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तालिबान पर भारत की क्या होगी रणनीति? अफगानिस्तान मसले पर मोदी सरकार ने गुरुवार को बुलाई सर्वदलीय बैठक

By विनीत कुमार | Updated: August 23, 2021 15:09 IST

भारत सरकार ने अफगानिस्तान के मसले पर चर्चा के लिए सर्वदलीय बैठक बुलाने का फैसला किया है। ये बैठक 26 अगस्त को बुलाई है। तालिबान पर भारत की ओर से कोई भी आधिकारिक बयान अभी तक नहीं आया है।

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ठळक मुद्देअफगानिस्तान में खराब होते हालात के बीच भारत सरकार ने बुलाई है सर्वदलीय बैठक।यह सर्वदलीय बैठक 26 जुलाई को होगी, मीटिंग में तालिबान पर भारत के स्टैंड को लेकर भी बात हो सकती है।भारत सरकार का अभी तक अफगानिस्तान मुद्दे पर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है।

अफगानिस्तान में काबुल समेत लगभग सभी इलाकों पर तालिबान के कब्जे के बाद बदल रही परिस्थिति को देखते हुए भारत सरकार ने सर्वदलीय बैठक बुलाई है। नरेंद्र मोदी सरकार ने ये बैठक 26 अगस्त को सुबह 11 बजे बुलाई है। इसमें अफगानिस्तान के मसले पर चर्चा होगी। साथ ही तालिबान पर भारत के स्टैंड को लेकर भी बात हो सकती है।

गौरतलब है कि तालिबान को लेकर भारत की ओर से कोई भी आधिकारिक बयान नहीं आया है। इस बीच सरकार का ध्यान वहां फंसे लोगों को जल्द से जल्द सुरक्षित बाहर निकालने पर है। अफगानिस्तान में पिछले कुछ सालों में भारत ने बड़ा निवेश भी किया है। ऐसे में तालिबान का अफगानिस्तान में सत्ता में आना भारत के लिए चुनौती है।

इस बीच सोमवार को ही विदेश मंत्री एस जयशंकर ने ट्वीट कर बताया कि पीएम मोदी ने सभी राजनीतिक दलों के फ्लोर लीडर्स को अफगानिस्तान के मसले पर जानकारी देने का निर्देश दिया है। उन्होंने ट्वीट किया, 'अफगानिस्तान के घटनाक्रम को देखते हुए पीएम नरेंद्र मोदी ने विदेश मंत्रालय को राजनीतिक दलों के फ्लोर लीडर्स को जानकारी देने का निर्देश दिया है। संसदीय कार्य मंत्री प्रह्लाद जोशी आगे की विस्तृत जानकारी देंगे।'

विदेश मंत्री के इस ट्वीट पर हालांकि राहुल गांधी ने जवाब देते हुए पूछा था कि 'मोदी जी इस पर क्यों नहीं बोल सकते..या फिर उन्हें इस बात की जानकारी नहीं है कि अफगानिस्तान में क्या चल रहा है?'

अफगानिस्तान में फंसे भारतीयों को निकालने पर जोर

अफगानिस्तान में खराब होते हालात के बीच पिछले एक हफ्ते में सैकड़ो भारतीयों को निकाला गया है। सोमवार को ही भारत के 146 नागरिक कतर की राजधानी से चार अलग-अलग विमानों के जरिये स्वदेश पहुंच पहुंच गए। 

इन लोगों को अमेरिका और नाटो के विमान के जरिए पिछले कुछ दिन में काबुल से दोहा लाया गया था। इससे पहले कल करीब 400 लोग अलग-अलग उड़ानों से भारत लाए गए थे। इसमें दो सिख अफगान सांसद सहित कुछ और देशों के नागरिक भी शामिल थे।

बता दें कि 17 अगस्त को पीएम मोदी ने सुरक्षा पर कैबिनेट कमेटी की बैठक की अध्यक्षता की थी और अधिकारियों से अफगानिस्तान में फंसे भारतीयों को सुरक्षित निकाले जाने को सुनिश्चित करने के लिए कहा था। 

विदेश मंत्रालय ने भी कहा है कि सरकार भारतीयों की सुरक्षित वापसी के लिए प्रतिबद्ध है। मंत्रालय के अनुसार सबसे बड़ी चुनौती काबुल एयरपोर्ट पर में उड़ानों का सूचारू रूप से चलना है। ऐसे में नागरिकों को दूसरे देशों के रास्ते भी भारत लाया जा रहा है।

टॅग्स :अफगानिस्तानतालिबाननरेंद्र मोदी
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