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एंटीट्रस्ट संस्था CCI ने अमेजन के दो विक्रेताओं क्लाउडटेल और अप्पारियो पर दिल्ली और बेंगलुरु में छापेमारी की: रिपोर्ट

By विशाल कुमार | Updated: April 28, 2022 13:36 IST

भारतीय खुदरा विक्रेताओं ने लंबे समय से यह तर्क दिया है कि अमेजन के मंच से कुछ बड़े विक्रेताओं को लाभ होता है, जिसमें कंपनी प्रतिस्पर्धी मूल्य निर्धारण में संलग्न होती है जो उनके व्यवसायों को नुकसान पहुंचाती है। हालांकि, कंपनी का कहना है कि वह सभी भारतीय कानूनों का पालन करती है।

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ठळक मुद्देयह छापेमारी भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग द्वारा की जा रही है। इस समय कथित उल्लंघन की प्रकृति साफ नहीं है।अमेजन के ये दो विक्रेता क्लाउडटेल और अप्पारियो हैं। कंपनी का कहना है कि वह सभी भारतीय कानूनों का पालन करती है।

नई दिल्ली: देश की एंटीट्रस्ट संस्था ने गुरुवार को ऑनलाइन रिटेल दिग्गज अमेजन इंक के दो शीर्ष घरेलू विक्रेताओं के खिलाफ प्रतिस्पर्धा कानूनों का उल्लंघन करने के आरोपों पर छापे मारे।

समाचार एजेंसी रॉयटर्स ने मामले की सीधी जानकारी रखने वाले सूत्रों के हवाले से नाम न छापने की शर्त पर इसकी जानकारी दी। विवरण सार्वजनिक नहीं होने के कारण सूत्रों ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि ये दो विक्रेता क्लाउडटेल और अप्पारियो हैं। यह छापेमारी भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (सीसीआई) द्वारा की जा रही है। इस समय कथित उल्लंघन की प्रकृति साफ नहीं है।

भारतीय खुदरा विक्रेताओं ने लंबे समय से यह तर्क दिया है कि अमेजन के मंच से कुछ बड़े विक्रेताओं को लाभ होता है, जिसमें कंपनी प्रतिस्पर्धी मूल्य निर्धारण में संलग्न होती है जो उनके व्यवसायों को नुकसान पहुंचाती है। हालांकि, कंपनी का कहना है कि वह सभी भारतीय कानूनों का पालन करती है।

एक सूत्र ने कहा कि जनवरी 2020 में सीसीआई की जांच के आदेश पर नई दिल्ली और बेंगलुरु के दक्षिणी टेक हब में छापेमारी की गई। उस मामले में अमेजन और प्रतिद्वंद्वी वॉलमार्ट के फ्लिपकार्ट पर प्रतिस्पर्धा-विरोधी प्रथाओं का आरोप लगाया जाता है, जैसे वेबसाइटों पर पसंदीदा विक्रेताओं को बढ़ावा देना और कुछ विक्रेताओं द्वारा लिस्टिंग को प्राथमिकता देना।

कंपनियां आरोपों से इनकार करती हैं और एंटीट्रस्ट की जांच जारी है। अगस्त में, अमेजन और क्लाउडटेल ने फैसला किया कि क्लाउडटेल मई 2022 से विक्रेता बनना बंद कर देगा।

पिछले साल रॉयटर्स की एक रिपोर्ट में अमेजन के दस्तावेजों के आधार पर सामने आया था कि इसने क्लाउडटेल सहित विक्रेताओं के एक छोटे समूह को वर्षों तक तरजीह दी थी और उनका इस्तेमाल भारतीय कानूनों को दरकिनार करने के लिए किया था। एंटीट्रस्ट बॉडी ने एक अदालत को बताया कि रॉयटर्स की रिपोर्ट ने अमेजन के खिलाफ मिले सबूतों की पुष्टि की। 

बता दें कि, भारत अमेजन के लिए एक प्रमुख बाजार है, जहां उसने 6.5 अरब डॉलर के निवेश की प्रतिबद्धता जताई है। लेकिन इसके साथ ही उसे कई नियामक चुनौतियों का सामना करना पड़ा है, जिसमें सख्त कानून शामिल हैं जो विदेशी ई-कॉमर्स दिग्गजों पर लागू होते हैं।

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