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बिहार विधानसभा मानसून सत्रः हमारी बातें नहीं सुनी जा रही, सदन में जाने का क्या फायदा, तेजस्वी यादव ने बहिष्कार का ऐलान किया

By एस पी सिन्हा | Updated: June 28, 2022 17:03 IST

Bihar Assembly Monsoon Session:  विधानसभा में महागठबंधन के विधायकों की बैठक नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव के नेतृत्व में हुई. राजद, कांग्रेस और वामपंथी दलों के विधायक मौजूद रहे.

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ठळक मुद्देविपक्ष के सारे विधायक सदन न जाकर धरना पर बैठेंगे.लाखों छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ हो रहा है तो हम चुप कैसे रहेंगे?सरकार बार-बार विपक्ष को हंगामा करने पर मजबूर कर रही है.

पटनाः बिहार विधानसभा में मानसून सत्र की कार्यवाही आज तीसरे दिन भी नहीं चल सकी. सदन के अंदर और बाहर विपक्ष के सदस्यों ने अग्निपथ योजना को लेकर जमकर नारेबाजी की. इसबीच विधानसभा में महागठबंधन के विधायकों की बैठक नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव के नेतृत्व में हुई.

इस बैठक में राजद, कांग्रेस और वामपंथी दलों के विधायक मौजूद रहे. बैठक के बाद तेजस्वी यादव ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि जब लोकतंत्र के मंदिर बिहार विधानसभा में हमारी बातें नहीं सुनी जा रही है तो सदन में जाने का क्या फायदा? उन्होंने कहा कि विपक्ष के सारे विधायक सदन न जाकर धरना पर बैठेंगे.

उन्होंने कहा कि हमलोग भी चाहते हैं कि सदन चले. लेकिन मामला नौजवानों का है. लाखों छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ हो रहा है तो हम चुप कैसे रहेंगे? आप हमें लोकतंत्र के मंदिर में 5 मिनट अपनी बात रखने का मौका नहीं दे रहे हैं. तेजस्वी ने कहा कि बिहार विधानसभा में विपक्ष का संख्या इतना ज्यादा है फिर भी आप हमें बोलने का मौका नहीं दे रहे हैं.

तानाशाही रवैया अपना रहे हैं. अब हम क्या करे, जब शांतिपूर्ण ढंग से हमलोग बात करते हैं तो सुनते नहीं. सरकार बार-बार विपक्ष को हंगामा करने पर मजबूर कर रही है. उन्होंने कहा कि अग्निपथ योजना पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भी चुप्पी साधे हुए हैं. हमलोगों को भी तो पता चल सके कि इस मामले पर नीतीश कुमार का क्या स्टैंड है?

तेजस्वी ने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को भी गंभीर सवालों के घेरे में घेरा गया है. यह कोई और नहीं बल्कि भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष संजय जायसवाल ने कहा है कि पुलिस के सामने भाजपा के दफ्तरों में आग लगाया गया. उनके कहने का मतलब है कि प्रशासन अपना काम नहीं कर रहा है. 

तेजस्वी ने कहा कि सदन जाने का कोई मतलब ही नहीं है. कोई सवाल का जवाब नहीं आता है. ऐसे में हमलोगों ने निर्णय लिया है कि जब तक हमारे प्रस्ताव मंजूर नहीं करेंगे तबतक हमलोग सदन में नही जायेंगे. हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि प्रस्ताव मंजूर ना भी करें तो विपक्ष को कम से कम 5 मिनट बोलने का मौका तो दें.

उन्होंने कहा कि हम विपक्ष के सभी लोग सदन का बहिष्कार करेंगे औए कल हमलोग कर्पूरी ठाकुर की प्रतिमा के समक्ष विपक्ष के सारे विधायक धरना देंगे. नेता प्रतिपक्ष ने कहा है कि अग्निपथ पर सदन में चर्चा करना चाहते थे, लेकिन हमारी मांग को नामंज़ूर कर दिया जा रहा है.

राज्य सरकार कह रही है कि यह बिहार का नहीं, केंद्र का मामला है. लेकिन यह मुद्दा देश के साथ-साथ बिहार का भी है. इस आंदोलन में कई छात्रों पर मामला दर्ज कर लिया गया है. कई कोचिंग सेंटरों को परेशान किया जा रहा है. उन पर किए गए मुकदमे को वापस लिया जाए. विपक्ष की चाहत यह है कि विधानसभा में 'अग्निपथ' के विरोध में प्रस्ताव पारित हो और केंद्र सरकार पर दबाव बने.

टॅग्स :Bihar Legislative Assemblyतेजस्वी यादवआरजेडीकांग्रेसCongressअग्निपथ स्कीमनीतीश कुमारNitish Kumar
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