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भारतीय रुपया अपने रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंचा, एक डॉलर के मुकाबले 78.29 रुपये हुई कीमत

By रुस्तम राणा | Updated: June 22, 2022 15:18 IST

डॉलर की मजबूती के कारण कारण एशियाई मुद्राओं में गिरावट के बीच बुधवार के कारोबार में रुपया गिरकर 78.29 डॉलर प्रति डॉलर के रिकॉर्ड निचले स्तर पर आ गया।

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ठळक मुद्देपिछले सत्र में घरेलू मुद्रा 78.13 प्रति डॉलर के स्तर पर बंद हुई थीब्रेंट क्रूड वायदा 3.47 प्रतिशत गिरकर 110.67 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंचा

मुंबई: भारतीय रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले अपने रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंच गया। मजबूत डॉलर के कारण एशियाई मुद्राओं में गिरावट के बीच बुधवार के कारोबार में रुपया गिरकर 78.29 डॉलर प्रति डॉलर के रिकॉर्ड निचले स्तर पर आ गया। इससे पहले घरेलू शेयर बाजार में गिरावट और अमेरिकी डॉलर की मजबूती के चलते रुपया चार पैसे टूटकर 78.17 पर आ गया।

पिछले सत्र में घरेलू मुद्रा 78.13 प्रति डॉलर के स्तर पर बंद हुई थी। विदेशी मुद्रा कारोबारियों ने कहा कि हालांकि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में कमी आने से रुपये की गिरावट सीमित रही। 

अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 78.13 पर खुला, फिर कमजोर रुख के साथ 78.17 तक गिर गया, जो पिछले बंद भाव के मुकाबले चार पैसे की गिरावट दर्शाता है।

इस बीच वैश्विक तेल सूचकांक ब्रेंट क्रूड वायदा 3.47 प्रतिशत गिरकर 110.67 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया। छह प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले अमेरिकी डॉलर की स्थिति को दर्शाने वाला डॉलर सूचकांक 0.17 प्रतिशत की बढ़त के साथ 104.61 पर था।

अमेरिकी फेड के अध्यक्ष जेरोम पॉवेल की अमेरिकी कांग्रेस में बयान से पहले उभरते शेयर बाजरों और मुद्राओं में बिकवाली के बीच ताजा गिरावट देखी गई। उम्मीद जताई जा रही है कि पॉवेल मुद्रास्फीति पर अंकुश लगाने के लिए फेड की प्रतिबद्धता को फिर से शुरू करेंगे। इसने कई उभरती बाजार मुद्राओं के मुकाबले डॉलर को मजबूत रहने में मदद की है। ऐसे भारतीय रुपया कोई अपवाद नहीं है।

कमोडिटीज मेहता इक्विटी के वॉयस प्रेसीडेंट ने कहा कि "अमेरिकी फेडरल रिजर्व की आक्रामक ब्याज दरों में वृद्धि की योजना और एफआईआई द्वारा लगातार बिकवाली रुपये पर दबाव प्रदर्शित कर रही है। व्यापार घाटा और कच्चे तेल की ऊंची कीमतें भी रुपये के लाभ को सीमित कर रही हैं। हमें उम्मीद है कि रुपये में उतार-चढ़ाव बना रहेगा। 

बता दें कि 21 जून को भारतीय बाजारों में विदेशी संस्थागत निवेशकों द्वारा 2701.21 करोड़ रुपये की बिकवाली की। वहीं इसी दिन घरेलू संस्थागत निवेशकों ने 3,066.41 करोड़ रुपये की खरीदारी की। 

(इनपुट एजेंसी)

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