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बिहारः भ्रष्टाचार मामले एक आईएएस व दो आईपीएस पर शिकंजा, गया के पूर्व जिलाधिकारी अभिषेक कुमार सिंह पर प्राथमिकी दर्ज, जानें मामला

By एस पी सिन्हा | Updated: May 19, 2022 18:28 IST

गया के पूर्व आइजी व आईपीएस अधिकारी अमित लोढ़ा और पूर्व एसएसपी आदित्य कुमार से जुडे़ भ्रष्टाचार मामलों की जांच के लिए डीजीपी से अनुरोध किया गया है. 

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ठळक मुद्देगया के पूर्व जिलाधिकारी अभिषेक कुमार सिंह पर प्राथमिकी दर्ज की गई.बडे़ पैमाने पर कीमती वृक्षों की अवैध कटाई और हथियारों के लाइसेंस देने में बडे़ पैमाने पर अनियमितता बरतने का आरोप लगा था.अभिषेक कुमार बुडको के एमडी भी रह चुके हैं.

पटनाः बिहार में एक आईएएस और दो आईपीएस अधिकारियों पर भ्रष्टाचार के मामले में शिकंजा कस गया है. आईएएस अधिकारी व गया के पूर्व जिलाधिकारी अभिषेक कुमार सिंह पर प्राथमिकी दर्ज की गई है, जबकि गया के पूर्व आइजी व आईपीएस अधिकारी अमित लोढ़ा और पूर्व एसएसपी आदित्य कुमार से जुडे़ भ्रष्टाचार मामलों की जांच के लिए डीजीपी से अनुरोध किया गया है. 

 

बताया जाता है कि त्रिपुरा कैडर के आईएएस अधिकारी अभिषेक कुमार सिंह पर गया के जिलाधिकारी रहने के दौरान डीएम आवासीय परिसर में बडे़ पैमाने पर कीमती वृक्षों की अवैध कटाई और हथियारों के लाइसेंस देने में बडे़ पैमाने पर अनियमितता बरतने का आरोप लगा था. इसके बाद उनका तबादला कर दिया गया था.

साथ ही उन्हें गृह कैडर त्रिपुरा भेज दिया गया. अभिषेक कुमार बुडको के एमडी भी रह चुके हैं. उस दौरान भी उन पर अनियमितता के आरोप लगे थे. वहीं, गया का मामला प्रकाश में आने के बाद उनके खिलाफ विशेष निगरानी इकाई (एसयूवी) में प्राथमिकी दर्ज की गई है. 

जबकि, तत्कालीन आइजी अमित लोढ़ा और एसएसपी आदित्य कुमार से जुड़े मामलों की जांच के लिए डीजीपी से अनुरोध किया गया है. दोनों के खिलाफ एक महीने में जांच कराने के अनुरोध किया गया है. जांच के आधार पर दोनों के खिलाफ एसयूवी प्राथमिकी दर्ज करेगी. इस मामले में फतेहपुर थाना प्रभारी भी जांच के दायरे में हैं.

मगध रेंज के पूर्व आईजी अमित लोढ़ा और गया के एसएसपी रहे आदित्य कुमार पर भी कई गंभीर आरोप हैं. सूत्रों के मुताबक विभागीय कार्रवाई के साथ यदि मामला भ्रष्टाचार से जुड़ा पाया जाता है तो इस संबंध में अलग से कार्रवाई की जाएगी. वहीं, दोनों अधिकारी गया से जुडे़ कई मामलों में आपस में भिड़ गए थे. तीनों अधिकारी एक ही समय में गया में कार्यरत थे. कुछ माह पहले राज्य सरकार ने रातों रात तीनों अधिकारियों का स्थानांतरण कर दिया था. 

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