लाइव न्यूज़ :

Article 370: जम्मू कश्मीर में पाबंदियों पर सुप्रीम कोर्ट ने लगाई फटकार, जानिए फैसले की 10 बड़ी बातें

By आदित्य द्विवेदी | Updated: January 10, 2020 11:44 IST

केन्द्र सरकार ने जम्मू कश्मीर को विशेष राज्य का दर्जा प्रदान करने वाले संविधान के अनुच्छेद 370 के अधिकांश प्रावधान समाप्त करने के बाद वहां लगाये गये प्रतिबंधों को 21 नवंबर 2019 को सही ठहराया था।

Open in App
ठळक मुद्देकेन्द्र सरकार ने पांच अगस्त 2019 को जम्मू कश्मीर को विशेष राज्य का दर्जा देने वाले संविधान के अनुच्छेद 370 के अनेक प्रावधान खत्म कर दिये थे।कांग्रेस के नेता गुलाम नबी आजाद और अन्य की याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट ने आज (10 जनवरी 2020) को सुनवाई की है।

आर्टिकल 370 हटाने के बाद से पाबंदियों झेल रहे जम्मू कश्मीर पर सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुनाया है। अपने फैसले में कोर्ट ने धारा 144 और इंटरनेट पर लगातार पाबंदी के मुद्दे पर सख्त टिप्पणी की है। इसके साथ ही राज्य सरकार को आदेश दिए हैं कि एक हफ्ते में सभी प्रकार के प्रतिबंधों की समीक्षा की जाए। जस्टिस एनवी रमणा की अध्यक्षता वाली बेंच में जस्टिस आर सुभाष रेड्डी और जस्टिस बीआर गवई ने यह महत्वपूर्ण फैसला दिया है। कश्मीर में जारी पाबंदियों के खिलाफ कई जनहित याचिकाएं सुप्रीम कोर्ट में दाखिल की गई थीं।

जानिए सुप्रीम कोर्ट के फैसले की 10 बड़ी बातें...

1. जम्मू-कश्मीर में हिंसा का एक इतिहास रहा है। विरोध के बावजूद दो तरीके के विचार सामने आते हैं। लोकतंत्र में लोगों को असहमति जताने का पूरा अधिकार है।

2. राज्य सरकार को इंटरनेट की पाबंदी, धारा 144, यात्रा पर रोक जैसे सभी आदेशों को प्रकाशित करना होगा।

3. सात दिनों के अंदर सभी प्रकार के प्रतिबंधों के आदेश की समीक्षा करनी होगी।

4. सुप्रीम कोर्ट ने एक कमेटी का गठन किया है। जो सरकार के फैसलों की समीक्षा करेगी और सात दिन के अंदर अदालत को रिपोर्ट सौपेंगी।

5. राज्य सरकार को आदेश दिए हैं कि वह तुरंत ई-बैंकिंग और ट्रेड सर्विस को शुरू करे।

6. इंटरनेट बैन पर सरकार को विचार करना चाहिए। बिना वजह इंटरनेट पर बैन नहीं लगाया जा सकता है। यह लोगों के अभिव्यक्ति की आजादी के अधिकार का हिस्सा है।

7. कांग्रेस नेता गुलाम नबी आजाद, अनुराधा बसिन समेत कई अन्य नेताओं ने सुप्रीम कोर्ट में पाबंदियों के खिलाफ याचिका दायर की थी।

8. सुप्रीम कोर्ट ने जम्मू-कश्मीर प्रशासन से अस्पतालों, शैक्षणिक संस्थानों जैसी आवश्यक सेवाएं प्रदान करने वाली सभी संस्थाओं में इंटरनेट सेवाओं को बहाल करने के लिए कहा।

9. केन्द्र सरकार ने जम्मू कश्मीर को विशेष राज्य का दर्जा प्रदान करने वाले संविधान के अनुच्छेद 370 के अधिकांश प्रावधान समाप्त करने के बाद वहां लगाये गये प्रतिबंधों को 21 नवंबर को सही ठहराया था।

10. धारा 144 का इस्तेमाल किसी के विचारों को दबाने के लिए नहीं किया जा सकता।

टॅग्स :सुप्रीम कोर्टधारा ३७०जम्मू कश्मीर
Open in App

संबंधित खबरें

भारतअल्केमिस्ट एसेट रिकंस्ट्रक्शन कंपनी प्राइवेट लिमिटेड केस से अलग हुए सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश न्यायमूर्ति केवी विश्वनाथन, आखिर कारण

कारोबारदर्द कोई समझे, रील्स से बर्बादी तक?, कैसे पर्यटक और कंटेंट क्रिएटर्स पंपोर सरसों खेतों को पहुंचा रहे हैं नुकसान?

कारोबारईरान में फिर से फंसे सैकड़ों कश्मीरी छात्र?, 7 दिन के लिए बंद अजरबैजान सीमा

भारतगंदरबल एनकाउंटर: 7 दिन में रिपोर्ट पेश करो?, जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने एक्स पर लिखा

क्राइम अलर्टमालदा में 7 न्यायिक अधिकारी को बनाया बंधक?, बागडोगरा हवाई अड्डे से मुख्य आरोपी अधिवक्ता मोफक्करुल इस्लाम अरेस्ट, अब तक 35 अरेस्ट, वीडियो

भारत अधिक खबरें

भारत'Three Allegations, Zero Truth': आम आदमी पार्टी द्वारा राज्यसभा की भूमिका से हटाए जाने के बाद राघव चड्ढा का जवाब

भारतMadhya Pradesh: अनूपपुर ज़िले में चार-मंज़िला होटल गिरने से मलबे में कई लोगों के फँसे होने की आशंका, एक की मौत

भारततमिलनाडु चुनावों के लिए BJP का टिकट न मिलने के बाद अन्नामलाई ने दिया अपना स्पष्टीकरण

भारतलखनऊ सहित यूपी के 17 शहरों में कूड़े का अंबार?, मतदान करने असम गए हजारों सफाईकर्मी, 12 अप्रैल को लौंटेगे?

भारतबारामती विधानसभा सीटः सुनेत्रा पवार के खिलाफ प्रत्याशी ना उतारें?, सीएम देवेंद्र फडणवीस ने कहा- निर्विरोध जिताएं, सभी दलों से की अपील