लाइव न्यूज़ :

दिल्ली: छात्रनेता उमर खालिद की जमानत याचिका एक बार फिर खारिज, तीन बार टालने के बाद आया आदेश

By विशाल कुमार | Updated: March 24, 2022 13:02 IST

सितंबर 2020 में, दिल्ली पुलिस ने खालिद को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की भारत यात्रा के दौरान दिल्ली में सांप्रदायिक हिंसा की साजिश रचने के आरोप में गैरकानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम के तहत गिरफ्तार किया था।

Open in App
ठळक मुद्दे21 मार्च, से आज 23 मार्च तक तीन बार खालिद की जमानत याचिका पर फैसला टाल दिया गया था। अदालत ने 3 मार्च को अभियोजन पक्ष और खालिद के वकील की दलीलें सुनने के बाद अपना आदेश सुरक्षित रख लिया था।

नई दिल्ली: 14 सिंतबर, 2020 से जेल में बंद छात्रनेता और कार्यकर्ता उमर खालिद की जमानत याचिका आज 23 मार्च, 2022 को एक बार फिर खारिज हो गई।

फरवरी 2020 में राष्ट्रीय राजधानी को हिला देने वाले दिल्ली दंगों के संबंध में उन पर गैरकानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) के तहत आरोप लगाया गया है।

21 मार्च, से आज 23 मार्च तक तीन बार खालिद की जमानत याचिका पर फैसला टाल दिया गया था।  अदालत ने 3 मार्च को अभियोजन पक्ष और खालिद के वकील की दलीलें सुनने के बाद अपना आदेश सुरक्षित रख लिया था।

सितंबर 2020 में, दिल्ली पुलिस ने खालिद को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की भारत यात्रा के दौरान दिल्ली में सांप्रदायिक हिंसा की साजिश रचने के आरोप में गैरकानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम के तहत गिरफ्तार किया था। 

एफआईआर संख्या 59/2020 के सिलसिले में कई बुद्धिजीवियों, कार्यकर्ताओं और वकीलों को गिरफ्तार किया गया है, जिनमें ज्यादातर मुसलमान हैं। उन पर देशद्रोह और हत्या और हत्या के प्रयास सहित भारतीय दंड संहिता की 18 अन्य धाराओं का भी आरोप लगाया गया था।

दस दिन बाद हिरासत में रहने के दौरान भी उन्हें दिल्ली के उत्तर-पूर्व क्षेत्र में मुस्लिम बहुल इलाके खजूरी खास में और उसके आस-पास हिंसा से संबंधित एक अन्य मामले में फिर से गिरफ्तार किया गया था।

सुनवाई के दौरान खालिद ने अदालत को बताया कि अभियोजन पक्ष के पास उसके खिलाफ अपना मामला साबित करने के लिए चुनिंदा समाचार चैनलों से प्राप्त फुटेज के अलावा सबूतों की कमी है।

फरवरी 2020 में संशोधित नागरिकता कानून (सीएए) और राष्ट्रीय नागरिक पंजी (एनआरसी) के खिलाफ विरोध प्रदर्शन के दौरान हिंसा भड़क गई थी। दंगों में 53 लोग मारे गए थे और 700 से अधिक घायल हो गए थे।

खालिद के अलावा, कार्यकर्ता खालिद सैफी, जेएनयू छात्रा नताशा नरवाल व देवांगना कालिता, जामिया समन्वय समिति की सदस्य सफूरा जरगर, आम आदमी पार्टी (आप) के पूर्व निगम पार्षद ताहिर हुसैन और कई अन्य लोगों के खिलाफ भी यूएपीए के तहत मामला दर्ज किया गया था।

टॅग्स :उमर खालिददिल्लीकोर्टदिल्ली हिंसा
Open in App

संबंधित खबरें

भारतदिल्ली और उत्तरी भारत के कुछ हिस्सों में महसूस हुए भूकंप के झटके, अफगानिस्तान में आया भूकंप

भारतजो डर गया, समझो मर गया?, सौरभ भारद्वाज ने राघव चड्ढा पर निशाना साधा, कहा- केजरीवाल गिरफ्तार हुए तो विदेश में छिपा?

भारतस्वाति मालीवाल के बाद राघव चड्ढा पर गाज?, आखिर क्यों केजरीवाल के खास लोग छोड़ रहे साथ?

भारतएचएस फूलका ने आप को दिया झटका, बीजेपी में शामिल

क्राइम अलर्टएक ही उम्र के 4 लड़कों ने घेरकर शख्स को चाकू घोंपकर मोबाइल फोन लूटे, मादक पदार्थ के आदी लड़के

भारत अधिक खबरें

भारतकेंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने ग्रीनविच मीन टाईम को महाकाल स्टेंडर्ड टाईम में बदलने पर दिया जोर

भारतदलित समुदाय के 22 फीसदी वोट पर जमीन अखिलेश की निगाह , 14 अप्रैल पर अंबेडकर जयंती पर गांव-गांव में करेगी कार्यक्रम

भारतराघव चड्ढा पर आतिशी का बड़ा आरोप, 'BJP से डरते हैं, अगला कदम क्या होगा?'

भारतउत्तर प्रदेश उपचुनाव 2026ः घोसी, फरीदपुर और दुद्धी विधानसभा सीट पर पड़ेंगे वोट?, 2027 विस चुनाव से पहले सेमीफाइनल, सीएम योगी-अखिलेश यादव में टक्कर?

भारतTamil Nadu Polls: बीजेपी कैंडिडेट्स की लिस्ट में अन्नामलाई का नाम नहीं, 'सिंघम' किए गए साइडलाइन या नई जिम्मेदारी की तैयारी