लाइव न्यूज़ :

स्टरलाइट विरोधी प्रदर्शन: मद्रास उच्च न्यायालय ने की कड़ी टिप्पणी

By भाषा | Updated: June 25, 2021 20:22 IST

Open in App

मदुरै/ चेन्नई, 25 जून मद्रास उच्च न्यायालय ने तूतीकोरिन में मई 2018 में हुई पुलिस गोलीबारी को लेकर शुक्रवार को कड़ी टिप्पणी करते हुए पूछा, ‘‘क्या हम लोगों को मार सकते हैं, उन पर पैसे फेंक सकते हैं और कह सकते हैं कि हमारा काम खत्म हो गया है। क्या यही वह समाज है जिसे हम बनाना चाहते हैं।’’

तूतीकोरिन में हिंसक स्टरलाइट विरोधी आंदोलन के दौरान 13 लोगों की मौत हो गई थी।

एक कार्यकर्ता हेनरी तीफाग्ने की जनहित याचिका (पीआईएल) पर आज सुनवाई करते हुए मुख्य न्यायाधीश संजीब बनर्जी ने ये सवाल उठाये। पीठ के अन्य सदस्य न्यायमूर्ति टी एस शिवगनम हैं। पीठ ने राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) को पुलिस गोलीबारी में अपनी ‘अघोषित’ जांच रिपोर्ट की एक प्रति भेजने का निर्देश दिया।

मुख्य न्यायाधीश ने प्रदूषण चिंताओं पर वेदांता कॉपर स्मेल्टर संयंत्र बंद करने की मांग को लेकर हिंसक विरोध प्रदर्शन में मारे गये पीड़ितों के परिजनों के लिए घोषित अनुग्रह राशि का जिक्र करते हुए कहा, ‘‘क्या केवल प्रभावित लोगों पर पैसे फेंक कर मामले को रफा-दफा करना संभव है?’’

मुख्य न्यायाधीश बनर्जी ने कहा, ‘‘यह कुछ हद तक चिंताजनक है कि राज्य अपनी पुलिस के माध्यम से निहत्थे प्रदर्शनकारियों पर गोलियां चला रहा है और तीन साल बाद भी किसी के खिलाफ मामला दर्ज नहीं किया गया है। यह संवैधानिक सिद्धांतों द्वारा शासित नागरिक समाज के लिए अच्छा नहीं हो सकता है कि हमें केवल परिवारों पर पैसा फेंकना है।’’ हालांकि उन्होंने कहा कि तथ्य सामने आने से पहले अभी किसी निष्कर्ष पर पहुंचने की जरूरत नहीं है, लेकिन यह जरूरी है कि तथ्य सामने आए और उन्हें सार्वजनिक किया जाए।

पीठ एक गैर सरकारी संगठन ‘पीपुल्स वॉच’ के कार्यकारी निदेशक तीफाग्ने की जनहित याचिका पर अंतरिम आदेश पारित कर रही थी। याचिका में राज्य को इस घटना पर एनएचआरसी द्वारा दर्ज मामले को फिर से खोलने के लिए निर्देश देने का अनुरोध किया गया है।

पीठ ने एनएचआरसी को इस मामले में अपनी 2018 की जांच रिपोर्ट दाखिल करने और चार सप्ताह में जवाबी हलफनामे के माध्यम से इस मुद्दे पर अपना रुख स्पष्ट करने का निर्देश दिया। मामले पर अगली सुनवाई नौ अगस्त को होगी।

गौरतलब है कि तमिलनाडु के तूतीकोरिन में 22 मई, 2018 को स्टरलाइट विरोधी प्रदर्शन हिंसक हो गया था और इस दौरान पुलिस गोलीबारी में 13 लोगों की मौत हो गई थी।

Disclaimer: लोकमत हिन्दी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।

Open in App

संबंधित खबरें

स्वास्थ्यसन फार्मा ने लॉन्च किया ‘हार्ट के लिए 8- मेकिंग इंडिया हार्ट स्ट्रॉन्ग’ कैंपेन, दिल के स्वास्थ्य को बेहतर बनाने के लिए भारतीयों से रोजाना में अच्छी आदतें अपनाने का आग्रह

क्रिकेटDC vs GT, IPL 2026: दिल्ली में बादलों का डेरा, जानें DC vs GT मैच में बारिश खेल बिगाड़ेगी या नहीं?

कारोबारRBI MPC Meeting: रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं, आरबीआई ने 5.25% को रखा बरकरार; नहीं बढ़ेगी आपकी ईएमआई

भारतनहीं रहीं मोहसिना किदवई, उत्तर प्रदेश से लेकर केंद्र की राजनीति तक, 5 दशकों तक छाई रहने वाली कांग्रेस दिग्गज नेता का निधन

विश्वइजरायल ने किया अमेरिका के सीजफायर का समर्थन, मगर हिजबुल्लाह के खिलाफ जंग रहेगी जारी

भारत अधिक खबरें

भारतDC vs GT, IPL 2026: फ्री होकर देखिए मैच, दिल्ली मेट्रो देर रात तक पहुंचाएंगी घर, DMRC ने बदली अपनी टाइमिंग

भारतनिजी जासूसी एजेंसियों को लेकर नई चिंताएं

भारतपंजाब में अमित शाह का प्रतिभा खोज अभियान?, आरिफ मोहम्मद खान ढाका जाएंगे!

भारतNagpur: पवनी सफारी में दिखा दुर्लभ ‘काला चीतल’, पर्यटकों में बढ़ा रोमांच

भारत‘अपने स्तर को नीचे न गिराएं’: मल्लिकार्जुन खड़गे के ‘गुजरात के लोग अनपढ़ हैं’ वाले बयान पर शशि थरूर की सलाह