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चीन सीमा पर हालात को लेकर कांग्रेस ने की श्वेतपत्र लाने की मांग, व्यापक चर्चा की मांग की

By शिवेन्द्र कुमार राय | Updated: June 20, 2023 10:47 IST

कांग्रेस ने कहा कि एक जिम्मेदार विपक्ष के नाते हमारी मांग है कि भारत-चीन सीमा विवाद पर एक व्यापक चर्चा होनी चाहिए। एक श्वेत पत्र जारी किया जाए कि पिछले तीन साल में LAC के ऊपर जो घटनाक्रम हुआ है, उसकी सच्चाई क्या है?

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ठळक मुद्देकांग्रेस ने एलएसी पर स्थिति को लेकर श्वेत पत्र लाने मांग कीसरकार से पूछा- क्या ये सच है कि बफर जोन हमारी सीमा के भीतर बने हैं? भारत-चीन सीमा विवाद पर एक व्यापक चर्चा की मांग की

नई दिल्ली: चीन से लगी सीमा पर वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर स्थिति को लेकर कांग्रेस ने सरकार से श्वेतपत्र लाने की मांग की है। कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता मनीष तिवारी ने सोमवार, 19 जून को एक प्रेस कांन्फ्रेंस की और एक जिम्मेदार विपक्ष के नाते हमारे कुछ सवाल हैं जिनके जवाब सरकार को देने चाहिए।

मनीष तिवारी ने कहा, "3 साल पहले 19 जून 2020 को पीएम मोदी ने गलवान की घटना के बाद सर्वदलीय बैठक में कहा था कि न कोई हमारी सीमा में घुसा है, न ही कोई पोस्ट दूसरे के कब्जे में है। ये बयान एक दिन पहले विदेश मंत्रालय द्वारा जारी बयान के विपरीत था। उन्होंने साफ तौर पर कहा था कि गलवान की वारदात इस कारण से हुई थी कि चीनी सैनिकों ने घुसपैठ कर भारत की सीमा में टेंट लगाने की कोशिश की।"

कांग्रेस प्रवक्ता ने आगे कहा, "5 सितंबर 2020 को रक्षा मंत्री ने मॉस्को में SCO मीटिंग के दौरान चीन के रक्षा मंत्री से ढाई घंटे तक चर्चा की। 11 सितंबर 2020 को मॉस्को में रशिया-इंडिया-चाइना ट्राइलेक्ट्रल में विदेश मंत्री ने चीन के विदेश मंत्री के साथ LAC की परिस्थिति पर बात की। 3 साल में 18 बार बॉर्डर टॉक्स हुए हैं। जब कोई घुसपैठ नहीं हुई तो 3 साल से लगातार हो रही चर्चा की सच्चाई क्या है?" 

उन्होंने सरकार से पूछा, " क्या ये सच है कि LAC पर 65 पेट्रोलिंग पॉइंट्स में से 26 पर भारतीय सेना गश्त नहीं कर पा रही है? क्या ये सच है कि बफर जोन हमारी सीमा के भीतर बने हैं? चीन द्वारा LAC पर अतिक्रमण को रोकने के लिए भारत सरकार ने क्या किया? देश की संसद और रक्षा मंत्रालय की संसदीय स्थायी समिति में एक बार भी चीन पर चर्चा क्यों नहीं हुई? LAC से जुड़े सवालों को संसद का सचिवालय एडमिट क्यों नहीं करता?"

अंत में कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि एक जिम्मेदार विपक्ष के नाते हमारी मांग है कि भारत-चीन सीमा विवाद पर एक व्यापक चर्चा होनी चाहिए। एक श्वेत पत्र जारी किया जाए कि पिछले तीन साल में LAC के ऊपर जो घटनाक्रम हुआ है, उसकी सच्चाई क्या है?

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