लाइव न्यूज़ :

शिक्षा मंत्रालय की नई पॉलिसी, स्कूल बैग का भार शरीर के वजन के 10 प्रतिशत से अधिक न हो, दूसरी कक्षा तक होम वर्क नहीं

By सतीश कुमार सिंह | Updated: December 9, 2020 21:27 IST

केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय ने 2020 नई शिक्षा नीति तय कर दी है। दूसरी कक्षा के छात्र होमवर्क नहीं करेंगे। परिसर में शुद्ध पेयजल हमेशा रहें।

Open in App
ठळक मुद्देवजन करने वाली डिजिटल मशीनें विद्यालय परिसर में रखें।नियमित आधार पर स्कूल के बैग के वजन की निगरानी करें।

नई दिल्लीः केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय ने नई शिक्षा पॉलिसी तय कर दी है। स्कूल बैग का भार शरीर के वजन के 10 प्रतिशत से अधिक नहीं होना चाहिए। नई नीति में कहा गया है कि दूसरी कक्षा तक होम वर्क नहीं दिया जाएगा। 

केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय ने स्कूल बैग पर अपनी नई नीति में दूसरी कक्षा तक गृह कार्य नहीं देने, स्कूलों में वजन करने वाली डिजिटल मशीनें रखने और परिसर में पेय जल उपलब्ध कराने जैसी सिफारिश की हैं। साथ में पहियों वाले बैगों पर रोक लगाने की भी अनुशंसा की है।

नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुरूप की गई सिफारिशों में कक्षा एक से 10वीं तक के विद्यार्थियों के स्कूल बैग का भार उनके शरीर के वजन के 10 प्रतिशत से अधिक नहीं होना चाहिए। इसमें कहा गया है कि इस क्षेत्र में किए गए शोध अध्ययन के आधार पर स्कूल बैग मानक भार को लेकर अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों की सिफारिश है और यह सार्वभौमिक तौर पर स्वीकार की जाती है। स्कूलों से कहा है गया है कि वे वजन करने वाली डिजिटल मशीनें विद्यालय परिसर में रखें और नियमित आधार पर स्कूल के बैग के वजन की निगरानी करें।

नीति दस्तावेज में कहा गया है कि पहिये वाले बैग पर रोक लगनी चाहिए

नीति दस्तावेज में कहा गया है कि पहिये वाले बैग पर रोक लगनी चाहिए क्योंकि सीढ़ियां चढ़ते वक्त यह बच्चे को चोटिल कर सकते हैं। उसमें कहा गया है कि स्कूलों को यह सुनिश्चित करने की आवश्यकता है कि जो सुविधाएं उन्हें अनिवार्य रूप से प्रदान करनी चाहिए, विद्यालय उन्हें पर्याप्त मात्रा और अच्छी गुणवत्ता में उपलब्ध कराएं जैसे मध्याह्न भोजन ताकि बच्चे घर से टिफिन जैसे सामान लेकर नहीं आएं।

नीति दस्तावेज में कहा गया है कि स्कूल या कक्षा के समय को लचीला बनाने की जरूरत है और बच्चों को खेल एवं शारीरिक शिक्षा तथा स्कूलों में पाठ्य पुस्तकों के अलावा किताबें पढ़ने का पर्याप्त समय दिया जाए। नीति में कहा गया है कि दूसरी कक्षा तक कोई गृह कार्य नहीं दिया जाए और नौवीं से 12वीं कक्षा के विद्यार्थियों को रोजाना अधिकतम दो घंटे का गृह कार्य दिया जा सकता है।

इसमें कहा गया है कि तीसरी, चौथी और पांचवीं कक्षा के विद्यार्थियों को हफ्तें में अधिकतम दो घंटे का गृह कार्य दिया जा सकता है। छठीं से आठवीं कक्षा के विद्यार्थियों को अधिकतम एक घंटे का गृह कार्य दिया जाना चाहिए। 

टॅग्स :शिक्षा मंत्रालयएजुकेशन बजट इंडियारमेश पोखरियाल निशंकनरेंद्र मोदी
Open in App

संबंधित खबरें

भारतप्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का जाति जनगणना को टालने का इरादा?, जयराम रमेश ने कहा- ‘अर्बन नक्सल की सोच’ पर माफी मांगे पीएम

भारतKarnataka: बेंगलुरु में दीवार गिरने से हुई जनहानि पर पीएम मोदी ने जताया शोक, पीड़ितों के लिए मुआवजे का ऐलान; अब तक 7 की मौत

भारत200 सीट जीतेंगे और नंदीग्राम-भवानीपुर से हार रहे सुवेंदु अधिकारी?, एग्जिट पोल पर भड़के टीएमसी उम्मीदवार मदन मित्रा

भारत15 साल बाद ममता बनर्जी की विदाई?, बंगाल में पहली बार बीजेपी सरकार?, 4 एग्जिट पोल में भाजपा और 2 में तृणमूल कांग्रेस को बढ़त, देखिए सीट आंकड़े

भारतगुजरात स्थानीय निकाय चुनावः बीजेपी 483 से 937, कांग्रेस 55 से 95 और आप 27 से 4 सीट?, देखिए 2026 बनाम 2021 आंकड़े

पाठशाला अधिक खबरें

पाठशालास्प्रिंगर नेचर ने ICSSR, दिल्ली में 'इंडिया रिसर्च टूर' के तीसरे संस्करण को दिखाई हरी झंडी

पाठशालापढ़ाई पर है पूरा ज़ोर, नहीं रहेगा बच्चा कमजोर

पाठशालासत्यार्थी समर स्कूल: 11 देशों के प्रतिभागियों ने किया दिल्ली और राजस्थान आश्रम का दौरा

पाठशालाJEE Advanced: मन में है विश्वास हम होंगे कामयाब?, लगन और जुनून तो मंज़िल मुश्किल नहीं

पाठशालारूस-यूक्रेन के डर के बीच किर्गिस्तान में मेडिकल पढ़ाई को मिल रहा नया ठिकाना