लाइव न्यूज़ :

6 दिन और 12,257 करोड़ रुपये, टैरिफ का असर, विदेशी निवेशक निकाल रहे पैसा, अमेरिकी शुल्क चिंताओं के बीच जुलाई-अगस्त में 52690 करोड़ शेयर बाजार से निकाले

By लोकमत न्यूज़ डेस्क | Updated: September 7, 2025 16:10 IST

एंजल वन के वरिष्ठ बुनियादी विश्लेषक वकारजावेद खान ने कहा कि आने वाले सप्ताह में, एफपीआई प्रवाह अमेरिकी फेडरल रिजर्व की टिप्पणी, अमेरिकी श्रम बाजार के आंकड़ों, आरबीआई द्वारा ब्याज दरों में कटौती की उम्मीदों और रुपये की स्थिरता पर उसके रुख पर निर्भर करेगा।

Open in App
ठळक मुद्दे2025 में अबतक कुल 1.43 लाख करोड़ रुपये की निकासी कर चुके हैं।एफपीआई वापस भारतीय बाजार की ओर आकर्षित हो सकते हैं।वैश्विक और घरेलू कारकों के संयोजन ने हालिया निकासी को बढ़ावा दिया है।

नई दिल्लीः विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (एफपीआई) ने सितंबर के पहले सप्ताह में भारतीय शेयर बाजारों से 12,257 करोड़ रुपये (1.4 अरब अमेरिकी डॉलर) निकाले हैं। डॉलर में मजबूती, अमेरिकी शुल्क चिंताओं और लगातार भू-राजनीतिक तनाव के बीच एफपीआई बिकवाली कर रहे हैं। इससे पहले एफपीआई ने अगस्त में शेयरों से 34,990 करोड़ रुपये और जुलाई में 17,700 करोड़ रुपये निकाले थे। डिपॉजिटरी के आंकड़ों के अनुसार, इसके साथ ही, 2025 में अबतक विदेशी पोर्टफोलियो निवेशक शेयरों से कुल 1.43 लाख करोड़ रुपये की निकासी कर चुके हैं।

एंजल वन के वरिष्ठ बुनियादी विश्लेषक वकारजावेद खान ने कहा कि आने वाले सप्ताह में, एफपीआई प्रवाह अमेरिकी फेडरल रिजर्व की टिप्पणी, अमेरिकी श्रम बाजार के आंकड़ों, आरबीआई द्वारा ब्याज दरों में कटौती की उम्मीदों और रुपये की स्थिरता पर उसके रुख पर निर्भर करेगा।

मॉर्निंगस्टार इन्वेस्टमेंट के एसोसिएट निदेशक-प्रबंधक शोध हिमांशु श्रीवास्तव ने कहा, ‘‘हालांकि, निकट भविष्य में अस्थिरता बनी रह सकती है, लेकिन भारत की वृद्धि गाथा, जीएसटी को सुसंगत बनाने जैसे नीतिगत सुधारों और कंपनियों की आय में सुधार की उम्मीदें वैश्विक अनिश्चितताओं के कम होने पर एफपीआई वापस भारतीय बाजार की ओर आकर्षित हो सकते हैं।’’

बाजार विशेषज्ञों का मानना ​​है कि वैश्विक और घरेलू कारकों के संयोजन ने हालिया निकासी को बढ़ावा दिया है। जियोजीत इन्वेस्टमेंट्स के मुख्य निवेश रणनीतिकार वी के विजयकुमार ने कहा कि लगातार बड़े पैमाने पर घरेलू संस्थागत निवेशकों की खरीदारी से एफपीआई उच्च मूल्यांकन पर पैसा भुनाने और चीन, हांगकांग और दक्षिण कोरिया जैसे सस्ते बाजारों में पैसा लगाने में सक्षम हो रहे हैं। आंकड़ों के अनुसार, एफपीआई ने समीक्षाधीन अवधि के दौरान ऋण या बॉन्ड से सामान्य सीमा के तहत 1,978 करोड़ रुपये का निवेश किया है और स्वैच्छिक प्रतिधारण मार्ग से 993 करोड़ रुपये निकाले हैं।

टॅग्स :शेयर बाजारडॉलरभारतीय रुपया
Open in App

संबंधित खबरें

कारोबारमार्च जीएसटी संग्रहः 8.8% की वृद्धि, 200000 करोड़ रुपये से अधिक कमाई, झमाझम बरसे पैसा?

विश्वबेलगाम राजा के खिलाफ जन हुंकार के मायने

कारोबारRBI के हस्तक्षेप के बावजूद, रुपया पहली बार अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 95 के पार पहुंचा

कारोबारStock Market Holidays April 2026: ट्रेडर्स ध्यान दें! अप्रैल में इतने दिन बंद रहेगा शेयर बाजार, छुट्टियों के अनुसार ऐसे प्लान करें अपनी ट्रेडिंग स्ट्रेटजी

कारोबारIPO News: आईपीओ के बाद महत्वपूर्ण पड़ाव पर सफर, भारत के 70 से अधिक शहरों में पहुंचे

कारोबार अधिक खबरें

कारोबारहम घुसपैठियों के खिलाफ हैं, मुसलमानों के नहीं?, नितिन गडकरी ने कहा- असम और पश्चिम बंगाल जीत रहे?

कारोबारPetrol, Diesel Price Today: तेल संकट का असर या राहत? जानिए 5 अप्रैल को पेट्रोल-डीजल के ताजा दाम

कारोबारवायनाड पुनर्वासः 200 से अधिक लोगों की मौत और 5.38 करोड़ रुपये खर्च?, कांग्रेस ने धनराशि का हिसाब किया सार्वजनिक

कारोबारपुणे के विशाल भुजबल हैदराबाद में राष्ट्रीय सम्मेलन में सम्मानित

कारोबारपश्चिम एशिया संघर्षः भारत मजबूती से उभरा और हालात का डटकर मुकाबला किया?, विदेश मंत्री जयशंकर ने कहा- युद्ध से करोड़ों लोग परेशान, वीडियो