लाइव न्यूज़ :

संसद के मानसून सत्र में मणिपुर हिंसा पर चर्चा के लिए तैयार हुई सरकार, 20 जुलाई से होगी शुरुआत

By शिवेन्द्र कुमार राय | Updated: July 19, 2023 15:48 IST

11 अगस्त तक चलने वाले सत्र में कुल 17 दिन कामकाज होगा। मणिपुर हिंसा, रेल सुरक्षा, महंगाई और अडानी मामले जैसे मुद्दों से निपटने के बीच केंद्र सरकार के सामने एक बड़ी चुनौती दिल्ली सेवा अध्यादेश को संसद के दोनों सदनों में पास कराना है।

Open in App
ठळक मुद्देसंसद का मानसून सत्र 20 जुलाई से शुरू हो रहा हैसरकार मानसून सत्र के दौरान मणिपुर में जारी जातीय हिंसा पर चर्चा के लिए तैयार11 अगस्त तक चलने वाले सत्र में कुल 17 दिन कामकाज होगा

नई दिल्ली: संसद का मानसून सत्र 20 जुलाई से शुरू हो रहा है। सत्र शुरू होने से पहले केंद्र सरकार ने बुधवार को एक सर्वदलीय बैठक बुलाई। सर्वदलीय बैठक की अध्यक्षता रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने की। अब सूत्रों के हवाले से खबर आई है कि सरकार मानसून सत्र के दौरान मणिपुर में जारी जातीय हिंसा पर चर्चा के लिए तैयार हो गई है। 

कांग्रेस और अन्य विपक्षी दल मणिपुर मामले को लेकर केंद्र सरकार पर पहले से ही हमलावर हैं। माना जा रहा है कि मानसून सत्र हंगामेदार रह सकता है। सरकार को भी इस बात का पूरा अंदाजा है। इस सत्र में विपक्ष न सिर्फ मणिपुर बल्कि मंहगाई, केंद्रीय एजेंसियों के दुरुपयोग और दिल्ली सेवा अध्यादेश को लेकर केंद्र सरकार के लिए मुश्किलें खड़ी कर सकता है।

11 अगस्त तक चलने वाले सत्र में कुल 17 दिन कामकाज होगा। मणिपुर हिंसा, रेल सुरक्षा, महंगाई और अडानी मामले जैसे मुद्दों से निपटने के बीच केंद्र सरकार के सामने एक बड़ी चुनौती दिल्ली सेवा अध्यादेश को संसद के दोनों सदनों में पास कराना है। लोकसभा में तो सरकार के सामने कोई चुनौती नहीं है लेकिन अगर राज्यसभा में विपक्ष एकजुट हो गया तो मोदी सरकार की चुनौतियां बढ़ जाएंगी।

इसे लेकर आम आदमी पार्टी के रुख का समर्थन करते हुए कांग्रेस पहले ही विरोध करने की बात कर चुकी है। केजरीवाल के साथ-साथ कांग्रेस भी दिल्ली सेवा अध्यादेश को भारत के संघीय ढांचे पर हमला बता रही है। 

वहीं मणिपुर को लेकर भी मुसीबतें कम नहीं हैं।  तीन मई से शुरु हुई हिंसा की आग खत्म होती नहीं दिख रही है। अब भी राज्य के बड़े हिस्से में कर्फ्यू लागू है। पूरा मणिपुर दो हिस्सों में बंट चुका है। हालात ये हैं कि कुकी बहुल पर्वतीय हिस्सों में मैतेई और मैतेई बहुल मैदानी हिस्सों में कुकी लोगों का आना जाना भी बंद है। सरकारी कर्मचारी भी अपने इलाके में ही हाजिरी लगा रहे हैं। कांग्रेस पहले ही इसके लिए बीजेपी सरकार की नीतियों को जिम्मेदार बता चुकी है। मानसून सत्र में कांग्रेस के तेवर और तीखे हो सकते हैं। 

टॅग्स :संसद मॉनसून सत्रनरेंद्र मोदीमणिपुरकांग्रेसAam Aadmi Partyराज्य सभा
Open in App

संबंधित खबरें

भारत'Three Allegations, Zero Truth': आम आदमी पार्टी द्वारा राज्यसभा की भूमिका से हटाए जाने के बाद राघव चड्ढा का जवाब

भारतघायल हूं इसलिए घातक हूं?, राघव ने एक्स पर किया पोस्ट, मैं बोलना नहीं चाहता था, मगर चुप रहता तो बार-बार दोहराया गया झूठ भी सच लगने लगता, वीडियो

कारोबारकेरलम विधानसभा चुनावः वृद्ध आबादी 16.5 प्रतिशत?, पेंशन, स्वास्थ्य सुविधाएं और सुरक्षा सबसे बड़े चुनावी मुद्दे?, देखिए किस दल ने क्या दिया तोहफा?

ज़रा हटकेबनारस में सीएम यादव श्री राम भंडार में रुके और कचौड़ी, पूरी राम भाजी और जलेबी का स्वाद लिया?, वीडियो

ज़रा हटकेVIDEO: असम में योगी का बड़ा बयान, 'घुसपैठियों को बाहर करना ही होगा'

भारत अधिक खबरें

भारतMadhya Pradesh: अनूपपुर ज़िले में चार-मंज़िला होटल गिरने से मलबे में कई लोगों के फँसे होने की आशंका, एक की मौत

भारततमिलनाडु चुनावों के लिए BJP का टिकट न मिलने के बाद अन्नामलाई ने दिया अपना स्पष्टीकरण

भारतलखनऊ सहित यूपी के 17 शहरों में कूड़े का अंबार?, मतदान करने असम गए हजारों सफाईकर्मी, 12 अप्रैल को लौंटेगे?

भारतबारामती विधानसभा सीटः सुनेत्रा पवार के खिलाफ प्रत्याशी ना उतारें?, सीएम देवेंद्र फडणवीस ने कहा- निर्विरोध जिताएं, सभी दलों से की अपील

भारत'एकनाथ शिंदे और बलात्कार के आरोपी अशोक खरात के बीच 17 बार फोन पर बातचीत हुई', अंजलि दमानिया का आरोप