अगर आप अक्सर चीजें रखकर भूल जाते हैं या कोई बात याद नहीं रहती तो हो सकता है कि आपमें भूलने की बीमारी के लक्षण दिखने लगे हों लेकिन नियमित व्यायाम करके या घर के रोजाना के काम करके स्मरण शक्ति बरकरार रखी जा सकती है।एक शोध के अनुसार, अधिक उम्र के जिन वयस्कों में अल्जाइमर के लक्षण दिखने शुरू हो जाते हैं वो अगर रोज व्यायाम या घर के दैनिक काम करें तो इससे याददशत को बनाए रखा जा सकता है। शोध से पता चला है कि स्वास्थ्य सुधारने, मस्तिष्क पर रक्षात्मक असर पैदा करने के लिए व्यायाम सबसे सस्ता उपाय है।
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अल्जाइमर रोग का कारण
अल्जाइमर रोग होने का सटीक कारण ज्ञात नहीं है, फिर भी निदान के अनुसार, यह पाया जाता है कि मस्तिष्क समय के साथ सिकुड़ने लगता है। सबसे पहले इसका असर हमारे मस्तिष्क पर पड़ता है जो याददाश्त को कम करने का कारण बनता है। वैज्ञानिक अन्वेषण के अनुसार, लक्षण दिखाई देने से पहले जीवनशैली में परिवर्तन होने लगता है। मस्तिष्क की कोशिकाओं के चारों ओर एमीलोइड प्लेक नामक एक प्रोटीन दिखने लगता है। मस्तिष्क कोशिकाओं के भीतर टाऊ नामक एक दूसरे प्रोटीन के इकट्ठा होने से गांठे बनने लगती हैं। अल्जाइमर रोग से ग्रस्त लोगों के मस्तिष्क में एक न्यूरोट्रांसमीटर एसिटाइलॉक्लिन का स्तर कम हो जाता है।
अल्जाइमर रोग की पहचान कैसे करें?
अल्जाइमर रोग का केवल लक्षणों से पहचान नहीं की जा सकती है। अल्जाइमर रोग के लक्षणों में हैं-
- नई चीजों को समझने की क्षमता में कमी- भटकाव - बात को दोहराना और एक ही बात बार-बार पूछना- व्यवहार और समझ में परिवर्तन- संवेदनाओं की कमी- चेहरों और वस्तुओं को पहचानने में असमर्थता- पढ़ने में कठिनाई - चीजों को इधर-उधर रखना- गलत निर्णय और निर्णय लेने में कठिनाई- चिंता और भटकाव- अनिद्रा, भ्रम और भयावहता- बोलने में कठिनाई
(भाषा इनपुट के साथ)