लाइव न्यूज़ :

तमिलनाडु के इंजीनियर ने डिस्टिल्ड वाटर पर चलने वाले इंजन की खोज की, भारत के इंकार के बाद जापान सरकार ने किया लांच

By लोकमत न्यूज़ डेस्क | Updated: May 12, 2019 14:51 IST

विश्व में यह अपने तरह का पहला तकनीक है जहां हाइड्रोजन को इंधन के रूप में इस्तेमाल किया जाता है. मशीन ऑक्सीजन रिलीज़ करती है. उन्होंने कहा कि उनका सपना था कि इस तकनीक को भारत में ही लांच किया जाए.

Open in App
ठळक मुद्देएस.कुमारस्वामी के मुताबिक, यह तकनीक कुछ ही दिनों में जापान सरकार लोगों के सामने प्रस्तुत करने जा रही है. एस कुमारस्वामी ने मीडिया से कहा कि इस तकनीक को विकसित करने में उन्हें 10 साल लगा.

तमिलनाडु के कोयंबटूर से आने वाले मैकेनिकल इंजीनियर ने एक ऐसे इंजन की खोज की है जो डिस्टिल्ड वाटर के द्वारा संचालित होती है. एस कुमारस्वामी ने मीडिया से कहा कि इस तकनीक को विकसित करने में उन्हें 10 साल लगा. 

उन्होंने कहा कि विश्व में यह अपने तरह का पहला तकनीक है जहां हाइड्रोजन को इंधन के रूप में इस्तेमाल किया जाता है. मशीन ऑक्सीजन रिलीज़ करती है.

उन्होंने कहा कि उनका सपना था कि इस तकनीक को भारत में ही लांच किया जाए. लेकिन प्रशासन के दरवाजे पर बार-बार दस्तक देने के बाद भी उन्हें सकारात्मक रिस्पांस नहीं मिला. 

इसके बाद उन्होंने जापान सरकार से संपर्क किया. जहां उन्हें इस तकनीक को पब्लिक करने का अवसर मिलने वाला है. 

 

एस.कुमारस्वामी के मुताबिक, यह तकनीक कुछ ही दिनों में जापान सरकार लोगों के सामने प्रस्तुत करने जा रही है.  

टॅग्स :तमिलनाडुजापान
Open in App

संबंधित खबरें

कारोबारबुलेट ट्रेन परियोजना को व्यावहारिक बनाने की चुनौती

विश्वउत्तर कोरिया के मिसाइल परीक्षण से हड़कंप! जापान और दक्षिण कोरिया हाई अलर्ट पर, PM ताकाइची ने कसी कमर

विश्वआखिर क्यों जापानी पत्रकार को इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स ने किया अरेस्ट?, विदेश मंत्री तोशिमित्सु मोतेगी ने कहा- एक रिहा, अभी भी जेल में दूसरा शख्स

कारोबारजापान, ऑस्ट्रेलिया ने कहा- नो?, 7 देशों से युद्धपोत भेजने की मांग?, होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को झटका?

विश्वकुरोसावा की राशोमन, जॉर्जेस सीमेनॉन की किताबें और नीचा नगर

पाठशाला अधिक खबरें

पाठशालास्प्रिंगर नेचर ने ICSSR, दिल्ली में 'इंडिया रिसर्च टूर' के तीसरे संस्करण को दिखाई हरी झंडी

पाठशालापढ़ाई पर है पूरा ज़ोर, नहीं रहेगा बच्चा कमजोर

पाठशालासत्यार्थी समर स्कूल: 11 देशों के प्रतिभागियों ने किया दिल्ली और राजस्थान आश्रम का दौरा

पाठशालाJEE Advanced: मन में है विश्वास हम होंगे कामयाब?, लगन और जुनून तो मंज़िल मुश्किल नहीं

पाठशालारूस-यूक्रेन के डर के बीच किर्गिस्तान में मेडिकल पढ़ाई को मिल रहा नया ठिकाना