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यूपी में 55 सिखों के खिलाफ मामला दर्ज, मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने सीएम आदित्यनाथ से की बात, जानिए क्या कहा

By भाषा | Updated: January 1, 2020 14:17 IST

पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने ट्वीट किया, ‘‘साहिबजादे की शहादत पर पीलीभीत में निकाले गए पारंपरिक नगर कीर्तन में भाग लेने वाले 55 धार्मिक श्रद्धालुओं के खिलाफ दर्ज प्राथमिकी की समीक्षा करने के लिए उप्र के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से बात की।’’

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ठळक मुद्देपीलीभीत जिले के खेरी नौबारामद गांव में एक धार्मिक जुलूस निकालकर दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 144 के तहत लगाई गई।निषेधाज्ञा के उल्लंघन करने के आरोप में सिख श्रद्धालुओं के खिलाफ कथित रूप से मामला दर्ज किया था।

पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से पीलीभीत में एक धार्मिक जुलूस निकालकर निषेधाज्ञा का कथित रूप से उल्लंघन करने वाले 55 सिख श्रद्धालुओं के खिलाफ दर्ज एक मामले की समीक्षा करने का अनुरोध किया है।

उत्तर प्रदेश पुलिस ने 29 दिसंबर को राज्य के पीलीभीत जिले के खेरी नौबारामद गांव में एक धार्मिक जुलूस निकालकर दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 144 के तहत लगाई गई निषेधाज्ञा के उल्लंघन करने के आरोप में सिख श्रद्धालुओं के खिलाफ कथित रूप से मामला दर्ज किया था।

सिंह ने ट्वीट किया, ‘‘साहिबजादे की शहादत पर पीलीभीत में निकाले गए पारंपरिक नगर कीर्तन में भाग लेने वाले 55 धार्मिक श्रद्धालुओं के खिलाफ दर्ज प्राथमिकी की समीक्षा करने के लिए उप्र के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से बात की।’’ नगर कीर्तन सिखों के दसवें गुरु गोबिंद सिंह के बेटों की शहादत के रूप में मनाए जाने वाले ‘शहीदी दिवस’ के अवसर पर निकाला गया था।

पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने मंगलवार को यहां कहा कि छात्र सीएए और एनआरसी के खिलाफ तब तक प्रदर्शन कर सकते हैं, जब तक कि उनका प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहता है। एक जनवरी को छात्रों ने राज्य भर में प्रदर्शन का आह्वान किया है। इस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी भी कीमत पर किसी को भी शांति बिगाड़ने की इजाजत नहीं दी जाएगी।

सिंह ने एक बयान में कहा,‘‘प्रदर्शन करना सभी नागरिकों का लोकतांत्रिक अधिकार है और केन्द्र सरकार के क्रूर कदम के खिलाफ शांतिपूर्ण प्रदर्शन तथा मार्च छात्रों सहित लोगों के अधिकार के दायरे में आते हैं लेकिन तब तक, जब तक कि ये प्रदर्शन शांतिपूर्ण हों।’’

उन्होंने कहा कि जब तक छात्र कानून अपने हाथ में नहीं लेते, पुलिस उन्हें प्रदर्शन करने से नहीं रोकेगी। साथ ही उन्होंने कहा कि पुलिस को निर्देश दिए गए हैं कि यदि कोई सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने की कोशिश करे अथवा किसी तरह की हिंसा में शामिल हो उसके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए। मुख्यमंत्री ने छात्र नेताओं से अपील कि वे गुंडा तत्वों को प्रदर्शन में शामिल नहीं होने दें और यह सुनिश्चित करें की प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहे। 

टॅग्स :उत्तर प्रदेशयोगी आदित्यनाथपंजाबअमरिंदर सिंह
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