नागपुर में ‘रेडिएशन’ की धमकी, संघ मुख्यालय और स्मृतिमंदिर में रेडियोएक्टिव पदार्थ डालने का दावा
By फहीम ख़ान | Updated: April 29, 2026 17:34 IST2026-04-29T17:33:55+5:302026-04-29T17:34:39+5:30
नागपुर के पुलिस आयुक्त को मिला गुमनाम पत्र, दोसर भवन चौक के पास डेटोनेटर रखने का भी किया गया दावा.

file photo
नागपुर: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के महाल स्थित मुख्यालय और रेशीमबाग के डॉ. हेडगेवार स्मृतिमंदिर परिसर में रेडियोएक्टिव पदार्थ डाले जाने का दावा एक गुमनाम पत्र के जरिए किया गया है. यह पत्र नागपुर के पुलिस आयुक्त डॉ. रविंद्रकुमार सिंगल को भेजा गया. ‘डीएसएस’ नामक संगठन ने यह पत्र भेजने का दावा किया है, जिसमें संघ के खिलाफ आपत्तिजनक भाषा का भी इस्तेमाल किया गया है. पत्र के सामने आते ही हड़कंप मच गया और एटीएस ने सभी जगहों पर जांच शुरू कर दी. 27 अप्रैल को डाक के माध्यम से पुलिस आयुक्त कार्यालय में यह पत्र पहुंचा.
अंग्रेजी में लिखे इस पत्र में दावा किया गया है कि संघ मुख्यालय, रेशीमबाग में स्थित स्मृतिमंदिर और मेट्रो में ‘सीजियम-137’ नामक रेडियोएक्टिव पाउडर डाला गया है. पत्र में कहा गया कि यह पाउडर बेहद खतरनाक है और इससे कई स्वयंसेवक प्रभावित हो सकते हैं.
आरोपियों ने यह भी दावा किया कि ऑरेंज और एक्वा लाइन की मेट्रो ट्रेन, साथ ही भाजपा-संघ कार्यालय के रास्ते पर चलने वाली ‘आपली बस’ में भी यह पाउडर डाला गया है. मेट्रो की सीटों पर पाउडर डालने की बात भी कही गई है. पत्र में यह भी लिखा गया कि यह पाउडर उन्हें एक कैंसर अस्पताल से मिला और अब पूरा नागपुर रेडिएशन के खतरे में है. साथ ही तारापुर परमाणु ऊर्जा केंद्र के विशेषज्ञों से जांच कराने की बात भी कही गई है.
शरारत या गंभीर धमकी?
इस पत्र के बाद तुरंत एटीएस की टीम मौके पर पहुंची. पत्र में जिन स्थानों का जिक्र था, वहां एनडीआरएफ और परमाणु ऊर्जा विशेषज्ञों की मदद से जांच की गई, लेकिन कहीं भी कोई संदिग्ध पदार्थ नहीं मिला. इस मामले में एटीएस की शिकायत पर सदर पुलिस थाने में मामला दर्ज किया गया है. यह किसी की शरारत है या जानबूझकर दी गई धमकी, इसकी जांच अभी जारी है.
‘अब असली खेल शुरू’...
कुछ दिन पहले नागपुर शहर के दोसर भवन मेट्रो स्टेशन के पीछे डॉ. उज्ज्वल लांजेवार के घर के सामने खाली जगह से डेटोनेटर और जिलेटिन की छड़ें मिली थीं. पत्र में दावा किया गया है कि ये विस्फोटक भी उन्होंने ही रखे थे और यह सिर्फ एक चेतावनी थी. असली खेल अब शुरू हुआ है, ऐसा भी पत्र में लिखा गया है.