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कश्मीर में डीएसपी दविदंर सिंह की गिरफ्तारी, CRPF ने तीन लाख से अधिक कर्मियों का ऑडिट कराया

By भाषा | Updated: January 29, 2020 14:27 IST

केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के महानिदेशक ए पी माहेश्वरी ने कहा कि पुलिस उपाधीक्षक दविदंर सिंह से जुड़ा घटनाक्रम बहुत गंभीर है और सुरक्षा बलों के लिए अत्यंत चिंता की बात है। सभी को देखना होगा कि ऐसी चीजें नहीं होनी चाहिए।

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ठळक मुद्देनक्सल रोधी अभियानों में अग्रणी रहने वाले बल के जवानों के ऑडिट की इस तरह की प्रक्रिया व्यावहारिक रूप से जरूरी है।सीआरपीएफ प्रमुख ने कहा, ‘‘अगर कहीं कुछ होता है तो हमें पुनरावलोकन करना चाहिए और यही हमने किया है।

जम्मू कश्मीर के एक पुलिस अधिकारी के हाल ही में आतंकवादियों के साथ पकड़े जाने के मद्देनजर सीआरपीएफ ने बल में किसी संभावित ‘विध्वंसकारी’ तत्व का पता लगाने के लिए तीन लाख से अधिक जवानों का बड़ा ऑडिट कराया है।

केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के महानिदेशक ए पी माहेश्वरी ने कहा कि पुलिस उपाधीक्षक दविदंर सिंह से जुड़ा घटनाक्रम बहुत गंभीर है और सुरक्षा बलों के लिए अत्यंत चिंता की बात है। सभी को देखना होगा कि ऐसी चीजें नहीं होनी चाहिए।

उन्होंने कहा कि इसलिए देश के आतंकवाद निरोधक और नक्सल रोधी अभियानों में अग्रणी रहने वाले बल के जवानों के ऑडिट की इस तरह की प्रक्रिया व्यावहारिक रूप से जरूरी है। सीआरपीएफ प्रमुख ने कहा, ‘‘अगर कहीं कुछ होता है तो हमें पुनरावलोकन करना चाहिए और यही हमने किया है। हमें अपने जवानों पर कतई संदेह नहीं है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि बल की काउंटर-इंटेलीजेंस इकाइयों से हाल ही में सभी उपलब्ध सूत्रों से आंकड़े लेकर जवानों के परिचय पत्रों की जांच करने को कहा गया था।

उन्होंने डीएसपी सिंह की गिरफ्तारी के संदर्भ में कहा, ‘‘इस तरह के घटनाक्रम के बाद किसी सुरक्षा तंत्र को कमजोर नहीं होने देना चाहिए। इसलिए सभी बलों को आंतरिक निगरानी रख्ननी होगी।’’ डीजी ने यहां संवाददाताओं से कहा, ‘‘सभी बलों को सतर्कता बरतनी होगी ताकि कोई विध्वसंक गतिविधि या बल में किसी तरह की सेंध लगने की गतिविधि नहीं हो।’’

जम्मू कश्मीर पुलिस ने 11 जनवरी को राज्य के कुलगाम जिले के मीर बाजार में सिंह को हिज्बुल मुजाहिदीन के आतंकियों नवीद बाबा और अल्ताफ के साथ गिरफ्तार किया था। एक वकील को भी गिरफ्तार किया गया था जो आतंकी संगठनों के लिए काम कर रहा था।

माहेश्वरी ने कहा कि किसी सुरक्षा बल के किसी अधिकारी का दुश्मनों के साथ तालमेल की कोशिश करना गंभीर मसला है। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि एक मात्र घटना का इस्तेमाल पूरे बल की छवि बनाने के लिए नहीं किया जा सकता जिसने अतीत में कठिन कार्य किये हैं।

सीआरपीएफ ने कश्मीर घाटी में आतंकवाद निरोधक गतिविधियों और कानून व्यवस्था संबंधी जिम्मेदारियों के लिए करीब 70 हजार जवानों को तैनात किया है। यह देश का सबसे बड़ा केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल है जिसमें 3.25 लाख अधिकारी और जवान हैं।

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