लाइव न्यूज़ :

उत्तर प्रदेशः 30 दिन के लिए निलंबित?, पंजीकरण विलम्ब के कारण 25 ऑटोमोबाइल डीलरों के लाइसेंस पर एक्शन, 50 को 'कारण बताओ नोटिस'

By लोकमत न्यूज़ डेस्क | Updated: June 6, 2025 15:11 IST

Uttar Pradesh: लखनऊ, बाराबंकी, सीतापुर, कुशीनगर, मुरादाबाद और प्रयागराज सहित विभिन्न जिलों में कारोबार कर रहे इन डीलर्स को तीन जून को शुरू हुई एक माह की निलंबन अवधि के दौरान वाहन बेचने या वाहन पोर्टल पर पंजीकरण के आवेदन अपलोड करने से रोक दिया गया है।

Open in App
ठळक मुद्देबयान के मुताबिक, इन डीलरों को बार-बार चेतावनी दी गई थी।प्रदर्शन में सुधार करने या संतोषजनक जवाब देने में विफल रहे।वाहन पंजीकरण प्रक्रिया में जवाबदेही और अनुशासन को मजबूत करना है।

लखनऊः उत्तर प्रदेश परिवहन विभाग ने राज्य भर में 25 ऑटोमोबाइल डीलरों के ट्रेड लाइसेंस एक महीने के लिए निलंबित कर दिये हैं। ऐसा वाहन पंजीकरण प्रक्रियाओं का पालन करने में लगातार विफलता के कारण किया गया है। परिवहन विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने शुक्रवार को पुष्टि की कि पंजीकरण मानदंडों का उल्लंघन करने को लेकर डीलरों के खिलाफ पहली बार ऐसी अनुशासनात्मक कार्रवाई की गई है। उन्होंने बताया कि लखनऊ, बाराबंकी, सीतापुर, कुशीनगर, मुरादाबाद और प्रयागराज सहित विभिन्न जिलों में कारोबार कर रहे इन डीलर्स को तीन जून को शुरू हुई एक माह की निलंबन अवधि के दौरान वाहन बेचने या वाहन पोर्टल पर पंजीकरण के आवेदन अपलोड करने से रोक दिया गया है।

परिवहन आयुक्त कार्यालय द्वारा जारी एक बयान के मुताबिक, इन डीलरों को बार-बार चेतावनी दी गई थी और जनवरी से मई 2025 तक लंबित पंजीकरणों के विस्तृत विश्लेषण के बाद इस साल 21 अप्रैल और 15 मई को 'कारण बताओ' नोटिस जारी किये गए थे। पर्याप्त समय दिए जाने के बावजूद वे अपने प्रदर्शन में सुधार करने या संतोषजनक जवाब देने में विफल रहे।

बयान में कहा गया है, ''केंद्रीय मोटर वाहन नियम (सीएमवीआर) के नियम 39 और उत्तर प्रदेश मोटर वाहन नियम के प्रासंगिक प्रावधानों का लगातार पालन न करने के कारण यह कार्रवाई की गई है। इसका उद्देश्य वाहन पंजीकरण प्रक्रिया में जवाबदेही और अनुशासन को मजबूत करना है।''

इसी क्रम में, विभाग ने राज्य भर में उन 50 अन्य डीलरों को भी 'कारण बताओ नोटिस' जारी किया है जिनके पंजीकरण में बहुत अधिक देर हुई है। इन डीलरों को लंबित फाइलों को निपटाने के लिए 14 दिन की समय सीमा दी गई है अन्यथा उन्हें भी निलंबन का सामना करना पड़ेगा।

टॅग्स :उत्तर प्रदेशयोगी आदित्यनाथ
Open in App

संबंधित खबरें

भारतयूपी में स्थापना दिवस के जरिए लोगों के घर-घर पहुंचेगी भाजपा, लोगों को PM मोदी और योगी सरकार की उपलब्धियां बताएँगे पार्टी पदाधिकारी

क्राइम अलर्टरिजवान अहमद को दिल्ली पुलिस ने उठाया?, मोबाइल, लैपटॉप की जांच, 2017 मुंबई बम विस्फोट को लेकर कार्रवाई

ज़रा हटकेVIRAL: बुलडोजर पर सवार होकर पहुंची विधायक, वायरल हुआ अनोखा अंदाज

भारतलखनऊ सहित यूपी के 17 शहरों में कूड़े का अंबार?, मतदान करने असम गए हजारों सफाईकर्मी, 12 अप्रैल को लौंटेगे?

ज़रा हटकेVIDEO: फर्रुखाबाद में दिल दहला देने वाला हादसा, Thar से दबकर बुजुर्ग महिला की मौत

कारोबार अधिक खबरें

कारोबारअमेरिका-इजराइल और ईरान जंगः मरघट के चौकीदारों की नकेल कसिए!

कारोबारPF Withdrawal: अब एटीएम की तरह निकाल पाएंगे पीएफ का पैसा! जानें क्या हैं नई शर्तें

कारोबारIncome tax filing 2026: इनकम टैक्स पोर्टल में हुए हैं ये बदलाव, इन टिप्स को फॉलो करने से होगी समय और मेहनत की बचत

कारोबारहम घुसपैठियों के खिलाफ हैं, मुसलमानों के नहीं?, नितिन गडकरी ने कहा- असम और पश्चिम बंगाल जीत रहे?

कारोबारPetrol, Diesel Price Today: तेल संकट का असर या राहत? जानिए 5 अप्रैल को पेट्रोल-डीजल के ताजा दाम