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एलपीजी नेटवर्क कर्मचारियों के लिए 5 लाख का बीमा, अन्य को भी सलाह

By संतोष ठाकुर | Updated: March 30, 2020 19:32 IST

केंद्र सरकार ने अन्य जरूरी सेवाओंं से जुड़े विभाग और कार्यालयों को भी कहा है कि वे भी आवश्यक सेवा देने वाले कर्मचारियों के लिए इस तरह की योजना लाए। ऐसे कर्मियों में सफाई कर्मचारी, बस चालक परिचालक आदि शामिल हैं।

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ठळक मुद्देकोरोना के समय में उनकी सेवा को देखते हुए एक आर्थिक संबल देने के इरादे से किया गया है।डिलीवरी मेन हालांकि सेनेटाइजर,मास्क लगाने के साथ ही अन्य सुरक्षात्मक कदम उठा रहे हैं। लेकिन यह कदम निश्चित ही उनका विश्वास सेवा के प्रति बढ़ाएगा।

नई दिल्लीः केंद्र सरकार ने एलपीजी नेटवर्क से जुड़े डिलीवरी मेन एवं शो रूम व कार्यालय कर्मचारी के लिए 5 लाख रुपये की एक्स—ग्रेसिया या एकबारगी बीमा का ऐलान किया।

यह फैसला कोरोना के समय में उनकी सेवा को देखते हुए एक आर्थिक संबल देने के इरादे से किया गया है। इस राशि का भुगतान संबंधित पेट्रोलियम कंपनियों की ओर से किया जाएगा। केंद्र सरकार ने अन्य जरूरी सेवाओंं से जुड़े विभाग और कार्यालयों को भी कहा है कि वे भी आवश्यक सेवा देने वाले कर्मचारियों के लिए इस तरह की योजना लाए। ऐसे कर्मियों में सफाई कर्मचारी, बस चालक परिचालक आदि शामिल हैं।

सरकार के इस फैसले को समयोचित करार देते हुए आल इंडिया एलपीजी डिस्ट्रीब्यूशन फैडरेशन के कार्यकारी उपाध्यक्ष पीएन सेठ और टेरेटरी समन्वयक सुमन मोंगा ने कहा कि इससे एलपीजी वितरण नेटवर्क से जुड़े गोदाम कर्मचारी, मशीन एवं डिलीवरी मेन व उनके परिवारों को कार्य करने की प्रेरणा हासिल होगी।पीएन सेठ ने कहा कि एलपीजी एक आवश्यक सेवा है। इसे बंद नहीं किया जा सकता है। ऐसे में यह पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान की ओर से लिया गया एक अहम फैसला है।

हमारे डिलीवरी मेन हालांकि सेनेटाइजर,मास्क लगाने के साथ ही अन्य सुरक्षात्मक कदम उठा रहे हैं। लेकिन यह कदम निश्चित ही उनका विश्वास सेवा के प्रति बढ़ाएगा। अधिकारियों के मुताबिक हाल ही में जब केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक हुई थी तो उसमें आवश्यक सेवाओं को पहुंचाने वाले कोरोना योद्धाओं को लेकर चर्चा की गई थी।

इसके साथ ही पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने भी जब हाल में इंडियन आयॅल, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक की थी तो उन्होंने इन तीनों कंपनियो को निर्देश दिए थे कि वे एलपीजी डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क कर्मचारियों के लिए कोई आर्थिक सुरक्षा कवच घोषित करें। सुमन मोंगा ने कहा कि यह दर्शाता है कि सरकार डिलीवरी मेन के लिए चिंतित है। इससे एलपीजी वितरण को लेकर डिलीवरी मेन के बीच अधिक विश्वास भी बढ़ेगा।

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