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रामचरितमानस के बहाने जदयू-राजद संबंध में खटास!, विधायक सुधाकर सिंह ने सीएम नीतीश को कहे अपशब्द, जानें क्या है पूरा मामला

By एस पी सिन्हा | Updated: January 16, 2023 18:38 IST

बिहारः महागठबंधन में गहराती खाई के बीच मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और जदयू अध्यक्ष ललन सिंह ने भी इशारों ही इशारों में राजद नेतृत्व से अपने विधायक सुधाकर सिंह पर कार्रवाई करने को कहा।

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ठळक मुद्दे2015 के बाद से कोई भी गठबंधन बहुत ज़्यादा दिन तक टिक नहीं सका है।तेजस्वी यादव से कार्रवाई करने को कहा।राजद नेतृत्व पर कोई असर नहीं हो रहा।

पटनाः बिहार में सत्ताधारी दल जदयू और राजद के बीच तल्खी लगातार बढ़ते जा रही है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के खिलाफ राजद विधायक सुधाकर सिंह ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को हिजड़ा और भीखमंगा कहे जाने के बाद जदयू ने गहरी आपत्ति दर्ज की थी। सुधाकर के बाद शिक्षा मंत्री चंद्रशेखर का रामचरितमानस पर आपत्तिजनक बयान आ गया।

अब रामचरितमानस के बहाने जदयू और राजद के संबंध में खटास और बढ़ती दिख रही है। लेकिन, इस तनाव को दूर करने में जदयू और राजद के शीर्ष नेतृत्व हरकत में आ चुका है। जल्द से जल्द इसे दूर करने की कोशिश में भी लग गया है। लेकिन इसमें जितनी देर होगी मामला गर्माता रहेगा और भाजपा के तरफ से दावे भी होते रहेंगे।

बता दें कि 2015 के बाद से कोई भी गठबंधन बहुत ज़्यादा दिन तक टिक नहीं सका है। महागठबंधन में गहराती खाई के बीच मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष ललन सिंह ने भी इशारों ही इशारों में राजद नेतृत्व से अपने विधायक पर कार्रवाई करने को कहा।

जदयू नेतृत्व ने इस पर भी आपत्ति दर्ज की और तेजस्वी यादव से कार्रवाई करने को कहा। एक तरफ जहां नीतीश कुमार की पार्टी राजद कोटे के मंत्री व विधायक पर कार्रवाई करने का दवाब बना रही, दूसरी तरफ तेजस्वी यादव ने यह कहकर जदयू को खुली चुनौती दे दी है कि संविधान में सबको बोलने की आजादी है। ऐसे में अब जदयू का अगला कदम क्या होगा?

नीतीश कुमार की पार्टी की तरफ से राजद के दो बड़बोले नेताओं के खिलाफ कार्रवाई को लेकर तरकश के सारे तीर चल दिए, इसके बाद भी राजद नेतृत्व पर कोई असर नहीं हो रहा। ऐसे में अब नीतीश कुमार क्या करेंगे? दिल्ली से पटना लौटे तेजस्वी यादव अपने शिक्षा मंत्री चंद्रशेखर के उस बयान पर साथ देते दिखे, जिसमें उन्होंने रामचरितमानस को नफरत फैलाने वाला ग्रंथ बताया था।

उन्होंने कहा कि ये लोग कुछ भी कर ले, महागठबंधन टूटने का सवाल ही पैदा नहीं होता। तेजस्वी ने कहा कि जो लोग बयान दे रहे हैं, उन सब लोगों को पहचान रहे हैं। कुछ होने वाला नहीं है, केतना भी लोग एड़ी अलग कर भाषण दे, बयान दे। यह भी नहीं भुला जा सकता है। बयानवीरों के साथ हैं क्या लोग? बयानवीरों के साथ कोई नहीं है, नेता के साथ हैं लोग।

एक बात समझ जाइये कौन क्या कह रहा है इसमें क्या है? जदयू के दूसरे नेता भी राजद के खिलाफ बयानबाजी कर रहे हैं। इससे राजद को अपना भविष्य बिगडने की चिंता सता रही है। तभी तेजस्वी की बौखलाहट झलकी। जदयू के इन बड़े नेताओं के बयान से स्पष्ट है कि सुधाकर सिंह और चंद्रशेखऱ पर कार्रवाई को लेकर सहयोगी राजद नेतृत्व पर दबाव बनाने की कोई कोर-कसर नहीं छोड़ा।

इसके बाद भी अब तक कार्रवाई नहीं होना, उल्टे शिक्षा मंत्री का अपरोक्ष तौर पर पक्ष लेना यह साबित करता है कि तेजस्वी यादव जदयू के दबाव में झुकने वाले नहीं। ऐसे में जदयू का अगला स्टैंड क्या होगा? इस पर सबकी निगाहें टिकी हैं।

टॅग्स :बिहारपटनातेजस्वी यादवनीतीश कुमार
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