लाइव न्यूज़ :

राज्यसभा चुनाव में आपने वोट क्यों नहीं डाला?, कांग्रेस ने 3 विधायक के मांगा जवाब, मनोज विश्वास ने कहा- ‘जी-हुजूरी’ की राजनीति नहीं करेंगे

By एस पी सिन्हा | Updated: March 19, 2026 15:43 IST

बिहार राज्यसभा चुनावः विधायक मनोज विश्वास ने साफ कहा है कि यह कदम सम्मान की अनदेखी के कारण उठाया गया।

Open in App
ठळक मुद्देमनोज विश्वास फारबिसगंज से कांग्रेस के टिकट पर चुनाव जीतकर विधानसभा पहुंचे हैं।सीमांचल क्षेत्र की इस सीट पर युवा चेहरे के रूप में उनका मजबूत जनाधार माना जाता है।तीसरे विधायक सुरेंद्र प्रसाद कुशवाहा वाल्मीकिनगर से कांग्रेस के विधायक हैं। 

पटनाः बिहार से राज्यसभा के चुनाव में महागठबंधन प्रत्याशी की हार के बाद अब कांग्रेस में उथल-पूथल की स्थिति उत्पन्न हो गई। दरअसल, कांग्रेस ने कड़ा रुख अपनाते हुए अपने तीन विधायकों से स्पष्टीकरण मांग दिया है। ऐसे में संभावना जताई जाने लगी है कांग्रेस में एक बडी टूट हो सकती है। वैसे भी कांग्रेस में अभीतक विधायक दल का नेता और सचेतक का चयन नहीं हो पाने के कारण अंदर हीं अंदर नाराजगी कायम है। वहीं, कांग्रेस के द्वारा अपने तीन विधायकों को कारण बताओ नोटिस जारी किए जाने पर पार्टी के विधायक मनोज विश्वास ने साफ कहा है कि यह कदम सम्मान की अनदेखी के कारण उठाया गया।

उन्होंने साफ कर दिया है कि वे अपने फैसले पर अडिग हैं। मनोज विश्वास ने पहली बार चुप्पी तोड़ते हुए कहा कि यह मामला केवल किसी एक उम्मीदवार का नहीं, बल्कि बिहार प्रदेश कांग्रेस के अस्तित्व और सम्मान का है। उन्होंने बताया कि राज्यसभा उम्मीदवार तय करने से पहले न तो स्थानीय विधायकों की राय ली गई और न ही प्रदेश के वरिष्ठ नेताओं को भरोसे में लिया गया।

उन्होंने सीधा आरोप लगाया कि जब हमारे प्रदेश नेतृत्व का ही सम्मान नहीं हुआ, तो हम इस फैसले के साथ कैसे खड़े हो सकते थे? पार्टी द्वारा जारी अनुशासन के नोटिस पर प्रतिक्रिया देते हुए मनोज विश्वास ने कहा कि वे नोटिस का जवाब देने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे अपने जवाब में उन्हीं बातों को दोहराएंगे जो उन्होंने सार्वजनिक रूप से कही हैं।

यानी प्रदेश अध्यक्ष और स्थानीय इकाई की अनदेखी। हालांकि,उन्होंने यह भी जोड़ा कि वे आज भी खुद को कांग्रेसी मानते हैं और पार्टी के साथ रहेंगे। अगर प्रदेश स्तर पर उनकी बात नहीं सुनी गई, तो वे तीनों बागी विधायक दिल्ली जाकर राहुल गांधी और राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे से मिलकर अपनी पूरी बात रखेंगे।

मनोज विश्वास ने सवाल उठाया कि आखिर क्यों उम्मीदवार तय करते समय प्रदेश अध्यक्ष को दरकिनार किया गया? यही कारण है कि 16 मार्च को हुए मतदान के दौरान उन्होंने विरोध का रास्ता चुना। मनोज विश्वास का कहना है कि वे अपनी बात पर कायम हैं और पार्टी जो भी कार्रवाई करना चाहे, वे उसका सामना करने को तैयार हैं, लेकिन वे ‘जी-हुजूरी’ की राजनीति नहीं करेंगे।

