लाइव न्यूज़ :

PM Vishwakarma Scheme 2023: अठारह पारंपरिक शिल्प को कवर, पीएम मोदी रविवार को करेंगे लॉन्च, 13000 करोड़ रुपये होंगे खर्च, जानें क्या है और कैसे उठाएं फायदा

By सतीश कुमार सिंह | Updated: September 15, 2023 15:29 IST

PM Vishwakarma Scheme 2023: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी रविवार को विश्वकर्मा जयंती के अवसर पर कारीगरों और शिल्पकारों के पारंपरिक कौशल को बढ़ावा देने वाली ‘पीएम विश्वकर्मा’ योजना की शुरुआत करेंगे।

Open in App
ठळक मुद्दे‘पीएम विश्वकर्मा’ के तहत अठारह पारंपरिक शिल्प को कवर किया जाएगा।प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी शुरुआत करेंगे। मछली पकड़ने का जाल बनाने वाले शामिल हैं।  

PM Vishwakarma Scheme 2023: सरकार ने शुक्रवार को कहा कि पीएम विश्वकर्मा योजना पूरे देश में शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में 18 पारंपरिक शिल्पों को कवर करेगी। यह योजना 17 सितंबर को शुरू की जाएगी, जिसे विश्वकर्मा जयंती के रूप में भी मनाया जाता है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी शुरुआत करेंगे।

इनमें बढ़ई (सुथार), नाव निर्माता, अस्त्रकार, लोहार, हथौड़ा और टूलकिट निर्माता, ताला बनाने वाला, सुनार, कुम्हार, मूर्तिकार (पत्थर तराशने वाला), पत्थर तोड़ने वाला, चर्मकार)/जूता बनाने वाला/फुटवियर कारीगर, राजमिस्त्री, टोकरी/चटाई/झाड़ू बनाने वाला, गुड़िया और खिलौना निर्माता (पारंपरिक), नाई, मालाकार, धोबी, दर्जी और मछली पकड़ने का जाल बनाने वाले शामिल हैं।  

भारतीय पौराणिक कथाओं के अनुसार, विश्वकर्मा एक दिव्य बढ़ई और कुशल शिल्पकार हैं, जिन्होंने देवताओं के हथियार बनाए और उनके नगरों और रथों का निर्माण किया। प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) ने शुक्रवार को एक बयान में यह जानकारी दी। पीएमओ के मुताबिक प्रधानमंत्री राजधानी के द्वारका स्थित इंडिया इंटरनेशनल कन्वेंशन और एक्सपो सेंटर (आईआईसीसी) में इस योजना की शुरुआत करेंगे।

केंद्र सरकार ने ‘पीएम विश्वकर्मा’ योजना को शुरू करने की घोषणा केंद्रीय बजट 2023-24 में की थी। इस योजना के लिए वित्त वर्ष 2023-24 से वित्त वर्ष 2027-28 तक वित्तीय परिव्यय 13,000 करोड़ रुपये रखा गया है। इस योजना का उद्देश्य अपने हाथों और औजारों से काम करने वाले कारीगरों और शिल्पकारों द्वारा पारंपरिक कौशल के अभ्यास को बढ़ावा देना और मजबूत करना तथा गुणवत्ता के साथ-साथ उनके उत्पादों और सेवाओं की पहुंच में सुधार करना भी है। पीएमओ ने कहा कि पारंपरिक शिल्प से जुड़े लोगों को समर्थन देने पर प्रधानमंत्री मोदी का निरंतर ध्यान रहा है।

उसने कहा, ‘‘यह ध्यान न केवल कारीगरों और शिल्पकारों को आर्थिक रूप से समर्थन देने की इच्छा से प्रेरित है, बल्कि स्थानीय उत्पादों, कला और शिल्प के माध्यम से सदियों पुरानी परंपरा, संस्कृति और विविध विरासत को जीवित और समृद्ध रखने की इच्छा से भी जुड़ा है।’’ इस योजना को 13,000 करोड़ रुपये के परिव्यय के साथ केंद्र सरकार द्वारा पूरी तरह से वित्त पोषित किया जाएगा।

इसके तहत, ‘विश्वकर्मा’ (कारीगरों व शिल्पकारों) को बायोमेट्रिक आधारित ‘पीएम विश्वकर्मा पोर्टल’ का उपयोग करके सामान्य सेवा केंद्रों के माध्यम से नि:शुल्क पंजीकृत किया जाएगा। उन्हें पीएम विश्वकर्मा प्रमाण पत्र और पहचान पत्र के माध्यम से मान्यता प्रदान की जाएगी और कौशल उन्नयन के लिए बुनियादी और उन्नत प्रशिक्षण भी दिया जाएगा।

इस योजना के तहत लाभार्थियों को 15,000 रुपये का टूलकिट प्रोत्साहन भी प्रदान किया जाएगा। पीएमओ के अनुसार योजना के तहत लाभार्थियों को पांच प्रतिशत की रियायती ब्याज दर के साथ एक लाख रुपये (पहली किश्त) और दो लाख रुपये (दूसरी किश्त) तक की ऋण सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।

इस योजना का उद्देश्य अपने हाथों और औजारों से काम करने वाले कारीगरों और शिल्पकारों द्वारा पारंपरिक कौशल के अभ्यास को बढ़ावा देना और मजबूत करना है। इसके अलावा इसका उद्देश्य गुणवत्ता के साथ-साथ विश्वकर्मा समुदाय के लोगों के उत्पादों और सेवाओं की पहुंच में सुधार करना भी है। यह योजना पूरे भारत में ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के कारीगरों और शिल्पकारों को सहायता प्रदान करेगी।

टॅग्स :नरेंद्र मोदीदिल्लीBJP
Open in App

संबंधित खबरें

भारतडिप्लोमेसी, डिनर और कोलोसियम की सैर; पीएम मोदी और जॉर्जिया मेलोनी की यादगार मुलाकात, देखें इटली दौरे की खास झलकियाँ

विश्वसवाल पूछने के अवसर और तरीके को लेकर गंभीर सवाल

भारतईमानदारी के अभाव में शातिर बन जाती है समझदारी

कारोबारबुलेट ट्रेन परियोजना को व्यावहारिक बनाने की चुनौती

कारोबारइटली और भारत के बीच रणनीतिक साझेदारी?, 2029 तक व्यापार को 20 अरब यूरो से आगे ले जाना

कारोबार अधिक खबरें

कारोबारFuel Price Today: 20 मई को पेट्रोल, डीजल और CNG की नई कीमतें घोषित, यहाँ जानें शहरवार ताजा दरें

कारोबारITR Filing 2026: घर बैठे मिनटों में दाखिल करें ITR, यहां समझें आसान तारीका

कारोबारकमलनाथ ने सरकार से पेट्रोल-डीज़ल पर 10 रुपए प्रति लीटर की कटौती की मांग की, कहा-मध्य प्रदेश जनता सबसे ज्यादा टैक्स दे रही है

कारोबारकिउल-झाझा तीसरी लाइन परियोजनाः 54 किमी और 962 करोड़ रुपये खर्च?, रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा- यात्री आवागमन, संपर्क और क्षेत्रीय औद्योगिक विकास को मजबूती

कारोबारबेंगलुरु-मुंबई एक्सप्रेस शुरू, देखिए रूट, समय और टिकट की कीमत, तुमकुरु, हुबली, बेलगावी, सांगली, कराड, सतारा, लोनांद, पुणे, लोनावला, कल्याण और ठाणे सहित 15 स्टेशनों पर रुकेगी