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चंडीगढ़: आरएसएस प्रमुख की सुरक्षा में साइबर सेल और क्राइम ब्रांच के 66 पुलिसकर्मियों की तैनाती, आपराधिक मामलों की जांच पर पड़ा असर

By विशाल कुमार | Updated: October 6, 2021 08:43 IST

एसएसपी मनीषा चौधरी ने कहा कि आजकल वीआईपी के खिलाफ किसान समूहों द्वारा विरोध प्रदर्शन की संभावना है. इसलिए कानून-व्यवस्था के इंतजाम के लिए अन्य सेल से अतिरिक्त कर्मियों की मदद ली जा रही है. साथ ही, हाल के दिनों में तबादलों के कारण कुछ कमी देखी गई है. हमने इस मुद्दे पर प्रकाश डाला है और प्रतिस्थापन के लिए कहा है.

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ठळक मुद्देआरएसएस प्रमुख तीन दिवसीय दौरे पर चंडीगढ़ में हैं, जिसका समापन 7 अक्टूबर को होगा.66 पुलिसकर्मियों में साइबर जांच सेल के 33 और अपराध शाखा के 33 पुलिसकर्मी शामिल हैं.साइबर जांच सेल और अपराध शाखा विशेष रूप से आपराधिक मामलों की जांच के लिए हैं.

चंडीगढ़:चंडीगढ़ के सेक्टर-18 स्थित आरएसएस मुख्यालय में संघ प्रमुख मोहन भागवत तीन दिनों के लिए रुके हैं और वहां दो खास जांच सेल साइबर इन्वेस्टिगेशन और क्राइम ब्रांच के कम से कम 66 पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं. यह केंद्र शासित प्रदेश के प्रशासन के जांच और वीवीआईपी तैनातियों के लिए अलग-अलग सेल बनाने के दावों पर सवाल उठाता है.

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, 66 पुलिसकर्मियों में साइबर जांच सेल के 33 और अपराध शाखा के 33 पुलिसकर्मी शामिल हैं. साइबर जांच सेल और अपराध शाखा विशेष रूप से आपराधिक मामलों की जांच के लिए हैं.

एक सूत्र ने कहा कि साइबर सेल में कम से कम 58 कर्मियों की क्षमता है और इसकी लगभग 50 फीसदी क्षमता वीवीआईपी ड्यूटी में तैनात है, जिसका साइबर अपराध की जांच पर सीधा प्रभाव पड़ता है. सेल में प्रतिदिन साइबर अपराध से संबंधित कम से कम 25 से 30 शिकायतें पहुंचती हैं. क्राइम ब्रांच की कुल संख्या लगभग 80 कर्मियों की है. 80 में से 33 पुलिसकर्मियों को सेक्टर 18 में तीन दिनों के लिए तैनात किया गया है.

सूत्रों ने कहा कि पास के पुलिस स्टेशन सेक्टर-19 के पुलिसकर्मी बड़ी संख्या में हैं. पुलिस ने सेक्टर-18 में स्थानीय आरएसएस मुख्यालय के चारों ओर चार नाके लगाए हैं. इन चार नाकों पर तीन पालियों में चौबीसों घंटे 22 पुलिसकर्मियों की तैनाती की जा रही है. आरएसएस प्रमुख तीन दिवसीय दौरे पर चंडीगढ़ में हैं, जिसका समापन 7 अक्टूबर को होगा.

एक जांच सेल सदस्य ने कहा कि यह पहली बार नहीं है जब किसी स्वतंत्र जांच एजेंसी के 50 फीसदी से अधिक कर्मचारियों को कानून-व्यवस्था बनाए रखने या आपराधिक मामलों की जांच से हटाने वाले वीवीआईपी ड्यूटी पर लगाया गया हो. नतीजा जघन्य अपराधों, साइबर अपराधों के लंबित मामले हर दिन के साथ बढ़ते जा रहे हैं. दरअसल, बात वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों की जानकारी में है.

एसएसपी मनीषा चौधरी ने कहा कि आजकल वीआईपी के खिलाफ किसान समूहों द्वारा विरोध प्रदर्शन की संभावना है. इसलिए कानून-व्यवस्था के इंतजाम के लिए अन्य सेल से अतिरिक्त कर्मियों की मदद ली जा रही है. साथ ही, हाल के दिनों में तबादलों के कारण कुछ कमी देखी गई है. हमने इस मुद्दे पर प्रकाश डाला है और प्रतिस्थापन के लिए कहा है.

टॅग्स :मोहन भागवतआरएसएसचंडीगढ़Cyber Crime Police StationCrime BranchPoliceVVIP
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