लाइव न्यूज़ :

अनुच्छेद-370 खत्मः शिवसेना ने मोदी सरकार से पूछा-श्रीनगर के लाल चौक पर युवकों को राष्ट्रीय ध्वज फहराने से क्यों रोका गया?

By भाषा | Updated: October 28, 2020 13:18 IST

शिवसेना ने अपने मुखपत्र ‘सामना’ में प्रकाशित संपादकीय में पूछा कि अनुच्छेद-370 के ज्यादातर प्रावधान निष्प्रभावी करने के बाद जम्मू-कश्मीर में क्या बदलाव आया है? पार्टी ने साथ ही कहा कि ‘हिन्दुत्व का मतलब राष्ट्रवाद है।’’

Open in App
ठळक मुद्देतीन युवकों ने सोमवार को श्रीनगर के लाल चौक पर जब तिरंगा फहराने की कोशिश की तो उन्हें हिरासत में ले लिया गया था।केंद्र सरकार द्वारा सुरक्षा मुहैया कराई गई जबकि जो युवक कश्मीर में तिरंगा फहरा रहे थे, उन्हें पुलिस अपने साथ ले गई।संपादकीय में कहा गया कि मुंबई में तिरंगा फहराया जाता है, इसका मतलब है कि यह ‘पाकिस्तान नहीं है।

मुंबईः शिवसेना ने बुधवार को सवाल किया कि अनुच्छेद-370 के ज्यादातर प्रावधान निरस्त किए जाने के बावजूद श्रीनगर के लाल चौक पर कुछ युवकों को राष्ट्रीय ध्वज फहराने से क्यों रोका गया?

शिवसेना ने अपने मुखपत्र ‘सामना’ में प्रकाशित संपादकीय में पूछा कि अनुच्छेद-370 के ज्यादातर प्रावधान निष्प्रभावी करने के बाद जम्मू-कश्मीर में क्या बदलाव आया है? पार्टी ने साथ ही कहा कि ‘हिन्दुत्व का मतलब राष्ट्रवाद है।’’ उल्लेखनीय है खुद को जम्मू-कश्मीर के कुपवाड़ा जिले के भाजपा कार्यकर्ता बता रहे तीन युवकों ने सोमवार को श्रीनगर के लाल चौक पर जब तिरंगा फहराने की कोशिश की तो उन्हें हिरासत में ले लिया गया था।

शिवसेना के मुखपत्र ने अभिनेत्री कंगना रनौत का नाम लिए बिना लिखा, ‘‘नकली मर्दानी जिसने मुंबई को पाकिस्तान के कब्जे वाला कश्मीर कहा, उसको केंद्र सरकार द्वारा सुरक्षा मुहैया कराई गई जबकि जो युवक कश्मीर में तिरंगा फहरा रहे थे, उन्हें पुलिस अपने साथ ले गई।’’

सामना ने लिखा, ‘‘देश जानना चाहता है कि युवा क्यों लाल चौक पर तिरंगा नहीं फहरा सकते हैं? इसका मतलब है कि कश्मीर में हालात नहीं सुधरे हैं।’’ संपादकीय में कहा गया कि मुंबई में तिरंगा फहराया जाता है, इसका मतलब है कि यह ‘पाकिस्तान नहीं है।’’

साथ ही लिखा, ‘‘तिरंगे का अपमान वहां होता है जहां पर पाकिस्तानी हस्तक्षेप है।’’ सामना ने कंगना का नाम लिए बिना कहा कि कश्मीर में तिरंगा नहीं फहराने देने पर अभिनेत्री को अपनी नाराजगी जाहिर करनी चाहिए। उल्लेखनीय है कि कंगना ने मुंबई की तुलना पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर से की थी जिसको लेकर विवाद उत्पन्न हो गया था।

संपादकीय में दावा किया कि जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला ने केंद्र शासित प्रदेश में अनुच्छेद-370 को बहाल करने के लिए चीन की मदद लेने की बात कही थी। ‘सामना’ ने राष्ट्रीय ध्वज को लेकर पीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती के बयान की भी निंदा की।

मुखपत्र ने कहा, ‘‘यह देशद्रोह है।’’ उल्लेखनीय है कि नेशनल कांफ्रेस ने सोमवार को कहा था कि पार्टी अध्यक्ष ने ऐसी कोई टिप्पणी नहीं की है। शिवसेना ने दावा किया कि अनुच्छेद-370 के ज्यादातर प्रावधान निरस्त किए जाने के करीब एक साल बाद भी कश्मीर में एक रुपये का निवेश नहीं आया और बेरोजगार युवक एक बार फिर हथियार उठा रहे हैं और स्थानीय नेता उन्हें भ्रमित कर रहे हैं। 

टॅग्स :जम्मू कश्मीरआर्टिकल 35A (अनुच्छेद 35A)धारा ३७०भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी)भारत सरकारमहबूबा मुफ़्तीशिव सेनाउद्धव ठाकरेसंजय राउत
Open in App

संबंधित खबरें

कारोबारदर्द कोई समझे, रील्स से बर्बादी तक?, कैसे पर्यटक और कंटेंट क्रिएटर्स पंपोर सरसों खेतों को पहुंचा रहे हैं नुकसान?

कारोबारईरान में फिर से फंसे सैकड़ों कश्मीरी छात्र?, 7 दिन के लिए बंद अजरबैजान सीमा

भारतगंदरबल एनकाउंटर: 7 दिन में रिपोर्ट पेश करो?, जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने एक्स पर लिखा

भारतअमरनाथ यात्रा पर पहलगाम नरसंहार की परछाई?, सुरक्षा सबसे बड़ी चिंता, 29 जून को पूजा और 17 जुलाई से शुरू?

भारतJammu-Kashmir: पाक की ओर से जम्मू सीमा पर गोलीबारी, भारतीय रिमोटली पायलटेड एयरक्राफ्ट पर हमले की कोशिश नाकाम

भारत अधिक खबरें

भारतदलित समुदाय के 22 फीसदी वोट पर जमीन अखिलेश की निगाह , 14 अप्रैल पर अंबेडकर जयंती पर गांव-गांव में करेगी कार्यक्रम

भारतराघव चड्ढा पर आतिशी का बड़ा आरोप, 'BJP से डरते हैं, अगला कदम क्या होगा?'

भारतउत्तर प्रदेश उपचुनाव 2026ः घोसी, फरीदपुर और दुद्धी विधानसभा सीट पर पड़ेंगे वोट?, 2027 विस चुनाव से पहले सेमीफाइनल, सीएम योगी-अखिलेश यादव में टक्कर?

भारतTamil Nadu Polls: बीजेपी कैंडिडेट्स की लिस्ट में अन्नामलाई का नाम नहीं, 'सिंघम' किए गए साइडलाइन या नई जिम्मेदारी की तैयारी

भारतमुख्यमंत्री नीतीश को जेड प्लस श्रेणी की सुरक्षा को लेकर सियासत, तेजस्वी ने कहा- ‘असम्‍मान जनक विदाई’, नीरज कुमार बोले- लालू जी की तरह परिवार को सीएम नहीं बनाएंगे?