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असम ने जारी की मिजोरम की यात्रा नहीं करने की एडवायजरी, कांग्रेस ने कहा- ये देश के लिए शर्मनाक दिन

By विनीत कुमार | Updated: July 30, 2021 08:37 IST

असम और मिजोरम के सीमा विवाद पुराना है। हालांकि अब असम सरकार ने एक ट्रैवल एडवायजरी किया है। इसमें सुरक्षा का हवाला देते हुए लोगों को मिजोरम नहीं जाने की सलाह दी गई है।

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ठळक मुद्देअसम सरकार ने सुरक्षा का हवाला देते हुए लोगों को मिजोरम नहीं जाने की सलाह जारी की हैमिजोरम में काम करने वाले और रहने वाले राज्य के लोगों से भी सावधानी बरतने को कहा गया हैकांग्रेस ने कहा- 'यह सब तभी संभव है जब नरेंद्र मोदी हों, मोदी है तो यही मुमकिन है'

नई दिल्ली: असम-मिजोरम बॉर्डर पर हुई हिंसा के बाद अब असम सरकार ने ट्रैवल एडवायजरी जारी करते हुए लोगों को मिजोरम की यात्रा नहीं करने को कहा है। असम सरकार ने 'व्यक्तिगत सुरक्षा' का हवाला देते हुए गुरुवार को ये परामर्श जारी किया। 

साथ ही असम की सरकार ने मिजोरम में काम करने वाले और रहने वाले राज्य के लोगों से  भी अत्यंत सावधानी बरतने को कहा है।

किसी भी राज्य सरकार द्वारा जारी किया गया इस तरह का यह शायद पहला परामर्श है। असम गृह सचिव एम एस मणिवन्नन द्वारा जारी परामर्श में कहा गया, ‘मौजूदा परिस्थिति को देखते हुए, असम के लोगों को सलाह दी जाती है कि वे मिजोरम की यात्रा न करें क्योंकि यह स्वीकार नहीं किया जा सकता कि असम के लोगों को कोई भी खतरा उत्पन्न हो।’

कांग्रेस ने बताया शर्मनाक दिन 

इस बीच कांग्रेस ने असम सरकार के इस एडवायजरी को देश के लिए शर्मसार करने वाला दिन बताया है।

कांग्रेस महासचिव एवं मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने असम सरकार द्वारा राज्य के लोगों को मिजोरम की यात्रा से बचने के लिए जारी किये गए परामर्श का हवाला देते हुए कहा कि देश में यह सब संभव है, जब नरेंद्र मोदी हों। 

उन्होंने एक ट्वीट में कहा, ‘देश के इतिहास में सबसे शर्मसार करने वाला दिन। जब देशवासी एक प्रांत से दूसरे प्रांत में न जा पाएं, तो क्या मुख्यमंत्री और गृहमंत्री को अपने पद पर बने रहने का अधिकार है? मोदी है तो यही मुमकिन है।’

हिंसा के बाद गृह मंत्रालय ले चुका है बैठक

इससे पहले बुधवार को गृह मंत्री अमित शाह ने दिल्ली में असम और मिजोरम के मुख्य सचिव और डीजीपी के साथ बैठक की थी। इसमें ये फैसला लिया गया कि दोनों राज्य लगातार बातचीत के जरिए सीमा के विवाद को सुलझाने का प्रयास करेंगे।

दरअसल असम और मिजोरम 164.6 किलोमीटर की बॉर्डर को साझा करते हैं। इसमें असम के कछार, हैलाकांडी और करीमगंज जिलों और मिजोरम के कोलासिब, ममित और आइजोल जिलों के बीच बॉर्डर हैं।

इसी हफ्ते सोमवार को मिजोरम पुलिस द्वारा की गई गोलीबारी में असम के पांच पुलिसकर्मियों और एक आम नागरिक की मौत हो गई थी। साथ ही 50 अन्य घायल हो गए थे। घायल एक अन्य पुलिसकर्मी की मंगलवार को मौत हो गई। मिजोरम से लगती असम के कछार और हैलाकांडी जिलों की सीमा पर अक्टूबर 2020 से तनाव है और वहां मकानों को जलाने एवं जमीन पर अतिक्रमण करने की घटनाएं होती रही हैं।

(भाषा इनपुट)

टॅग्स :असमनरेंद्र मोदीकांग्रेसअमित शाहरणदीप सुरजेवाला
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