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मथुरा के राजकीय संप्रेक्षण गृह की खिड़की तोड़कर 14 किशोर बंदी भागे, सात पकड़े गए, सात की तलाश जारी

By भाषा | Updated: July 30, 2020 14:21 IST

मथुरा जनपद संप्रेक्षण गृह (बच्चा जेल) से 14 किशोर खिड़की तोड़कर फरार हो गए। जानकारी मिलते ही पुलिस ने घेराबंदी कर उनमें से सात को पकड़कर लिया बाकि 7 की तलाश जारी है।

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ठळक मुद्देउत्तर प्रदेश के मथुरा से 106 किशोर बंदियों में से 14 किशोर खिड़की तोड़कर फरार हो गए।घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस ने घेराबंदी कर उनमें से सात को पकड़कर फिर वहीं पहुंचा दिया।

मथुरा: उत्तर प्रदेश के मथुरा जनपद में जिलाधिकारी आवास के निकट स्थित राजकीय संप्रेक्षण गृह (बच्चा जेल) में निरुद्ध 106 किशोर बंदियों में से 14 किशोर बृहस्पतिवार तड़के तीन बजे कमरे की खिड़की तोड़कर फरार हो गए। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस ने घेराबंदी कर उनमें से सात को पकड़कर पुनः वहीं पहुंचा दिया। बाकी सात को पकड़े जाने के प्रयास जारी हैं।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ गौरव ग्रोवर ने बताया, ‘‘थाना सदर क्षेत्र में नलवा पथ से विकास खण्ड कार्यालय जाने वाले मार्ग पर स्थित राजकीय बाल संप्रेक्षण गृह (किशोर) में वर्तमान में 106 किशोर बंदी निरुद्ध हैं। जिनमें से 14 किशोर एक कमरे की खिड़की उखाड़कर भाग रहे थे। उन्हें इस प्रकार भागते देख कमरे के बाहर तैनात गार्ड ने उसी समय इसकी जानकारी पुलिस को दी।’’

उन्होंने बताया, ‘‘तुरंत ही कई टीमें बनाकर तलाशी अभियान शुरु कर दिया गया और कुछ ही घण्टों में 14 में से 7 बच्चों को पकड़कर पुनः वहीं पहुंचा दिया गया। सात अन्य फरार बच्चों की खोज में टीमें लगी हुई हैं। उनके ठिकानों की जानकारी के लिए पकड़े गए बच्चों से पूछताछ की जा रही है।’’

गौरतलब है कि घटना की जानकारी मिलते ही जिलाधिकारी सर्वज्ञराम मिश्र एवं एसएसपी ग्रोवर ने मौके पर पहुंचकर घटना का जायजा लिया और वहां मौजूद केयरटेकर व गार्डों से जानकारी हासिल की। संप्रेक्षण गृह के केयरटेकर हरिश्चंद्र ने बताया, ‘‘भागने वाले किशोर गंभीर अपराधों में निरुद्ध हैं। वे कई दिन से सुविधाओं में बढ़ोतरी की मांग करते हुए हंगामा कर रहे थे। लेकिन वे खिड़की उखाड़कर भाग सकते हैं, इसके बारे में जरा भी शक नहीं था।’’

उन्होंने बताया, ‘वैसे, इससे पूर्व 17 मार्च को भी पांच किशोर बंदी होमगार्ड के साथ मारपीट कर भाग चुके हैं। लेकिन उन सभी को तत्काल ही खोजबीन कर पकड़ लिया गया था। वैसे, यहां क्षमता तो केवल 30 बच्चों को रखने की है, लेकिन इस समय तीन गुने से भी अधिक 106 बच्चे रखे जा रहे हैं। इसलिए सभी को उनकी जरूरत के मुताबिक सुविधाएं दे पाने में थोड़ी दिक्कत तो आती है।’’

एसएसपी ने कहा, ‘‘जनपद के सभी थाना प्रभारियों और जिन क्षेत्रों से बच्चों को लाया गया था, उन सभी के पुलिस अधिकारियों को ताकीद कर बाल कैदियों को पकड़ने के निर्देश दिए गए हैं। इस घटना में यदि किसी भी सरकारी कर्मचारी की लापरवाही या संलिप्तता पाई गई तो उसके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।’’

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