लाइव न्यूज़ :

रिजर्व बैंक मौद्रिक समीक्षा बैठक में रेपो दर में एक और वृद्धि करेगा, विशषज्ञों ने लगाया अनुमान

By भाषा | Updated: June 5, 2022 16:48 IST

आर्थिक विशेषज्ञों ने अनुमान जताया है कि रिजर्व बैंक के गवर्नर शक्तिकांत दास इस बार की समीक्षा में रेपो दरों में कम से कम 0.35 प्रतिशत की और बढ़ोतरी कर सकते हैं।

Open in App
ठळक मुद्देआरबीआई आगामी मौद्रिक नीति समीक्षा में नीतिगत दरों में एक और बढ़ोतरी कर सकता हैसंभावना है कि गवर्नर शक्तिकांत दास रेपो दरों में 0.35 प्रतिशत की और बढ़ोतरी कर सकते हैं पिछले मौद्रिक नीति समिति की बैठक में आरबीआई ने रेपो दर में 0.40 फीसदी की बढ़ोतरी की थीं

मुंबई: मुद्रास्फीति में कमी के कोई संकेत नहीं दिखने के बीच भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) बुधवार को अपनी आगामी मौद्रिक नीति समीक्षा में नीतिगत दरों में एक और बढ़ोतरी कर सकता है।

विशेषज्ञों ने यह अनुमान जताते हुए कहा कि गवर्नर शक्तिकांत दास पहले ही इसके संकेत दे चुके हैं। केंद्रीय बैंक ने पिछले महीने बिना तय कार्यक्रम के हुई मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) की बैठक में रेपो दर में 0.40 प्रतिशत की बढ़ोतरी की थीं।

ऐसी अटकलें हैं कि इस बार की समीक्षा में दरों में कम से कम 0.35 प्रतिशत की और बढ़ोतरी हो सकती है। विशेषज्ञ आने वाले महीनों में रेपो दर में और बढ़ोतरी का अनुमान जता रहे हैं।

गवर्नर दास के नेतृत्व वाली एमपीसी की तीन दिन की बैठक सोमवार से शुरू होगी। बैठक के दौरान लिए गए फैसलों की घोषणा गवर्नर बुधवार को करेंगे।

खुदरा मुद्रास्फीति अप्रैल में लगातार सातवें महीने बढ़ते हुए आठ साल के उच्चतम स्तर 7.79 प्रतिशत पर पहुंच गई है। इसकी मुख्य वजह यूक्रेन-रूस युद्ध के चलते ईंधन सहित जिंस कीमतों में बढ़ोतरी है।

थोक कीमतों पर आधारित मुद्रास्फीति 13 महीने से दो अंक में बनी हुई है और अप्रैल में यह 15.08 प्रतिशत के रिकॉर्ड उच्चस्तर को छू गई।

गवर्नर दास ने हाल ही में एक टीवी साक्षात्कार में कहा, ‘‘रेपो दरों में कुछ बढ़ोतरी होगी, लेकिन अभी मैं नहीं बता पाऊंगा कि यह कितनी होगी।’’

बैंक ऑफ बड़ौदा के मुख्य अर्थशास्त्री मदन सबनवीस ने एमपीसी की बैठक पर कहा कि यह समीक्षा वृद्धि और मुद्रास्फीति पर केंद्रीय बैंक के विचारों के लिहाज से महत्वपूर्ण है।

उन्होंने कहा, ‘‘रेपो दर में वृद्धि तो होगी, लेकिन यह 0.25-0.35 प्रतिशत से अधिक नहीं होगी, क्योंकि मई में हुई बैठक की टिप्पणियों में यह संकेत दिया गया था कि एमपीसी रेपो दर में बड़ी वृद्धि के पक्ष में नहीं थी।’’

सरकार ने मुद्रास्फीति पर काबू के लिए पेट्रोल-डीजल पर शुल्क में कटौती, कुछ खाद्य तेलों पर आयात शुल्क में कमी और गेहूं के निर्यात पर प्रतिबंध लगाने सहित कई कदम उठाए हैं।

बोफा सिक्योरिटीज ने एक रिपोर्ट में कहा कि उसे उम्मीद है कि आरबीआई जून में रेपो दर में 0.40 प्रतिशत और अगस्त में 0.35 प्रतिशत की बढ़ोतरी करेगा।

हाउसिंग डॉट कॉम, प्रॉपटाइगर डॉट कॉम और मकान डॉट कॉम के समूह मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) ध्रुव अग्रवाल ने कहा कि रिजर्व बैंक द्वारा मुद्रास्फीति को नियंत्रित करने के लिए एक बार फिर रेपो दर में वृद्धि किए जाने की संभावना है। उन्होंने साथ ही जोड़ा कि दरों में बढ़ोतरी धीरे-धीरे होनी चाहिए, क्योंकि इससे रियल एस्टेट क्षेत्र की वृद्धि प्रभावित हो सकती है।

टॅग्स :भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई)शक्तिकांत दासरेपो रेट
Open in App

संबंधित खबरें

कारोबारBank Holiday Today: घर से निकलने से पहले चेक कर लें बैंक हॉलिडे लिस्ट, बस एक क्लिक से जानें आज बैंक बंद या खुले?

कारोबारBank Holiday Today: 1 अप्रैल को बैंक जाने की गलती न करें, बंद रहेंगे पब्लिक विंडो; जानें क्या है कारण

कारोबारRBI के हस्तक्षेप के बावजूद, रुपया पहली बार अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 95 के पार पहुंचा

कारोबारBank Holidays in April 2026: अप्रैल 2026 में छुट्टियों की भरमार, समय पर निपटा लें अपने जरूरी काम

कारोबारBank Holidays Next Week: नवरात्रि, गुड़ी पड़वा के लिए अगले हफ्ते कई दिन बंद रहेंगे बैंक, पढ़ें छुट्टियों की पूरी लिस्ट

कारोबार अधिक खबरें

कारोबारPetrol, Diesel Price Today: कहीं महंगा तो कहीं स्थिर; OMC ने दी 4 अप्रैल के पेट्रोल-डीजल रेट की अपडेट, पूरी लिस्ट यहां

कारोबारपश्चिम एशिया में 10,000 से अधिक कर्मचारी?, टाटा समूह ने सहायता योजना की शुरू

कारोबारGold Rate Today: 3 अप्रैल 2026 को सोना हुआ सस्ता, 24 कैरेट सोने की कीमत ₹ 1,50,865 प्रति 10 ग्राम

कारोबारदर्द कोई समझे, रील्स से बर्बादी तक?, कैसे पर्यटक और कंटेंट क्रिएटर्स पंपोर सरसों खेतों को पहुंचा रहे हैं नुकसान?

कारोबारईरान में फिर से फंसे सैकड़ों कश्मीरी छात्र?, 7 दिन के लिए बंद अजरबैजान सीमा