लाइव न्यूज़ :

सेना भर्ती में जाति-धर्म प्रमाण पत्र मांगने के आरोपों पर बोले रक्षामंत्री राजनाथ सिंह- ये नियम आजादी से पहले का है, नहीं किया कोई बदलाव

By शिवेंद्र राय | Updated: July 19, 2022 14:04 IST

सेना भर्ती में मांगे गए आवेदनों में आवेदकों से जाति और धर्म प्रमाण पत्र भी उपलब्ध कराने को लेकर विपक्ष ने सरकार पर हमला बोला था। अब रक्षामंत्री ने खुद सामने आकर इस मामले पर स्थिति स्पष्ट की है।

Open in App
ठळक मुद्देये व्यवस्था आजादी के पहले से चली आ रही है- राजनाथ सिंहपुरानी व्यवस्था में कोई बदलाव नहीं किया गया है- राजनाथ सिंहपुरानी व्यवस्था को ही जारी रखा गया है- राजनाथ सिंह

नई दिल्ली: रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने उन आरोपों को अफवाह बताया है जिसमें कहा गया है कि सरकार ने सेना भर्ती की नई योजना अग्निपथ के तहत नियमों में बदलाव किया है और आवेदकों से जाति और धर्म प्रमाण पत्र मांगे हैं।  विपक्ष के इस आरोप पर कि अब अग्निपथ योजना के लिए जाति और धर्म प्रमाण पत्र मांगे जा रहे हैं रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि यह सिर्फ एक अफवाह है। ये व्यवस्था आजादी के पहले से चली आ रही है। पुरानी व्यवस्था में कोई बदलाव नहीं किया गया है। पुरानी व्यवस्था को ही जारी रखा गया है। इस मामले में सेना के अधिकारियों की तरफ से भी स्पष्ट किया गया था कि उम्मीदवारों के लिए जाति प्रमाण पत्र जमा करने और यदि आवश्यक हो तो धर्म प्रमाण पत्र उपलब्ध कराने के नियम हमेशा से मौजूद थे। इस संबंध में अग्निवीर भर्ती योजना में कोई बदलाव नहीं किया गया है।

क्या है पूरा मामला

दरअसल सेना की नई भर्ती योजना अग्निपथ के तहत मांगे गए आवेदनों में आवेदकों से जाति और धर्म प्रमाण पत्र भी उपलब्ध कराने को कहा गया था। इसी पर विपक्षी दल सरकार को घेरने लगे और आरोप लगाया कि ऐसा पहली बार हो रहा है। इस मामले में आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने ट्वीट करते हुए लिखा था कि मोदी सरकार का घटिया चेहरा देश के सामने आ चुका है। क्या नरेंद्र मोदी पिछड़ों, दलितों और आदिवासियों को सेना में भर्ती होने के काबिल नहीं मानते? भारत के इतिहास में पहली बार सेना भर्ती में जाति पूछी जा रही है। मोदी आपको अग्निवीर बनाना है, या जातिवीर। 

  इस मामले में भाजपा प्रवक्ता संबित पात्रा ने प्रेस कांफ्रेंस करके इस मामले पर स्पष्टीकरण दिया और संजय सिंह पर जमकर हमला बोला। संबित पात्रा ने कहा कि भारतीय सेना जाति-धर्म के आधार पर भर्ती नहीं करती। संबित पात्रा ने कहा कि सेना में प्रशासनिक और परिचालन की जरूरतों के लिए जाति और धर्म का ब्यौरा मांगा जाता है। संबित पात्रा ने कहा कि भारतीय सेना सर्वोच्च न्यायालय में पहले ही बता चुकी है कि युद्ध क्षेत्र में किसी सैनिक के शहादत के बाद होने वाले अंतिम कर्मकांड को सही तरीके से निभाने के लिए सेना में ये ब्यौरे मांगे जाते हैं। संबित पात्रा ने कहा कि केजरीवाल की पार्टी और संजय सिंह देश को गुमराह करने के लिए ऐसा कर रहे हैं।

टॅग्स :राजनाथ सिंहRajnath Union Defenseसंबित पात्राभारतीय सेनाअग्निपथ स्कीम
Open in App

संबंधित खबरें

भारतIndian Navy Warship INS Taragiri: समंदर तूफान में INS तारागिरी, ब्रह्मोस सुपरसोनिक मिसाइल से लैस, जानें खासियत

भारतफील्ड मार्शल सैम मानेकशॉ: पाक पर 1971 की महाविजय के नायक

भारतएस-400, मीडियम ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट, तोपें, गोला-बारूद, समेत 2.38 लाख करोड़ रुपये की रक्षा डील्स को मिली मंज़ूरी

भारतमिडिल ईस्ट विवादः राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में अंतर-मंत्रालयी समूह का गठन, शाह, सीतारमण और पुरी होंगे सदस्य, एक्शन में पीएम मोदी?

भारतजम्मू-कश्मीर में आतंकी हमलों का खतरा मंडराया?, खुफिया सूचनाएं और अधिकारी कर रहे हैं दावा?

भारत अधिक खबरें

भारतTamil Nadu Election 2026: क्या CBSE का नया सिलेबस भाषा विवाद की जड़? सीएम स्टालिन ने कहा- "भाषा थोपने का सुनियोजित प्रयास"

भारतFire Accident: ONGC मुंबई हाई प्लेटफॉर्म पर भीषण आग, 10 लोग घायल; राहत और बचाव कार्य जारी

भारतElection 2026: केरल में चुनावी हिंसा! शशि थरूर के काफिले पर हमला, गनमैन को भी पीटा, 5 धरे गए

भारतदेश के लिए समर्पित ‘एक भारतीय आत्मा’

भारतवाराणसी का रोम-रोम हुआ रोमांचित, दर्शकों ने देखा कैसा था सम्राट विक्रमादित्य का सुशासन, देखें Photos