लाइव न्यूज़ :

यूपीएससी परीक्षा में फर्जीवाड़ा कर बन गया डिप्टी कमिश्नर, सीबीआई जांच में खुलासा, बेतिया का रहने वाला राजेश ऐसे पकड़ा गया

By एस पी सिन्हा | Updated: August 11, 2021 20:13 IST

बिहार में बेतिया का रहने वाला राजेश कुमार ने संघ लोक सेवा आयोग यानी यूपीएससी की परीक्षा में फर्जीवाड़ा किया.

Open in App
ठळक मुद्देसाल 2007 में आयोजित परीक्षा में फर्जीवाड़ा कर डिप्टी कमिश्नर बन गया. सीबीआई ने जब पूरे मामले की जांच की तो हकीकत सामने आ गई.फर्जी प्रमाण पत्र के आधार पर आईआरएस की परीक्षा पास कर सेंट्रल जीएसटी के कार्यालय में डिप्टी कमिश्नर हो गया.

पटनाः बिहार में हैरत में डाल देने वाली एक घटना सामने आई है. यहां का एक युवक फर्जी डिग्री का सहारा लेकर डिप्टी कमिश्नर बन गया. मामला यूपीएससी यानी देश की सबसे बड़ी परीक्षा में फर्जीवाडे़ से जुड़ा है. सीबीआई ने जांच के दौरान इस नटवरलाल की हकीकत को सामने लाया है.

जिसके बाद अब सीबीआई कोर्ट में उपस्थित होने का समन भी जारी कर दिया गया है. बताया जाता है कि बेतिया का रहने वाला राजेश कुमार ने संघ लोक सेवा आयोग यानी यूपीएससी की परीक्षा में फर्जीवाड़ा किया. साल 2007 में आयोजित परीक्षा में फर्जीवाड़ा कर डिप्टी कमिश्नर बन गया. सीबीआई ने जब पूरे मामले की जांच की तो हकीकत सामने आ गई.

उसने सर्टिफिकेट में हेराफेरी के जरिए राजेश नवनीत कुमार बन गया और फर्जी प्रमाण पत्र के आधार पर वह आईआरएस की परीक्षा पास कर सेंट्रल जीएसटी के कार्यालय में डिप्टी कमिश्नर हो गया. पटना में मुख्य कमिश्नर के कार्यालय में डिप्टी कमिश्नर बनकर नवनीत अपनी सेवा दे रहा था. इसका खुलासा सीबीआई ने अपनी जांच में किया है.

राजेश कुमार ने जन्म प्रमाण पत्र और शैक्षणिक प्रमाण पत्र में हेराफेरी कर खुद को नवनीत कुमार बना लिया. इसकी शिकायत सामने आने पर सीबीआई ने 2019 में जालसाजी, धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर अपनी जांच शुरू कर दी. सीबीआई ने इस मामले में अपना अनुसंधान पूरा कर लिया है. 30 जुलाई को पटना सीबीआई कोर्ट में राजेश कुमार (फर्जी नाम- नवनीत कुमार) के खिलाफ चार्जशीट दायर किया है.

कोर्ट ने अपराध की कई अलग-अलग धाराओं के तहत मामले में संज्ञान लिया है. आरोपित को सीबीआई कोर्ट में हाजिर होने का समन जारी हुआ है. कोर्ट ने इस मामले में आरोपित राजेश कुमार उर्फ नवनीत कुमार को कोर्ट में उपस्थित होने के लिए समन जारी करने का निर्देश भी दिया है.

सीबीआई ने जो जांच की है, उसमें पाया गया है कि राजेश कुमार पिता जय नारायण शर्मा पश्चिम चंपारण के बेतिया का रहने वाला है और जवाहर नवोदय विद्यालय में 1987 में उसने पढाई की. उसके जन्म प्रमाण पत्र में 5 दिसंबर 1974 है.

राजेश ने एक अपराधिक साजिश के तहत जन्म प्रमाण पत्र और शैक्षणिक प्रमाण पत्र में किया और यूपीएससी की परीक्षा 2007 में आईआरएस क्वालीफाई कर लिया और सेंट्रल जीएसटी में डिप्टी कमिश्नर बन बैठा. लेकिन बाद में सारी पोल खुलकर सामने आ गई.

टॅग्स :क्राइम न्यूज हिंदीपटनासंघ लोक सेवा आयोग
Open in App

संबंधित खबरें

क्राइम अलर्टबास्केटबॉल हुप पर पुल-अप्स कर रहे थे समुद्री इंजीनियरिंग संस्थान में 20 वर्षीय कैडेट विशाल वर्मा?, बैकबोर्ड गिरने से मौत

क्राइम अलर्ट365 दिन में 4000 करोड़ रुपए से ज्यादा की जीएसटी चोरी?, 1500 करोड़ रुपए एसटीएफ ने पकड़े

क्राइम अलर्टसरपंच साहब पैसा चाहिए तो 6.37 लाख रुपये रिश्वत दो?, प्रथम श्रेणी अधिकारी विलास लाड अरेस्ट

क्राइम अलर्टमैडम दुकान के सामने गाड़ी मत लगाओ, ग्राहक को आने में दिक्कत होगी?, 78 वर्षीय दुकानदार को महिला उपनिरीक्षक ने थप्पड़ मारा, प्राथमिकी दर्ज

क्राइम अलर्टशिक्षा संस्थाओं में भी अंधविश्वास का घेरा! 

क्राइम अलर्ट अधिक खबरें

क्राइम अलर्टपंजाब पुलिस ने सीमा पार से मादक पदार्थ तस्करी गिरोह का भंडाफोड़ किया, 2 गिरफ्तार, 4.13 किलोग्राम हेरोइन बरामद

क्राइम अलर्टबिहार के मोतिहारी जिले में जहरीली शराब कांड में मरने वालों की संख्या हुई 10, कई लोगों की स्थिति अभी भी गंभीर

क्राइम अलर्टबिहार की राजधानी पटना से सटे खगौल में अपराधियों ने खुद को कस्टम अधिकारी बताकर स्वर्ण व्यापारियों से लूटा 16 किग्रा सोना

क्राइम अलर्टयूपी के मदरसे में शिक्षकों ने 10 साल के बच्चे को पीटा, एक ने उसे पकड़कर रखा, दूसरे ने डंडे से मारा, VIDEO

क्राइम अलर्टMotihari News: बिहार पुलिस ने मदरसे में की छापेमारी, पीएफआई से सांठगांठ का संदेह