लाइव न्यूज़ :

कोयला घोटाला: अदालत का आदेश, नवीन जिंदल पर घूसघोरी का भी केस चलेगा

By भाषा | Updated: July 13, 2018 18:42 IST

अदालत ने अप्रैल 2016 में जिंदल , पूर्व कोयला राज्य मंत्री दसारी नारायण राव , झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री मधु कोड़ा , पूर्व कोयला सचिव एच सी गुप्ता और अन्य 11 के खिलाफ भादंसं और भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम की धाराओं के तहत आपराधिक षडयंत्र , धोखाधड़ी के लिए आरोप तय करने के आदेश दिए थे। 

Open in App

नयी दिल्ली , 13 जुलाई (भाषा) दिल्ली की एक विशेष अदालत ने कोयला घोटाला मामले में कांग्रेस नेता एवं उद्योगपति नवीन जिंदल व अन्य के खिलाफ घूसखोरी के लिए उकसाने का अतिरिक्त आरोप तय करने का आज आदेश दिया। 

यह मामला झारखंड के अमरकोंडा मुर्गदंगल कोयला ब्लॉक आवंटन से जुड़ा हुआ है। विशेष न्यायाधीश भरत पराशर ने कहा कि आरोपियों के खिलाफ 16 अगस्त को औपचारिक तौर पर आरोप तय किए जाएंगे। 

अदालत ने अप्रैल 2016 में जिंदल , पूर्व कोयला राज्य मंत्री दसारी नारायण राव , झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री मधु कोड़ा , पूर्व कोयला सचिव एच सी गुप्ता और अन्य 11 के खिलाफ भादंसं और भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम की धाराओं के तहत आपराधिक षडयंत्र , धोखाधड़ी के लिए आरोप तय करने के आदेश दिए थे। 

हालांकि उस वक्त भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम की धारा 12 के तहत आरोप नहीं तय किया गया था। 

आज के आदेश में अदालत ने कहा कि राव के खिलाफ घूसखोरी का आरोप था लेकिन चूंकि अब वह जीवित नहीं हैं तो उनके खिलाफ आरोप तय नहीं किया जाएगा। 

अदालत ने जिंदल स्टील के तत्कालीन सलाहकार आनंद गोयल , निहार स्टॉक्स लिमिटेड के निदेशक बीएसएन सूर्यनारायण और मुंबई की एस्सार पावर लिमिटेड के कार्यकारी उपाध्यक्ष सुशील कुमार मारु के खिलाफ धारा 120 बी (आपराधिक षड्यंत्र) लगाने का भी आदेश दिया है। इन तीनों को इस मामले में तैयार एक अलग आरोपपत्र में नामजद किया गया था। 

अदालत ने मुंबई के केई इंटरनेशनल के मुख्य वित्तीय अधिकारी राजीव अग्रवाल और गुड़गांव के ग्रीन इंफ्रा के उपाध्यक्ष सिद्धार्थ माद्रा को सबूतों के अभाव में मामले से आरोपमुक्त कर दिया। 

आरोपों पर बहस करते हुए सीबीआई के उप विधिक सलाहकार वी के शर्मा ने अदालत को बताया कि जिंदल के खिलाफ अधिनियम की धारा सात और धारा 12 के तहत मुकदमा चलाने के लिए पर्याप्त सबूत हैं। 

सीबीआई का आरोप था कि कोड़ा ने अमरकोंडा मुर्गदंगल ब्लॉक के आवंटन के लिए जिंदल समूह की कंपनियों - स्टील एंड पावर लिमिटेड (जेएसपीएल) और गगन स्पंज आयरन प्राइवेट लिमिटेड (जीएसआईपीएल) को लाभ पहुंचाया था। 

लोकमत न्यूज के लेटेस्ट यूट्यूब वीडियो और स्पेशल पैकेज के लिए यहाँ क्लिक कर सब्सक्राइब करें!

टॅग्स :कोयला आवंटन घोटालाकोयला की खदान
Open in App

संबंधित खबरें

भारतपूर्व सांसद विजय दर्डा और देवेंद्र दर्डा कोयला खदान आवंटन मामले में बरी

भारतJharkhand: कोयला खदान ढहने से फंसे 2 मजदूर, बचाव अभियान जारी

कारोबारकोल इंडियाः 15 लाख से बढ़ाकर 25 लाख रुपये,  17 सितंबर से लागू, खदान दुर्घटना को लेकर कोयला मंत्री जी किशन रेड्डी ने की घोषणा, संविदा कर्मचारियों को 40 लाख रुपये बीमा

भारतAssam Coal Mine: कोयला खदान में फंसे एक और मजदूर का शव बरामद, रेस्क्यू ऑपरेशन जारी

भारतAssam: कोयला खदान में फंसे 9 मजदूर, रेस्क्यू में एक की लाश बरामद; अन्य की तलाश जारी

भारत अधिक खबरें

भारत'Three Allegations, Zero Truth': आम आदमी पार्टी द्वारा राज्यसभा की भूमिका से हटाए जाने के बाद राघव चड्ढा का जवाब

भारतMadhya Pradesh: अनूपपुर ज़िले में चार-मंज़िला होटल गिरने से मलबे में कई लोगों के फँसे होने की आशंका, एक की मौत

भारततमिलनाडु चुनावों के लिए BJP का टिकट न मिलने के बाद अन्नामलाई ने दिया अपना स्पष्टीकरण

भारतलखनऊ सहित यूपी के 17 शहरों में कूड़े का अंबार?, मतदान करने असम गए हजारों सफाईकर्मी, 12 अप्रैल को लौंटेगे?

भारतबारामती विधानसभा सीटः सुनेत्रा पवार के खिलाफ प्रत्याशी ना उतारें?, सीएम देवेंद्र फडणवीस ने कहा- निर्विरोध जिताएं, सभी दलों से की अपील