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पेंशन, ब्याज एक ही बैंक में आने पर 75 साल, उससे ऊपर के वरिष्ठ नागरिकों को आईटीआर भरने की जरूरत नहीं

By भाषा | Updated: February 1, 2021 18:47 IST

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नयी दिल्ली, एक फरवरी सरकार ने बजट में वरिष्ठ नागरिकों को राहत दी है। इसके तहत एक अप्रैल से शुरू वित्त वर्ष के लिये 75 साल और उससे अधिक उम्र के वरिष्ठ नागिरकों को पेंशन आय और मियादी जमाओं से मिलने वाले ब्याज के लिये आयकर रिटर्न भरने की जरूरत नहीं होगी। हालांकि इस लाभ के लिये जरूरी है कि पेंशन और ब्याज आय एक ही बैंक में आये।

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 2021-22 के अपने बजट भाषण में कहा कि देश की स्वतंत्रता के के 75वें वर्ष में हम 75 वर्ष और इससे अͬधिक आयु के वǐरिष्ठ नागǐरिकों के लिये कर-अनुपालन का बोझ कम करेंɅगे।

उन्होंने कहा, ‘‘जिन वǐरिष्ठ नागǐरिकɉ के पास केवल पेंɅशन और ब्याज से होने वालȣ आय है, उनके ͧलिए मैंɅ आयकर रिटर्न जमा करने से छूट देने का प्रस्ताव करती हूं। भुगतान करने वाला बैंक उनकीȧ आय पर आवæश्यक करȧ कटौती करेगा।’’

संवाददाताओं से बातचीत में वित्त सचिव अजय भूषण पांडे ने कहा कि आयकर रिटर्न भरने से छूट केवल उन्हीं मामलों में लागू होगी जहां ब्याज आय उस बैंक में प्राप्त होती है, जहां पेंशन आती है।

पांडे ने कहा, ‘‘जिन लोगों की उम्र 75 साल या उससे अधिक है तथा जिनकी आय एक ही बैंक में पेंशन और मियादी जमा पर ब्याज से आती है तथा उनकी आय केवल ब्याज से है, वैसे लोगों को रिटर्न भरने की जरूरत नहीं है।’’

बजट के बाद उन्होंने संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘‘बैंक दिये जाने वाली आय पर कर कटौती करेंगे और उसे सरकार के पास जमा करेंगे...।’’

उन्होंने स्पष्ट किया कि अगर वरिष्ठ नागरिकों की आय के अन्य स्रोत हैं, तो उन्हें आयकर रिटर्न भरना होगा।

नये कृषि बुनियादी ढांचा विकास उपकर के बारे में पांडे ने कहा कि इससे आम लोगों पर अतिरिक्त बोझ नहीं पड़ेगा। क्योंकि उसी अनुपात में संबंधित वस्तुओं पर सीमा शुल्क में कटौती की गयी है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘हमने 14-15 जिंसों पर कृषि बुनियादी ढांचा विकास उपकर लगाया है...इससे हम 30,000 करोड़ रुपये जुटाने की उम्मीद कर रहे हैं।’’

कृषि बुनियादी ढांचा और विकास उपकर दो फरवरी से लगाया जाएगा। यह सर्राफा, शराब, कोयला और सेब, दाल समेत कृषि उत्पाद पर लगने वाले सीमा शुल्क पर लगाया जाएगा।

हालांकि लोगों पर बोझ को कम करने के लिये इन जिंसों पर सीमा शुल्क या आयात शुल्क उसी अनुपात में कम किया गया है।

पेट्रोल पर भी 2.5 रुपये लीटर और डीजल पर 4 रुपये प्रति लीटर का उपकर लगाया गया है। लेकिन उसी अनुपात में उत्पाद शुल्क में कटौती की गयी है। अत: इस उपकर से ग्राहकों पर कोई असर नहीं पड़ेगा।

Disclaimer: लोकमत हिन्दी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।

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