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फर्जी और उकसाने वाली सामग्री पोस्ट करने वाले 75 से अधिक सोशल मीडिया खातों पर सरकार ने कार्रवाई की, पीएम के खिलाफ हिंसक सामग्री पोस्ट की थी

By विशाल कुमार | Updated: January 9, 2022 08:02 IST

घृणा भरी पोस्ट पर व्यापक कार्रवाई के बीच सूत्रों ने कहा कि जिस आपत्तिजनक सामग्री पर कार्रवाई की गई है वह कैबिनेट की एक ब्रीफिंग के फर्जी वीडियो से संबंधित है। सोशल मीडिया हैंडल पर डाले गए इस फर्जी वीडियो में प्रधानमंत्री के खिलाफ हिंसक विषयवस्तु और हिंदू महिलाओं के लिए अपमानजनक बयान दर्शाए गए हैं। 

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ठळक मुद्दे3 ट्विटर हैंडल, चार यूट्यूब चैनल और इंस्टाग्राम पर एक गेम को बंद करा दिया गया है।लोगों ने सूचना प्रौद्योगिकी राज्यमंत्री राजीव चंद्रशेखर को टैग किया था।प्रधानमंत्री के खिलाफ हिंसक विषयवस्तु और हिंदू महिलाओं के लिए अपमानजनक बयान दर्शाए गए हैं। 

नई दिल्ली: इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (एमईआईटीवाई) ने फर्जी और उकसाने वाली सामग्री पोस्ट करने वाले 73 ट्विटर हैंडल, चार यूट्यूब चैनल और इंस्टाग्राम पर एक गेम को बंद करा दिया गया है। एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी ने इसकी जानकारी दी।

लोगों ने इन सोशल मीडिया खातों पर पोस्ट सामग्री को लेकर सूचना प्रौद्योगिकी राज्यमंत्री राजीव चंद्रशेखर को टैग किया था जिसके बाद यह कार्रवाई की गई।

घृणा भरी पोस्ट पर व्यापक कार्रवाई के बीच सूत्रों ने कहा कि जिस आपत्तिजनक सामग्री पर कार्रवाई की गई है वह कैबिनेट की एक ब्रीफिंग के फर्जी वीडियो से संबंधित है। सोशल मीडिया हैंडल पर डाले गए इस फर्जी वीडियो में प्रधानमंत्री के खिलाफ हिंसक विषयवस्तु और हिंदू महिलाओं के लिए अपमानजनक बयान दर्शाए गए हैं। 

चंद्रशेखर ने शनिवार को ट्वीट किया, ‘‘सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय में सुरक्षित और विश्वसनीय इंटरनेट के लिए कार्यबल काम कर रहा है। जिन हैंडल से ट्विटर, यूट्यूब, फेसबुक और इंस्टाग्राम पर फर्जी/भड़काऊ सामग्रील डालने का प्रयास किया गया है, उन पर रोक लगा दी गई है।’’ मंत्री ने कहा कि इस तरह के खातों को चलाने वालों की पहचान की जा रही है ताकि कानून के तहत कार्रवाई की जा सके।

चंद्रशेखर ने शुक्रवार को एक ट्वीट का जवाब दिया जिसमें उनसे अनुरोध किया गया था कि ‘प्रधानमंत्री को दर्शाने वाले बहुत हिंसक वीडियो के निर्माताओं’ के खिलाफ कार्रवाई की जाए। 

मंत्री ने जवाब में कहा, ‘‘काम जारी है। मंत्रालय इंटरनेट को सुरक्षित और भरोसेमंद रखने की तथा मध्यवर्तियों को सामग्री के लिए बहुत गंभीरता से जवाबदेह ठहराने की जिम्मेदारी लेता है।

पिछले सप्ताह मंत्रालय ने मुस्लिम महिलाओं की ऑनलाइन बोली लगाने और उन्हें अपमानित करने वाले मामले में साइबर सुरक्षा घटनाओं और संबंधित खतरों की निगरानी के लिए नोडल एजेंसी भारतीय कंप्यूटर आपातकालीन प्रतिक्रिया प्रणाली (सीईआरटी-इन) से एक उच्च स्तरीय कमेटी बनाने के लिए कहा था।

आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव और अन्य मंत्रालयों के निर्देश के बाद, दिल्ली पुलिस ने पिछले हफ्ते चार लोगों को गिरफ्तार किया है, जिसमें वेबसाइट बनाने के पीछे का मास्टरमाइंड होने का दावा करने वाले एक 21 वर्षीय युवक शामिल है।

कम से कम 100 मुस्लिम महिलाओं की छेड़छाड़ की गई तस्वीरें ऑनलाइन पोस्ट की गईं। गिटहब ने बाद में सामग्री को हटा दिया, लेकिन कई ट्विटर यूजर्स ने महिलाओं को टैग किया और वेबपेज के स्क्रीनशॉट पोस्ट किए।

टॅग्स :सोशल मीडियाMinistry of Electronics and Information Technologyनरेंद्र मोदीट्विटरइंस्टाग्राम
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