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2029 लोकसभा चुनाव नहीं लड़ेंगे?, अब घर पर बैठने का फैसला और दोनों बेटों से कहूंगा संतुष्ट जीवन जिएं?, आखिर क्यों निगम चुनाव के बीच बीजेपी सांसद नारायण राणे बोले?

By लोकमत न्यूज़ डेस्क | Updated: January 5, 2026 18:28 IST

नारायण राणे ने कहा कि दोनों बेटे राजनीति में अच्छी तरह से स्थापित हो चुके हैं, इसलिए किसी को परिवार के व्यावसायिक हितों पर ध्यान केंद्रित करने की आवश्यकता है।

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ठळक मुद्देअब मैंने घर पर बैठने का फैसला किया है। मैं अपने दोनों बेटों से कहूंगा कि वे संतुष्ट जीवन जिएं।राजनीति को (शिवसेना के) नीलेश और (राज्य के मंत्री) नितेश आगे बढ़ाएंगे।

मुंबईः भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता और लोकसभा सदस्य नारायण राणे ने राजनीति से संन्यास के संकेत देते हुए रविवार को कहा कि उन्होंने अब "घर पर बैठने" और अपने परिवार के व्यापारिक हितों की देखभाल करने का फैसला किया है। पूर्व मुख्यमंत्री (73) ने यह भी कहा कि आज की राजनीति साजिशों से भरी हुई है, जिसने सक्रिय सार्वजनिक जीवन से हटने के उनके संकल्प को और मजबूत किया है। राणे ने सिंधुदुर्ग में आयोजित एक अभिनंदन समारोह में पार्टी कार्यकर्ताओं से कहा, "अब मैंने घर पर बैठने का फैसला किया है। मैं अपने दोनों बेटों से कहूंगा कि वे संतुष्ट जीवन जिएं।

मेरे बाद विकास की राजनीति को (शिवसेना के) नीलेश और (राज्य के मंत्री) नितेश आगे बढ़ाएंगे। जब वे बुलाएं, तो आप आएं।" वरिष्ठ नेता ने कहा कि बढ़ती उम्र और थकावट के कारण वह यह निर्णय लेना चाहते हैं। राणे ने यह भी कहा कि उनके दोनों बेटे राजनीति में अच्छी तरह से स्थापित हो चुके हैं, इसलिए किसी को परिवार के व्यावसायिक हितों पर ध्यान केंद्रित करने की आवश्यकता है।

भावुक होकर बोलते हुए, राणे ने कार्यकर्ताओं से अच्छे काम को बढ़ावा देने और सार्वजनिक सेवा के प्रति प्रतिबद्ध रहने का आग्रह किया। अपने लंबे राजनीतिक सफर को याद करते हुए, राणे ने कहा कि वह अब भी सादा जीवन जीते हैं और मानवता को ही अपना सच्चा धर्म मानते हैं। राणे ने कहा कि अतीत में उन्हें कई बाधाओं और कठिनाइयों का सामना करना पड़ा है और अब भी करना पड़ रहा है, लेकिन उन्होंने अपने विरोधियों के बारे में कुछ भी न बोलने का फैसला किया।

‘महायुति’ कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए राणे ने उनसे एकजुट रहने का आग्रह किया और धन के लिए राजनीति में आने से बचने की चेतावनी दी, क्योंकि ऐसे लाभ टिकाऊ नहीं होते। उन्होंने राजनीति में नफरत के खिलाफ भी चेतावनी दी और पार्टी कार्यकर्ताओं से व्यक्तिगत हितों से ऊपर संगठन को प्राथमिकता देने की अपील की।

टॅग्स :महाराष्ट्रNarayan Raneबृहन्मुंबई महानगरपालिकाBMCPuneThane Municipal Corporation
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