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अखिलेश यादव अब पार्टी में महिलाओं को देंगे बढ़ावा! समाजवादी सबला-सुरक्षा वाहिनी का गठन, संगठन में मिलेगी जिम्मेदारी

By राजेंद्र कुमार | Updated: August 20, 2024 17:15 IST

समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव ने भी अब पार्टी महिलाओं को बढ़ावा देना का फैसला किया है. जिसके चलते रक्षा बंधन के दिन अखिलेश यादव ने पार्टी में समाजवादी सबला-सुरक्षा वाहिनी का गठन किया है. इस संगठन के जरिए महिलाओं के मुद्दों को लेकर आवाज बुलंद की जाएगी.

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ठळक मुद्देसमाजवादी सबला-सुरक्षा वाहिनी का गठन कर अखिलेश ने की शुरुआतपार्टी नेताओं के बेटियों को संगठन में मिलेगी ज़िम्मेदारी!चुनावों में भी बड़ी संख्या में महिलाओं को मिलेगा टिकट

लखनऊ: कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने तीन साल पहले उत्तर प्रदेश की राजनीति में महिलाओं की भागीदारी में इजाफा करने के लिए कई कदम उठाए थे. उन्होने विधानसभा चुनाव में महिलाओं को 40 प्रतिशत टिकट देना का ऐलान कर बड़ी संख्या में महिलाओं को चुनाव मैदान में उतारा था. समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव ने भी अब पार्टी महिलाओं को बढ़ावा देना का फैसला किया है. जिसके चलते रक्षा बंधन के दिन अखिलेश यादव ने  पार्टी में समाजवादी सबला-सुरक्षा वाहिनी का गठन किया है. इस संगठन के जरिए महिलाओं के मुद्दों को लेकर आवाज बुलंद की जाएगी. राजनीति में सक्रिय तमाम महिलाओं और पार्टी नेताओं की बेटियों को इस संगठन में ज़िम्मेदारी दी जाएगी, उन्हे चुनाव मैदान में उतारा भी जाएगा.

अखिलेश का कथन 

अखिलेश यादव के अनुसार, यह वाहिनी स्त्री-संरक्षणीकरण की नवीन अवधारणा को जन-जन तक ले जाएगी और नारी के प्रति दृष्टिकोण में सकारात्मक परिवर्तन लाकर, सामाजिक सोच में आमूलचूल परिवर्तन लाएगी. नारी को समावेशी विकास का हिस्सा बनाएगी. इसके जरिए नारी के मुद्दों और मामलों की चिंता केवल कहकर नहीं रह जाएगी, बल्कि बीते कल से सबक लेते हुए दूरगामी ठोस कदम भी उठाए जाएंगे. यही नहीं समाजवादी सबला-सुरक्षा वाहिनी महिलाओं के आत्मविश्वास को बढ़ाने के लिए उनके आर्थिक सबलीकरण और नारी-सुरक्षा जैसे विषयों के विविध कार्यक्रमों के माध्यम से उनके चतुर्दिक सशक्तीकरण को सुनिश्चित करने का अति महत्वपूर्ण कार्य करेगी. 

अखिलेश के मुताबिक स्त्री शक्ति का प्रतीक भी होनी चाहिए और प्रमाण भी. इसलिए समाज के सभी वर्गों और तबकों की स्त्री-शक्ति से आह्वान और अनुरोध है कि वे समाजवादी सबला-सुरक्षा वाहिनी से जुड़ने के लिए आगे आएं और अपनी कुशलता व हुनर से अन्य स्त्रियों को आर्थिक-सामाजिक रूप से समर्थ-सबल बनाने में अपना योगदान दें.

अखिलेश की मंशा 

सपा मुखिया अखिलेश यादव ने पार्टी में समाजवादी सबला-सुरक्षा वाहिनी के गठन का एक मकसद से किया है. इसके जरिए अखिलेश पार्टी के एक नई छवि गढ़ने की तैयारी में हैं. अखिलेश चाहते हैं कि राजनीति में पढ़ी लिखी महिलाएं सक्रिय हों. अपनी इसी सोच के तहत उन्होने बीते विधानसभा और लोकसभा चुनाव में कई युवा महिलाओं को चुनाव मैदान में उतारा. जिनमें से 14 महिलाएं चुनाव जीतकर विधायक बनी. 

इसी तरह संसद में डिंपल यादव, प्रिया सरोज, रुचि वीरा और इकरा हसन जब किसी मुद्दे को उठती हैं तो मोदी सरकार भी उसे गंभीरता से लेती है. यहीं वजह है कि यूपी की राजनीति में गठबंधन की राजनीति में पीडीए (पिछड़े, दलित और अल्पसंख्यक) की सोशल इंजीनियरिंग का फार्मूला लागू करने वाले अखिलेश ने अब वकील, डाक्टर, प्रोफेसर और इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर चुकी महिलाओं को पार्टी के मंच से राजनीति की फील्ड में उतराने की योजना तैयार की है. इसके लिए ही उन्होंने उक्त वाहिनी का गठन किया है. 

अखिलेश का मानना है कि उक्त वाहिनी के गठन से पार्टी की छवि में बदलेगी क्योंकि सूबे में सपा कभी भी महिलाओं की पहली पसंद नहीं रही. भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और बहुजन समाज पार्टी (बसपा) हमेशा ही सपा को गुंडों की पार्टी कहती रही है. इन दलों के इस आरोप का सपा नेता अभी तक ठीक से जवाब नहीं दे पाते थे, लेकिन अब उक्त वाहिनी की पढ़ी लिखी महिलाएं भाजपा और बसपा के ऐसे आरोपों का तगड़ा जवाब देकर भाजपा और बसपा की बोलती बंद करेंगी. चुनाव मैदान भी इस वाहिनी में सक्रिय महिलाओं को उतारा जाएगा.

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