उल्लेखनीय है कि मनोज विश्वास, सुरेंद्र प्रसाद और मनोहर प्रसाद सिंह का यह साझा रुख पार्टी के लिए गले की हड्डी बन गया है। कांग्रेस ने मनोहर प्रसाद सिंह, सुरेंद्र प्रसाद और मनोज विश्वास से दो दिनों के भीतर जवाब मांगा है। पार्टी की ओर से जारी निर्देश में साफ कहा गया है कि वे बताएं कि राज्यसभा चुनाव के दौरान उन्होंने मतदान क्यों नहीं किया?

यह कार्रवाई कांग्रेस की अनुशासन समिति के अध्यक्ष की ओर से की गई है। पार्टी नेतृत्व इस पूरे मामले को गंभीरता से ले रहा है और इसे अनुशासनहीनता के तौर पर देख रहा है। बता दें कि राज्यसभा चुनाव में एनडीए ने पांचों सीटों पर जीत दर्ज की, जबकि महागठबंधन को करारा झटका लगा।

कांग्रेस के इन विधायकों द्वारा वोट नहीं देने से विपक्ष का समीकरण बिगड़ गया और उम्मीदवार अमरेन्द्र सिंह धारी को हार का सामना करना पड़ा। मनोहर प्रसाद कटिहार जिले की मनिहारी सीट से विधायक चुने गए हैं। क्षेत्र में उनकी पहचान एक जमीनी नेता के रूप में मानी जाती है।

मनोज विश्वास फारबिसगंज से कांग्रेस के टिकट पर चुनाव जीतकर विधानसभा पहुंचे हैं। सीमांचल क्षेत्र की इस सीट पर युवा चेहरे के रूप में उनका मजबूत जनाधार माना जाता है। तीसरे विधायक सुरेंद्र प्रसाद कुशवाहा वाल्मीकिनगर से कांग्रेस के विधायक हैं। इस इलाके की राजनीति में उनका प्रभाव माना जाता है।

टॅग्स :बिहारकांग्रेसबिहार समाचारराज्यसभा चुनाव
Open in App

संबंधित खबरें

भारततख्त श्री पटना साहिब गुरुद्वारे में माथा टेकने पटना पहुंचे पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने केन्द्र सरकार और भाजपा पर बोला तीखा हमला

भारतबिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने की उद्योगपतियों को बिहार वापस आने और प्रदेश में ही उद्योग लगाने की अपील

भारतबिहार में पिछले एक माह में 8 हजार 681 बच्चों के गायब होने की बात आई सामने, 85 प्रतिशत संख्या लड़कियां हुईं गायब

भारतकेरल सीएम सतीशन का पहला आदेश: महिलाओं के लिए मुफ़्त बस यात्रा, आशा कार्यकर्ताओं के मानदेय में ₹3,000 की बढ़ोतरी

स्वास्थ्यबिहार में हर साल कैंसर से 80000 मौत?, प्रतिवर्ष 1.20 लाख नए रोगी, देश में चौथे स्थान पर बिहार, आईजीआईएमएस रिपोर्ट में खुलासा?

भारत अधिक खबरें

भारतदीदी का डिजाइन, सुवेंदु का एक्शन; साल्ट लेक स्टेडियम से हटेगी ममता बनर्जी द्वारा बनाई गई फुटबॉल की मूर्ति

भारतDelhi Traffic Update: दिल्ली वाले ध्यान दें! 19 मई को ट्रैफिक जाम से बचना है, तो इन रास्तों का करें इस्तेमाल

भारतभविष्य के लिए ये कैसी पौध तैयार कर रहे हैं हम ?

भारत'भारत अब नक्सल-मुक्त है': अमित शाह ने छत्तीसगढ़ में उग्रवाद के खात्मे की घोषणा की

भारतMadhya Pradesh: खेलते‑खेलते कार में बंद 4 साल की बच्ची की मौत, दो घंटे तक किसी ने नहीं देखा