लाइव न्यूज़ :

यूट्यूब ने क्रिएटर्स के लिए जारी की गाइडलाइंस, अब AI समेत इस तरह के वीडियो पर करना होगा खुलासा

By आकाश चौरसिया | Updated: March 19, 2024 14:39 IST

आर्टिफिसियल इंटेलिजेंस (AI) इस आधुनिक युग में काफी एडवांस हो गया है, इस कारण दूसरी कंपनी और कई अन्य प्लेटफॉर्म भी एआई जनरेटेड कॉन्टेंट को लेकर यूट्यूब अब पैनी नजर रखने जा रहा है। 

Open in App
ठळक मुद्देयूट्यूब ने जारी की गाइडलाइंस नए क्रिएटर्स और तथ्यों से परे चल रहे वीडियो को इस परिधि के अंदर यूट्यूब ने रखा हैसाथ ही ये भी कहा कि अगर कोई भी ऐसा बार-बार करता है तो वो उसे दंड भुगतना पड़ेगा

नई दिल्ली: आर्टिफिसियल इंटेलिजेंस (AI) इस आधुनिक युग में काफी एडवांस हो गया है, इस कारण दूसरी कंपनी और कई अन्य प्लेटफॉर्म भी एआई जनरेटेड कॉन्टेंट को लेकर यूट्यूब अब पैनी नजर रखने जा रहा है। गौरतलब है कि इस बीच एआई मॉडल में पारदर्शिता की कमी हुई, यहां तक कि फोटो, वीडियो या ऑडियो रिकॉर्डिंग ही क्यों न हो अब इसे भी लेकर यूट्यूब एक्शन लेने के मूड में है। इसके जवाब में अब यूट्यूब ने घोषणा करके नई गाइडलाइंस जारी कर दी है। ये सभी बिंदु आर्टिफिसियल इंटेलिजेंस को लेकर यूट्यूब ने अपनी सतर्कता बरती है। 

यूट्यूब ने कहा कि कोई भी क्रिएटर रियल दिखने वाला वीडियो, परिवर्तित या सिंथेटिक मीडिया का उपयोग करके बनाया गया वीडियो, इसमें एआई से जनरेट किया गए वीडियो पर भी उसी अनुसार लेबल मार्क करना होगा। प्लेटफॉर्म ने परिभाषित किया कि रियल दिखने वाली सामग्री को ऐसे परोसता है, जैसे कि वो रियल हो, इसलिए दर्शकों के बीच गलत जानकारी जाती है।   

क्रिएटर्स सिंथेटिक मीडिया का उपयोग करके रियल दिखने वाले वीडियो या कोई अतिरिक्त चेहरे की फुटेज में ऐसा किया, तो उसे अब लेबल करना होगा। इसी के साथ मिलती-जुलती असल इवेंट या जगह की फुटेज, जैसे शहरों के परिदृश्य को संशोधित करने पर अब इसी बात की निष्पक्षता तौर पर खुलासा करना होगा। 

यूट्यूब अपनी ओर से चेतावनी देते हुए कहा कि जो भी इस नियम का पालन करने में कहीं न कहीं नाकामयाब रहता है तो उसे पेनाल्टी देनी होगी। इसके साथ ही ये भी बताया कि बार-बार ऐसा करने वालों को इसके दायरे में रखा जाएगा, इसलिए अच्छा हो कि लेबल मार्क कर दे।

प्लेटफॉर्म का लक्ष्य धीरे-धीरे इन लेबलों को अपने प्लेटफॉर्म पर लागू करना है, जिसकी शुरुआत मोबाइल ऐप से होगी और बाद में डेस्कटॉप और टेलीविजन इंटरफेस तक विस्तारित की जाएगी। लेबल मुख्य रूप से विस्तारित वीडियो विवरणों में दिखाई देंगे, जो दर्शाते हैं कि सामग्री में परिवर्तित या सिंथेटिक तत्व शामिल हैं, जिसके जरिए उस नोट में डिजिटल पीढ़ी को समझ आए कि क्या सच और क्या झूठ है।

न्यूज़, चुनाव, फाइनेंस और स्वास्थ्यइस केस में यूट्यूब ने न्यूज़, चुनाव, फाइनेंस और स्वास्थ्य से जुड़े वीडियो पर उसकी प्रमाणिकता सामने जाहिर करने के लिए कहा है। इससे होगा ये कि पारदर्शिता सामने आने पर सीधा खुलासा होगा।

टॅग्स :सोशल मीडियाआर्टिफिशियल इंटेलिजेंस
Open in App

संबंधित खबरें

ज़रा हटके'चिंकी-मोमो', 'चाइनीज' कहकर किया अपमान, अरुणाचल से आई डांस टीम के साथ पटना में बदसलूकी; VIDEO वायरल

कारोबारदर्द कोई समझे, रील्स से बर्बादी तक?, कैसे पर्यटक और कंटेंट क्रिएटर्स पंपोर सरसों खेतों को पहुंचा रहे हैं नुकसान?

ज़रा हटकेVIRAL VIDEO: जब ट्रेन में जवानों के लिए 'देवदूत' बना टीटीई, सोशल मीडिया पर वायरल हुआ दिल जीतने वाला पल

क्राइम अलर्टAI के कारण अमेरिका में नौकरी खो दी?, मुस्लिम लड़की शाज़िया सिराज से शादी, बेरोजगार सॉफ्टवेयर इंजीनियर बानू चंद्र रेड्डी और पत्नी ने दी जान, सुसाइड नोट में लिखा-परिवार ने नहीं दिया साथ?

कारोबार30,000 कर्मचारियों को नौकरी से निकाल रहा है Oracle, ईमेल के बाद शुरू हुई छंटनी

कारोबार अधिक खबरें

कारोबारITR Filing 2026: ITR दाखिल करने से पहले ये बातें जान लेना है बेहद जरूरी, जानें कब से शुरू हो रही है प्रक्रिया और कैसे बचाएं पेनाल्टी

कारोबारGold Rate Today: 4 अप्रैल 2026 को सोना हुआ सस्ता, 24 कैरेट सोने की कीमत ₹ 1,52,650 प्रति 10 ग्राम

कारोबारiPhone जैसा Selfie? Realme 16 5G आया मार्केट में 7000mAh बैटरी, जानें फीचर्स

कारोबारकेरलम विधानसभा चुनावः वृद्ध आबादी 16.5 प्रतिशत?, पेंशन, स्वास्थ्य सुविधाएं और सुरक्षा सबसे बड़े चुनावी मुद्दे?, देखिए किस दल ने क्या दिया तोहफा?

कारोबारPetrol, Diesel Price Today: कहीं महंगा तो कहीं स्थिर; OMC ने दी 4 अप्रैल के पेट्रोल-डीजल रेट की अपडेट, पूरी लिस्ट यहां