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निर्भया के दोषियों को फांसी देने की तारीख नहीं फिक्स कर रहे जज, दे रहे हैं साथ, कोर्ट के बाहर मां ने की नारेबाजी, देखिए वीडियो

By भाषा | Updated: February 12, 2020 17:10 IST

पवन गुप्ता (25), विनय कुमार शर्मा (26), अक्षय कुमार (31) और मुकेश कुमार सिंह (32) को एक फरवरी को सुबह छह बजे फांसी दी जानी थी। दूसरी बार मृत्यु वारंट पर तामील टाली गई थी। पहली बार चारों दोषियों को 22 जनवरी को फांसी देने का मृत्यु वारंट जारी किया गया था।

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ठळक मुद्देनिचली अदालत परिसर के बाहर बुधवार को विरोध प्रदर्शन किया। अदालत ने कहा कि कोई भी दोषी अपनी अंतिम सांस तक कानूनी सहायता पाने का हकदार है।

निर्भया की मां ने कहा, जज दोषियों को फांसी देने की तारीख नहीं फिक्स कर रहे और दोषियों का ही साथ दे रहे हैं। मैं अपील करती हूं कि सुप्रीम कोर्ट डेथ वॉरंट जारी करे क्योंकि पटियाला हाउस कोर्ट ऐसा नहीं करना चाहता है।

निर्भया की मां ने अपनी बेटी के सामूहिक बलात्कार एवं हत्या मामले में चार दोषियों को फांसी पर लटकाये जाने में देरी किये जाने को लेकर यहां एक निचली अदालत परिसर के बाहर बुधवार को विरोध प्रदर्शन किया। दिल्ली की एक अदालत ने निर्भया सामूहिक बलात्कार एवं हत्या मामले में मौत की सजा का इंतजार कर रहे चार दोषियों में से एक पवन गुप्ता को एक वकील उपलब्ध कराने की पेशकश की।

अदालत ने कहा कि कोई भी दोषी अपनी अंतिम सांस तक कानूनी सहायता पाने का हकदार है। इसके बाद निर्भया की मां ने निचली अदालत परिसर के बाहर विरोध प्रदर्शन किया। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश धर्मेंद्र राणा ने पवन की ओर से विलंब करने पर नाराजगी जताई जिसने कहा कि उसने अपने पहले वाले वकील को हटा दिया है और नया वकील करने के लिए उसे समय चाहिए।

जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (डीएलएसए) ने पवन के पिता को वकील चुनने के लिए अपने पैनल में शामिल अधिवक्ताओं की एक सूची उपलब्ध कराई। निर्भया के माता-पिता और दिल्ली सरकार ने मंगलवार को अदालत का रूख कर दोषियों के खिलाफ नया मृत्यु वारंट जारी करने का अनुरोध किया था।

पवन गुप्ता (25), विनय कुमार शर्मा (26), अक्षय कुमार (31) और मुकेश कुमार सिंह (32) को एक फरवरी को सुबह छह बजे फांसी दी जानी थी। दूसरी बार मृत्यु वारंट पर तामील टाली गई थी। पहली बार चारों दोषियों को 22 जनवरी को फांसी देने का मृत्यु वारंट जारी किया गया था।

इस पर 17 जनवरी को स्थगन दिया गया था। उसी दिन फिर उन्हें एक फरवरी को फांसी देने के लिए दूसरा वारंट जारी किया गया जिस पर अदालत ने 31 जनवरी को ‘‘अगले आदेश तक’’ रोक लगा दी थी। 

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